Cibil Score Kaise Badhaye | सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाये

मई 03, 2022 Add Comment
Cibil Score Kaise Badhaye | सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाये

 अगर आप लोन लेना चाहते है या क्रेडिट कार्ड अप्लाई करना चाहते है तो इसके लिए आपका सिबिल स्कोर 750+ होना चाहिए, लेकिन किसी कारण से आपका सिबिल स्कोर कम है और आप अपने सिबिल स्कोर को बढ़ाना चाहते है, तो यह स्टेप्स फॉलो करके आप अपने सिबिल स्कोर को बढ़ा सकते है |


सिबिल स्कोर क्या है ? Cibil Score Kya Hai

सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच का अंक होता है जो आपके क्रेडिट रिपोर्ट को दर्शाता है, अगर आपका सिबिल स्कोर 300 है तो यह बहुत ही ख़राब है और अगर आपका सिबिल स्कोर 900 है तो यह बहुत ही अच्छा है | 

अगर आपका सिबिल स्कोर 750 है तो बैंक या NBFC कम्पनीज़ में लोन के प्रोसेस होने में कोई दिक्कत नहीं आता है लेकिन अगर आपका सिबिल स्कोर 700-750 से कम है तो फिर आपको थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है |

लेकिन अगर आप इन दिक्कतों से बचना चाहते है तो आपको अपने सिबिल स्कोर में सुधार करना होगा जिसके बाद बाद लोन प्रोसेस में आपको कोई परेशानी नहीं आएगी |

तो चलिए जानते है कि आप अपना सिबिल स्कोर कैसे बढ़ा सकते है |


सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाये ? Cibil Score Kaise Badhaye

नीचें दिया गया स्टेप्स सिबिल स्कोर बढ़ाने का सबसे सरल तरीका है, जिसे फॉलो करके आप अपने सिबिल स्कोर को आसानी से बढ़ा सकते है -

1 अपने लोन के किस्तों को समय से 1-2 दिन पहले जमा कर दें 

2 अगर क्रेडिट कार्ड है तो लिमिट का 60% अमाउंट ही यूज़ करें

3 क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल, समय से पेमेंट कर दें 

4 अपने इनकम का 40% हिस्से का ही लोन क़िस्त बनवाएं या छोटा लोन क़िस्त बनवाए

5 लोन तभी निकालें, जब उस पैसे से पैसा कमाना हो,  दिखावे के लिए लोन न ले

6 एक समय में कई लोन, क्रेडिट कार्ड न ले

क्रेडिट कार्ड का सही उपयोग कैसे करें, ज्यादा फायदा उठाने का ये है तरीका

फ़रवरी 23, 2022 Add Comment

क्रेडिट कार्ड एक उधारी खाता है जिसमें एक लिमिट होता है और उस लिमिट से ज्यादा आप खर्च नहीं कर सकते है | पर आप अपने क्रेडिट कार्ड का सही से इस्तेमाल करके कई फ़ायदे उठा सकते है |

क्या आप जानते है क्रेडिट कार्ड का सही उपयोग कैसे करें ? और क्या आप क्रेडिट कार्ड से ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना चाहते है ? तो चलिए जानते है आप ऐसा कैसे कर सकते है |

क्रेडिट कार्ड का सही उपयोग कैसे करें?

अगर आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग अच्छे से करते है तो इससे आपको कई फ़ायदे मिलते है जैसे: आपका क्रेडिट स्कोर सुधरता है, जल्दी से लोन मिलता है, कुछ 30-45 दिनों के लिए ब्याज मुक्त पैसा मिलता है आदि |

अब चलिए मैं बताता हूँ कि क्रेडिट कार्ड का सही उपयोग किस तरह से किया जाता है, जैसा कि आप जानते है क्रेडिट कार्ड एक उधारी खाता है और इसका उपयोग करने के बाद इससें हुए खर्चो का बिल आता है जिसे निश्चित तारीख से पहले भुगतान करना होता है |


 इसलिए जब भी आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग करें इस बात का ध्यान रखें कि जितना खर्च आप क्रेडिट कार्ड से कर रहे है उतना कैश आपके पास होना चाहिए | यहाँ पर मेरा कहने का मतलब है कि अगर आपके पास पैसे नहीं तो आपको क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं करना है | क्योंकि एक बार क्रेडिट कार्ड से खर्च करने के बाद बिल भी आप ही को भरना है और अगर आप बिल भुगतान में देरी करते है तो आपको पेनल्टी लगती है, क्रेडिट स्कोर भी खराब होता है |

