IPO में Shares Allotment कैसे होता है | IPO Share Allotment Process Hindi

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क्या आप जानते है IPO में Shares Allotment कैसे होता है? IPO में Share Allotment पाने का मौका आप कैसे बढ़ा सकते है?

करोड़पति कैसे बनें | Crorepati Kaise Bane | How to Become Rich

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करोड़पति, crorepati, karodpati क्या शब्द है न, और इसी शब्द को हर कोई अपने नाम के साथ लगाने कड़ी मेहनत व स्मार्ट वर्क भी करते है | लेकिन करोड़पति कैसे बनें? crorepati बनने के लिए क्या करें ? तो चलिए आज जानते है करोड़पति बनने का अचूक उपाय, यहाँ पर मैंने "अचूक" इसलिए लिखा क्योकिं यह उपाय जो मैं बता रहा हूँ, उस रास्तें पर कई करोड़पति बनकर निकलते है| बस आपको अनुशासन रखना होता है |

Crorepati Kaise Bane

How to Become Rich

अगर आपके पास एक करोड़ आ जाते है तो आपको अमीर की उपाधि तो मिल ही जाती है, लेकिन अमीर या करोड़पति बनने के लिए क्या करना होगा| कैसे एक आम इन्सान करोड़पति बन सकता है? करोड़पति बनने के लिए क्या करना है?

करोड़पति कैसे बनें

अगर आपका लक्ष्य करोड़पति बनना है तो आपको यह निर्धारित करना होता है कि आप कितने वर्ष (10 साल, 15 साल) में करोड़पति बनना चाहते है? मतलब अगर आप 20 या 25 साल के है तो शायद आप 40 वर्ष या 45 वर्ष में करोड़पति बनना चाहते होंगे | या फिर हो सकता है कि आप और भी जल्दी करोड़पति बनना चाहते है |

How to Become Crorepati with Mutual Funds

करोड़पति बनने के लिए जो उपाय मैं बताने जा रहा हूँ उसका नाम है "म्यूच्यूअल फण्ड" जी हाँ, म्यूच्यूअल फण्ड एक ऐसा रास्ता है, जो आपको करोड़पति बनाने में मदद कर सकता है | अभी आपके मन में यह प्रश्न आ सकता है कि यह म्यूच्यूअल फण्ड क्या है?

म्यूच्यूअल फण्ड, निवेश का एक बेहतर विकल्प होता है | म्यूच्यूअल फण्ड से औसतन 15% तक का रिटर्न कमाया जा सकता है |

म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करके करोड़पति बनने के लिए, म्यूच्यूअल फण्ड का रिटर्न व आपके द्वारा निवेश किया गया पैसा ही बताता है कि आप कितनी जल्दी करोड़पति बन सकते है|

अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड में 5000 रूपये, हर महीनें SIP के जरिये निवेश करते है व आपको 12% का रिटर्न मिलता है तो आपको करोड़पति बनने में 26 साल लगेंगे | यदि आप 10000 हज़ार रूपये, हर महीने निवेश करते है व 12% का औसत रिटर्न मिलता है तो आप 21 साल में करोड़पति बनेगें |

इसी प्रकार 17 साल में करोड़पति बनने के लिए आपको 15000 रूपये हर महीनें SIP निवेश करनी है व यदि 12% का औसत रिटर्न मिलते है |

तेज़ी से करोड़पति कैसे बनें?

यदि आप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करके तेजी से करोड़पति बनना चाहते है तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होता है-

ज्यादा पैसे निवेश करना- आपने देखा जैसे-जैसे हमने निवेश के अमाउंट को 5000 से 15000 किया, करोड़पति बनने का समय 26 साल से घटकर 17 साल हो गया | मतलब आप ज्यादा पैसो का निवेश करके जल्दी करोड़पति बन सकते है |

म्यूच्यूअल फण्ड स्कीमों का विकल्प- म्यूच्यूअल फण्ड में कई विकल्प होते है, जैसे डेब्ट व इक्विटी | अगर आप डेब्ट फण्ड में निवेश करते है तो इक्विटी फण्ड से कम रिटर्न मिलते है क्योकिं डेब्ट फण्ड का पैसा सुरक्षित सिक्योरिटीज में लगाये जाते है व इनमे कम रिस्क होता है | जैसे सरकारी बांड, अच्छे रेटिंग वाले कॉर्पोरेट बांड आदि|