पहला, आप फालतू में क्रेडिट कार्ड में मिले लिमिट का उपयोग न करें, अगर आपको 20000 रूपये की शोपिंग करनी है  और आपके पास 20000 रुपया (नगद या कैश ) है तो ही क्रेडिट कार्ड से 20000 रूपये लीमित का उपयोग करें ताकि आप उस 20000 रूपये (नगद ) से क्रेडिट कार्ड का बिल चूका सकें|


दूसरा, अगर आप बिज़नस करते है तो आप इसका काफी सही फायदा उठा सकते है, क्योंकि बिज़नस के लिए आप ज्यादा खर्च कर सकते है और उनसे पैसे कमा सकते है   इसके अलावा क्रेडिट कार्ड का उपयोग आप अपने बिज़नस के लेनदेन में भी कर सकते है और 


क्रेडिट कार्ड से ज्यादा फायदा कैसे उठाये?

अगर आप क्रेडिट कार्ड से ज्यादा फायदा उठाना चाहतें है या ज्यादा पैसा कमाना चाहते है तो इसके लिए आपको क्रेडिट कार्ड से ज्यादा खर्च करना होगा क्योंकि जितना अधिक खर्च आप अपने क्रेडिट से खर्च करतें है क्रेडिट कार्ड कंपनी से उतना ज्यादा रिवार्ड पॉइंट मिलता है |

उसके बाद जब क्रेडिट कार्ड का बिल जनरेट होता है और उस बिल का पूरा पेमेंट जब आप समय से पहले करते है तो कई ऐसें एप्प है जो बिल पेमेंट करने पर भी कैशबैक देती है | जैसे CRED 

अगर आप भी कैशबैक कमाना चाहते है तो अभी CRED पर क्लिक करकें एप्प डाउनलोड करें और अपने क्रेडिट कार्ड के हर बिल का पेमेंट CRED से करके कैशबैक कमाना शुरू करें |


जब आप अपने क्रेडिट कार्ड बिल का पेमेंट समय से करते है तो इससे आपका सिबिल स्कोर भी इम्प्रूव होता है, जिससें बैंक्स को आपके क्रेडिट लिमिट बढ़ाने में मदद मिलती है और जब क्रेडिट लिमिट बढ़ता है तो आपको एक तरह से ज्यादा पैसे खर्च करने के लिए मिलते है |

अगर आप समय से क्रेडिट कार्ड का बिल भरते है, तो बैंक यह मानती है कि आप पैसों के लेनदेन को अच्छे से मैनेज करते है और आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट को बढ़ा भी सकती है |

जब आप क्रेडिट कार्ड से खर्च करते है तो आपका कैश (नगद ) इकठ्ठा होते जाता है जिसको आप कुछ शोर्ट टर्म एसेट या लिक्विड फण्ड में इन्वेस्ट करके भी रिटर्न लाकर पैसा कमा सकते है | इस तरह से आप क्रेडिट कार्ड का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सकते है और अच्छा खासा पैसे भी कमा सकते है |


नोट : बहुत सारे लोग क्रेडिट कार्ड रखते है लेकिन वे इसका सही तरीकें से उपयोग नहीं कर पाते है और जिसके कारण उनको पेनल्टी देना पड़ता है, उनका सिबिल स्कोर या क्रेडिट स्कोर ख़राब हो जाता है और इसकी वजह से जब वे दुबारा बैंक्स के पास लोन लेने जाते है तो उनको लोन भी नहीं मिलता है |

क्रेडिट कार्ड क्या है और इसका उपयोग क्या है | Credit Card Kya Hai

फ़रवरी 21, 2022 Add Comment
Credit Card Kya Hai Hindi

Credit Card, बैंक के एटीएम कार्ड जैसा दिखता है लेकिन यह क्रेडिट कार्ड, बैंक एटीएम कार्ड से अलग काम करता है और इसका उपयोग भी बैंक एटीएम कार्ड से अलग है तो क्रेडिट कार्ड क्या है और इसका उपयोग क्या है?