अगर आप इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करते है तो आपको डेब्ट फण्ड से ज्यादा रिटर्न मिलता है व इसमें रिस्क भी ज्यादा होता है क्योकि इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड का पैसा कंपनियों के शेयर में लगाये जाते है |

अगर आप इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करके जल्दी करोड़पति बनना चाहते है तो आपको इससे जुड़ें हुए सारे रिस्क को अवश्य जाने |

नोट: यह पोस्ट केवल शिक्षा/ज्ञान को बांटने के लिए है | किसी भी म्यूच्यूअल फण्ड, शेयर बाजार आदि में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जुरूर करें|

इनकम फण्ड क्या है -Income Fund Hindi

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क्या आप जानते है इनकम फण्ड क्या होता है ? और आपको इनकम फण्ड में कितने समय के लिए पैसे लगाने सही है? व Income fund के क्या-क्या फायदे है ? तो आइये देखते है इनकम फण्ड से जुड़ी सारी जानकारी को |

Income Fund Hindi

इनकम फण्ड क्या है? (Income Fund Hindi)

इनकम फण्ड एक प्रकार का डेब्ट फण्ड है, डेब्ट फण्ड जिसमे लगाया गया पैसा लॉन्ग टर्म के लिए डेब्ट सिक्योरिटीज जैसे गवर्मेंट बांड, डिबेंचर, कॉर्पोरेट बांड आदि में निवेश किया जाता है |

इनकम फण्ड उन निवेशकों के लिए बेहतर आप्शन होता है जो 4 साल के लिए व मीडियम रिस्क के साथ अपना पैसा निवेश करना चाहते है | सेबी के अनुसार इनकम फण्ड दो केटेगरी के हो सकते है

मीडियम से लॉन्ग टाइम - इस तरह के फण्ड में आप कभी भी पैसा लगा सकते है, यह फण्ड ओपन एंडेड डेब्ट फण्ड होता है | इस तरह के फण्ड का पैसा 4-7 वर्ष के लिए मनी मार्केट व बांड जैसे सिक्योरिटीज में निवेश किया जाता है |

लॉन्ग टाइम - इस प्रकार के फण्ड में आप 7 से अधिक वर्ष के लिए अपना पैसा निवेश कर सकते है |

Income Fund के लाभ

टैक्स लाभ- अगर आप इनकम फण्ड को लॉन्ग टर्म (3 वर्ष बाद ) के लिए होल्ड करके रखते है तो आपको इससे टैक्स लाभ मिलता है | इसमें आपको जनरल टैक्स स्लैब के बजाय लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स देना होता है | लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में आप महंगाई को भी एडजस्ट कर सकते है |

बेहतर रिटर्न - इनकम फण्ड में निवेश करने से आपको फिक्स्ड डिपाजिट से बेहतर रिटर्न मिलता है | बस फर्क सिर्फ इतना है कि इनकम फण्ड में इंटरेस्ट रेट रिस्क होता है, जबकि फिक्स्ड डिपाजिट में नही होता है |

लिक्विडिटी- इनकम फण्ड में फिक्स्ड डिपाजिट की तरह कोई फिक्स लॉक इन पीरियड नही होता है | एक निवेशक कभी भी एग्जिट लोड चार्ज को ध्यान में रखकर पैसे इनकम फण्ड से निकाल सकता है |

Association of Mutual Funds in India (AMFI) क्या है | AMFI in Hindi

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AMFI क्या है? और AMFI मतलब Association of Mutual Funds in India क्या काम करता है ? एम्फी का म्यूच्यूअल फण्ड इंडस्ट्री में क्या रोल है? तो चलिए आज AMFI के बारे जानते है, इसका म्यूच्यूअल फण्ड इंडस्ट्री में क्या रोल है |

AMFI in Hindi

Association of Mutual Funds in India (AMFI) क्या है

AMFI भारत की एक ऐसी संस्था है, जो म्यूच्यूअल फण्ड इंडस्ट्री से जुड़े हुए मामलों को समाधान निकालती है | AMFI, इन्वेस्टर्स के म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश पैसो को कोई नुकसान न हो, इसके लिए SEBI (कैपिटल मार्केट रेगुलेटर ) के साथ मिलकर काम करती है |

इस प्रकार SEBI व AMFI, म्यूच्यूअल फण्ड निवेश को सुरक्षित बनाने व निवेशकों को भरोसा दिलाने में  एक अहम भूमिका निभाती है|

अगर कोई कंपनी, व्यक्ति, संस्था आदि म्यूच्यूअल फण्ड डोमेन में काम करना चाहती है तो इन सबको अपना डिटेल्स AMFI के पास रजिस्टर कराना होता है |  इसके साथ ही एम्फी के द्वारा बनाये गये नियमों व अनुशासनों का कड़ाई से पालन करना होता है |

AMFI के कार्य

AMFI के प्रमुख कार्य नीचें दिए गये है -
  • म्यूच्यूअल फण्ड इंडस्ट्री का विकास करना
  • म्यूच्यूअल फण्ड इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों को SEBI को बताना
  • म्यूच्यूअल फण्ड इंडस्ट्री में प्रोफेशनल व इथिकल स्टैंडर्ड को बनाना व मेन्टेनेन्स करना
  • निवेशको के इंटरेस्ट को बनाये रखना
  • म्यूच्यूअल फण्ड के बारे में प्रचार-प्रसार करना व निवेशको/लोगों को म्यूच्यूअल फण्ड के लाभ आदि से अवगत करना
  • म्यूच्यूअल फण्ड हाउस को बिज़नस को प्रभावी रूप से चलाने व कोड ऑफ़ कंडक्ट को अनुसरण करने के लिए बताना

सिस्टेमेटिक विड्रावल प्लान (SWP) क्या है - Systematic Withdrawal Plan Hindi

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क्या आप जानते है सिस्टेमेटिक विड्रावल प्लान (SWP) क्या है? और म्यूच्यूअल फण्ड Systematic Withdrawal Plan (SWP) कैसे काम करता है? तो चलिए आज जानते है Systematic Withdrawal Plan क्या है व इसके क्या-क्या फायदे है?
Systematic Withdrawal Plan hindi

सिस्टेमेटिक विड्रावल प्लान क्या है Systematic Withdrawal Plan(SWP)

Systematic Withdrawal Plan एक तरीका है जिससे एक निश्चित समय (मासिक, त्रैमासिक, छमाही, या वार्षिक) पर आप अपने म्यूच्यूअल फण्ड का पैसा आपकी जरुरत के हिसाब से जब चाहे तब निकाल सकते है|

मतलब Systematic Withdrawal Plan(SWP), म्यूच्यूअल फण्ड की एक सुविधा है जो आपको एक निश्चित अमाउंट, एक निश्चित समय पर निकालने की अनुमति देती है|

जब आप म्यूच्यूअल फण्ड से Systematic Withdrawal Plan के द्वारा पैसा निकालते है तो आपके द्वारा म्यूच्यूअल फण्ड में  इन्वेस्टमेंट किया गया पैसा, हर Withdrawal रिक्वेस्ट के साथ कम होता है |

उदाहरण: अगर आपने 1 लाख रूपये जुलाई 2017 में म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश किया था जो बढ़कर दिसंबर 2018 तक 120000 हो गई तो जब आप Systematic Withdrawal Plan के द्वारा 2019 के जनवरी, फरवरी, मार्च में हर महीने 10 हजार निकालते है तो आपका 90 हजार रूपये म्यूच्यूअल फण्ड में बचे रहेंगे |

सिस्टेमेटिक विड्रावल प्लान (SWP) के फायदे

SWP से आप समय-समय में एक फिक्स्ड इनकम प्राप्त कर सकते है, जिस पैसे का उपयोग आप रिटायरमेंट के बाद की जरूरत या बच्चो के शिक्षा सम्बन्धी खर्च के लिए कर सकते है|

SWP से निकालें गये म्यूच्यूअल फण्ड के पैसे से टैक्स लाभ भी लिया जा सकता है क्योकि सरकार द्वारा टैक्स इनकम पर लिया जाता है, लेकिन जब आप SWP के जरिये अपने पैसे म्यूच्यूअल फण्ड से निकालते है तो यह आपका पैसा व इनकम दोनों मिक्स माना जाता है|

जैसे अगर आपने 1 लाख निवेश किया था जो बढ़कर 1 लाख 10 हजार हो गया मतलब आपको 10% का इनकम हुआ | अब जब आप 10 हजार रूपये SWP के जरिये निकालते है तो पूरा पैसा इनकम नही कहलायेगा बल्कि 1 हजार ही इनकम होगा और 9 हजार आपका मूलधन |

म्यूच्यूअल फण्ड KYC कैसे करें | How to Complete Your Mutual Funds KYC in Hindi

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क्या आप जानते है म्यूच्यूअल फण्ड KYC क्या है और KYC कैसे करते है? तो चलिए जानते है क्यों म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के लिए KYC कराना जरुरी होता है |

Mutual Funds KYC in Hindi

अगर आप किसी भी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश/ इन्वेस्ट करना चाहते है तो आपको KYC कराना पड़ता है | KYC (Know your Customer ) कस्टमर मतलब आपके बारे में (नाम, पता, व्यवसाय आदि ) को जानने का वन टाइम प्रोसेस होता है अर्थात KYC कम से कम एक बार करना जरुरी है |

सेबी ( जो कैपिटल मार्केट को कण्ट्रोल करता है ) ने म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्टमेंट करने वालों के लिए KYC प्रक्रिया पूरा करना अनिवार्य कर रखा है ताकि धोखाधड़ी गतिविधियों को रोका जा सके |

म्यूच्यूअल फण्ड KYC कैसे करें

Mutual Fund की KYC आप नीचे दिए किसी भी सेबी रजिस्टर्ड इंटरमीडियारीज के पास पूरा कर सकते है -

  • KYC रजिस्ट्रेशन एजेंसी (KRA) जैसेः डिपाजिटरी (CSDL, NDSL), CAMS आदि
  • एसेट मैनेजमेंट एजेंसी

इन सब सेबी रजिस्टर्ड इंटरमीडियारीज से म्यूच्यूअल फण्ड KYC आप ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से कर सकते है |

Mutual Funds KYC कैसे करें -Offline

  • फण्ड हाउस (एसेट मैनेजमेंट कंपनी) के ऑफिस या KYC रजिस्ट्रेशन एजेंसी के ऑफिस जाये
  • KYC फॉर्म भरकर अपना एड्रेस व पहचान का प्रमाण दे |
  • आधार कार्ड व पैन कार्ड

Mutual Funds KYC कैसे करें - Online

  • फण्ड हाउस या KYC रजिस्ट्रेशन एजेंसी के वेबसाइट पर जायें व अपना एक इन्वेस्टर अकाउंट बनाये
  • अपने आधार लिंक मोबाइल number से अपने अकाउंट को वेरीफाई करें
  • अपने आधार कार्ड व पैन कार्ड की स्कैन कॉपी अपलोड करें


म्यूच्यूअल फण्ड कट ऑफ टाइम क्या है - Mutual Fund Cut-off Timings Hindi

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क्या आप जानते है म्यूच्यूअल फण्ड कट ऑफ टाइम क्या है, और Mutual Fund Cut-off Timings का आपके निवेश पर क्या प्रभाव पड़ता है? तो चलिए म्यूच्यूअल फण्ड कट ऑफ़ टाइम को समझते है और जानते है कट ऑफ़ टाइम क्यों जानना आवश्यक है|

Mutual Fund Cut-off Timings

म्यूच्यूअल फण्ड कट ऑफ टाइम क्या है (Mutual Fund Cut-off Timings)

Mutual Fund Cut-off Timings यह बताता है कि अगर हम म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स खरीदते या बेचते है तो उस समय में म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स का दाम क्या होगा मतलब म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स का NAV (net asset value) क्या होगा |

Mutual Fund Cut-off Timings लिक्विड फण्ड, इक्विटी फण्ड व डेब्ट फण्ड में अलग अलग होती है | जैसे इक्विटी फण्ड के लिए कट ऑफ़ टाइम दोपहर 3 बजे का होता है | चलिए इन्हें और डिटेल में समझते है|

इक्विटी फण्ड- इस फण्ड का कट ऑफ़ टाइम 3 बजे का होता है मतलब अगर आप 3 बजे से पहले इक्विटी फण्ड के लिए एप्लीकेशन देते है तो आपको उसी दिन के NAV के हिसाब से म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स मिलते/देते  है |

अगर आप 3 बजे के बाद एप्लीकेशन देते है तो आपको अगले दिन के NAV के हिसाब से म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स मिलते/देते  है |

डेब्ट फण्ड- इस फण्ड का कट ऑफ़ टाइम भी इक्विटी फण्ड की तरह 3 बजे होता है और इसमें प्रोसेस इक्विटी फण्ड की तरह ही है |

लिक्विड फण्ड - इस फण्ड का कट ऑफ़ टाइम 2 बजे होता है मतलब अगर आप 2 बजे से पहले म्यूच्यूअल फण्ड के लिए रिक्वेस्ट करते है तो आपको पिछले दिन के NAV के हिसाब से म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट मिलते/देते है|

यदि आप 2 बजे के बाद म्यूच्यूअल फण्ड के लिए रिक्वेस्ट करते है तो आपको उसी दिन के NAV हिसाब से म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स मिलते/देते है |

म्यूच्यूअल फण्ड कट ऑफ़ टाइम जानना क्यों आवश्यक है?

यदि आप लम्बे समय के लिए एक बड़ी रकम निवेश करना चाहते है तो Mutual Fund Cut-off Timings को न जानना आपके इन्वेस्टमेंट व रिटर्न में एक बड़ा अंतर दिखा सकता है इसलिए अपने अनुसार NAV के हिसाब से म्यूच्यूअल फण्ड की यूनिट्स खरीदने व बेचने के लिए आपको म्यूच्यूअल फण्ड की कट ऑफ़ टाइम को आवश्यक रूप से जानना चाहिए|

म्यूच्यूअल फण्ड के चार्जर्स क्या है | Mutual Fund Charges in Hindi

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क्या आप जानते है म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के क्या-क्या चार्जर्स (Mutual Fund Charges) लगते है? म्यूच्यूअल फण्ड का कास्ट कम होता है या ज्यादा | तो चलिए जानते है म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने से आपको कौन-कौन से चार्ज देने पड़ते है?

Mutual Fund Charges in Hindi


भारत में म्यूच्यूअल फण्ड बहुत ही तेजी से पॉपुलर हुआ है क्योकिं म्यूच्यूअल फण्ड निवेश का एक बेहतर आप्शन है और इसमें रिटर्न भी काफी अच्छे मिल रहे है और यही कारण है कि ज्यादातर लोग म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कर रहे है |

म्यूच्यूअल फण्ड के चार्जर्स (Mutual Fund Charges)

अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना चाहते है तो आपको म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने से पहले mutual fund charges के बारे में अवश्य जानना चाहिए | तो चलिए म्यूच्यूअल फण्ड से जुड़े कुछ चार्ज को देखते है जो आपको निवेश करने से पहले ध्यान में रखना चाहिए |

Entry Load

जब पहली बार एक निवेशक किसी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम में निवेश करता है तो उसे entry load के रूप में चार्ज देना होता है लेकिन सन 2009 में, SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया) ने entry load के चार्ज को सभी प्रकार के म्यूच्यूअल फण्ड स्कीमों से हटा दिया था |

अब भारत में म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने पर entry load चार्ज नही देना पड़ता है, अन्यथा पहले भारत में entry load चार्ज लगभग 2.25% हुआ करता था |

फण्ड हाउस के द्वारा entry load चार्ज लेने का उद्देश्य म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम को प्रमोट करने के लिए लगने वाले खर्चे को मैनेज करने के लिए लिया जाता था |

Exit Load

जब एक निवेशक म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स को रिडीम करता है तो उसे exit load चार्ज देना पड़ता है | exit load चार्ज किसी भी स्कीम का एक मुख्य खर्च होता है जिसे इन्वेस्टर को म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स को रिडीम करते वक्त देना होता है |

exit load का चार्ज लेना अनिवार्य नही है लेकिन exit load चार्ज होने के कारण इन्वेस्टर एक स्कीम से दूसरें स्कीम में स्विच करने से रोकती है, हालाकिं भारत में फण्ड हाउस exit load चार्ज 1% रखती है ताकि निवेशकों को आकर्षित कर सकें |

exit load चार्ज अलग-अलग स्कीमों में अलग-अलग हो सकती है | सेबी के गाइडलाइन्स के अनुसार, exit load का चार्ज रिडेम्पशन अमाउंट का 7% मैक्सिमम हो सकता है |

Expense Ratio

म्यूच्यूअल फण्ड में लगने वाले चार्ज में एक्सपेंस रेश्यो सबसे महत्वपूर्ण है, जिसे आपको पता होना चाहिए | एक्सपेंस रेश्यो, फण्ड हाउस के द्वारा म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम को मैनेज करने के लिए वार्षिक शुल्क के रूप में  लिया जाता है, आमतौर पर एक्सपेंस रेश्यो को % के रूप में दर्शाया जाता है |

एक्सपेंस रेश्यो, म्यूच्यूअल फण्ड निवेशकों से स्कीम के प्रमोशन, मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन, मैनेजमेंट व एडमिनिस्ट्रेशन के लिए लिया जाता है | जब टोटल एक्सपेंस को एक म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम के AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट ) से डिवाइड किया जाता है तो एक्सपेंस रेश्यो मिलता है |

सेबी क्या है - SEBI के प्रमुख काम क्या है | What is SEBI in Hindi

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क्या आप जानते है सेबी क्या है ? और SEBI यानि सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया क्या काम करता है ? तो चलिए जानते है सेबी (SEBI) क्या है और सेबी के प्रमुख कार्य क्या है?
What is SEBI in Hindi

सेबी क्या है (What is SEBI)

SEBI यानि सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया या भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड सब एक ही नाम है | सेबी की जिम्मेदारी भारतीय पूंजी बाजार को रेगुलेट (कण्ट्रोल ) करना, निवेशकों के इंटरेस्ट को बनाये रखना है |

सेबी अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए कई रूल्स और रेगुलेशन बनाता है ताकि सभी मार्केट प्रतिभागी उन नियमो का पालन करे व धोखाधड़ी, स्कैम्स आदि को रोककर मार्केट को सुचारू रूप से चलाया जाये तथा कैपिटल मार्केट का डेवलपमेंट किया जाए |

सेबी का गठन 12 अप्रैल, 1992 को, सेबी एक्ट 1992 के तहत हुआ था, और इसका मुख्यालय (हेडक्वार्टर) मुंबई में है |

SEBI के प्रमुख काम क्या है?

सेबी मार्केट को रेगुलेट करता है और मार्केट के डेवलपमेंट के लिए, बेहतर बनाने के लिए SEBI हमेशा काम रहता है- सेबी के कुछ प्रमुख काम निम्न है -

  • कैपिटल मार्केट का विकास करना व निवेशको के इंटरेस्ट की रक्षा करना
  • स्टॉक एक्सचेंजों (NSE,BSE) आदि को रेगुलेट करना
  • अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस यानि अनुचित तरीकें से लेनदेन को रोकना
  • मार्केट से जुड़े लोगो की शिक्षा को बढ़ाने के लिए कदम उठाना
  • कॉर्पोरेट के अंडर होने वाले इनसाइडर ट्रेडिंग को रोकना

इन सारे कामों को करने के लिए सेबी को सरकार से अनुमति लेने के जरूरत नही है क्योकिं सेबी एक ऐसी संस्था है इसे सेबी एक्ट 1992 के तहत अधिकार मिले है |


Mutual Funds रिडीम कैसे करें | Mutual Funds का पैसा कैसे निकाले | Mutual Funds Redemption Hindi

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Mutual Funds रिडीम कैसे करें मतलब म्यूच्यूअल फण्ड में जमा किया गया पैसा कैसे निकाले ? क्या आप म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम करने के तरीके जानते है | चलिए जानते है म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम कैसे करें जिससे म्यूच्यूअल फण्ड का पैसा निकल जाये |

हम सब म्यूच्यूअल फण्ड में पैसे लम्बे समय के लिए निवेश करते है लेकिन कई बार हम अपनी जरुरत के लिए या फिर किसी दुसरे म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के लिए म्यूच्यूअल फण्ड से पैसा निकलना चाहते है तो चलिए जानते है म्यूच्यूअल फण्ड से पैसा निकालने का प्रोसेस क्या है |
Mutual Funds Redemption Hindi

Mutual Funds Redeem कैसे करें ?

जब हम म्यूच्यूअल फण्ड खरीदते है या निवेश करते है तो हमें म्यूच्यूअल फण्ड की यूनिट दी जाती है जिसकी प्राइस घटते-बढते रहती है जिसके कारण हमें फायदा या नुकसान होता है |

अब जब हम म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट को सेल करना चाहते है या अपना पैसा निकलना चाहते है तो हमें कुछ प्रोसेस करनी पड़ती है जिसे म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम कहते है |

Mutual Funds Redeem करने के दो तरीके है - ऑनलाइन व ऑफलाइन

Online Mutual Funds Redeem

आप घर बैठे मोबाइल व इन्टरनेट की मदद से ऑनलाइन म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम कर सकते है | ज्यादातर म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी ऑनलाइन म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम का आप्शन देती है |

घर बैठे म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम करने के लिए आपको म्यूच्यूअल फण्ड हाउस के वेबसाइट में जाकर आपको अपनी यूजर ID, PAN नंबर या फोलियो नंबर आदि से लॉग इन करना है |

अब आपको एक एप्लीकेशन फॉर्म या Mutual Funds Redeem फॉर्म भरकर सबमिट कर देना है | फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद आपको रजिस्टर्ड ईमेल व फ़ोन नंबर पर एक कन्फर्मेशन मेसेज आयेगा

और फिर एप्लीकेशन फॉर्म अप्रूव होने के बाद आपका पैसा आपके बैंक खाते 3 से 4 दिन में आ जायेगा, अगर आपने अपनी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम खरीदते वक्त बैंक डिटेल्स दी है |

Offline Mutual Funds Redeem

mutual fund ऑफलाइन रिडीम  करने के लिए आपको म्यूच्यूअल फण्ड ऑफिस या म्यूच्यूअल फण्ड एजेंट के पास जाना है |

म्यूच्यूअल फण्ड ऑफिस में आपको एक एप्लीकेशन फॉर्म या रिडेम्पशन फॉर्म भरना है जिसमें आवश्यक डिटेल भरने है जैसे - अपना नाम, फोलियो नंबर, पैन नंबर, म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम का नाम और आप कितना यूनिट्स या पैसा रिडीम करना/निकलना चाहते है |

रिडेम्पशन फॉर्म भरने के बाद ऑफिस में जमा कर देना है और उसके बाद जब म्यूच्यूअल फण्ड हाउस/कंपनी एप्लीकेशन फॉर्म अप्रूव कर लेती है तो आपका पैसा आपके बैंक अकाउंट में 3 से 4 दिन में आ जाता है | अगर आपने अपनी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम खरीदते वक्त बैंक डिटेल्स दी है |

Mutual Funds Redeem करते समय ध्यान रखें?

म्यूच्यूअल फण्ड एक साल से कम समय में रिडीम करते है तो 1% एग्जिट लोड देना पड़ता है | म्यूच्यूअल फण्ड के एग्जिट लोड चार्ज व समय म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम के अनुसार अलग अलग होते है |

म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स बेचते समय वर्तमान NAV मतलब एक म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट का दाम आवश्यक चेक करें क्योकिं इसी के आधार पर आपको पैसा मिलता है |

म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम करते समय लगने वाले टैक्स का भी ध्यान रखे |

कई म्यूच्यूअल फण्ड का एक फिक्स समय (लॉक in पीरियड) होता है तो समय से पहले आप म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम नही कर सकते है | जैसे: ELSS में 3 साल