 क्रेडिट कार्ड क्या है? ( Credit Card Kya Hai )

Credit Card एक उधारी खाता है जिसमें खर्च करने का एक लिमिट होता है जैसे 10 हजार, 50 हजार आदि | इस लिमिट से ज्यादा आप खर्च नहीं कर सकतें है | 

अगर आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग करकें खर्च करते है तो उसका बिल जनरेट होता है, जिसका भुगतान करने के लिए 15 से 20 दिन का समय मिलता है |

हर किसी का बिल जनरेट अलग अलग तारीख को होता है | जैसेः आपने 1 जनवरी को क्रेडिट कार्ड से खर्च किया तो इसका बिल 30 या 31 जनवरी को जनरेट होगा और उस बिल का भुगतान करने का अंतिम दिन 15 से 20 फ़रवरी के अंदर हो सकता है |

क्रेडिट कार्ड जारी कौन करता है ?

आपको अगर क्रेडिट कार्ड लेना है तो इसके लिए आप बैंक में या NBFC कंपनीज में अप्लाई कर सकते है | आज लगभग - लगभग हर बैंक और बहुत सारे NBFC कम्पनीज़ है जो Credit Card जारी करतें है | लेकिन ये क्रेडिट कार्ड देने वाली कंपनिया उन्हीं लोगो को क्रेडिट कार्ड देती है जिनको रेगुलर अच्छा खासा इनकम होता है, इससे फर्क नहीं पड़ता कि इनकम जॉब की सैलरी है या बिज़नस का प्रॉफिट |


क्रेडिट कार्ड उपयोग क्या है या कैसे करें?

क्रेडिट कार्ड का उपयोग हर जगह किया जा सकता है जैसे शॉपिंग करने, बिज़नस लेनदेन, ऑनलाइन भुगतान, रिचार्ज, बिल पेमेंट, पेट्रोल पंप आदि | 

लेकिन जब भी क्रेडिट कार्ड का उपयोग करें, इसे कैश के विकल्प के रूप करें मतलब आपके पास इतना रुपया कैश होना चाहिए, जितना आप खर्च करने वाले है |

क्योंकि क्रेडिट कार्ड एक उधारी खाता है मतलब अगर आप क्रेडिट कार्ड से खर्च करते है तो आपको इस बात का भी ध्यान रखना है कि खर्च के बिल का भुगतान आप ही को करना है और अगर आप क्रेडिट कार्ड के बिल का  भुगतान निश्चित तारीख तक नहीं करते है तो इसके भारी पेनल्टी से आपको कोई नहीं बचा सकता है |

Credit Card के 5 फायदे, जाने कैसे मिलता है फ़ायदा

फ़रवरी 18, 2022 Add Comment
credit card ke fayde

क्रेडिट कार्ड के 5 फायदे

अगर आप क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं करते है तो हो सकता है इसे पढ़ने के बाद आप अपना मन बदल ले और क्रेडिट कार्ड के उपयोग के बारे में सोचने लगे, क्योंकि इस पोस्ट में मैं क्रेडिट कार्ड के 5 ऐसे फायदे के बारे में बताने वाला हूँ जिसे जानकार आप हैरान हो जायेंगें |

तो ये रहे वह 5 फायदे जो हमें क्रेडिट कार्ड उपयोग करने से मिलता है |

रिवार्ड्स पॉइंट

हर क्रेडिटकार्ड कंपनी अपने यूजर्स को प्रोत्साहित करने के लिए रिवार्ड्स पॉइंट देती है, ताकि क्रेडिटकार्ड होल्डर्स ज्यादा से ज्यादा बार क्रेडिट कार्ड उपयोग करें, जिस कंपनी का क्रेडिट कार्ड मैं यूज करता हूँ वह मुझे 150 रूपयें खर्च करने पर 2 रिवॉर्ड पॉइंट देता है | यह रिवॉर्ड पॉइंट हर कंपनी का अलग अलग हो सकता है |


कैशबैक/ डिस्काउंट

अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट ब्राउज किया है तो आप जानते होंगे कि कई क्रेडिट कार्ड कंपनी 1% से लेकर 10% तक का कैशबैक ऑफर करती है, इसके अलावा कई मनीबेक क्रेडिट कार्ड होते है जिसमें कंपनी कैशबैक देती है | मेरे पास जो क्रेडिट कार्ड है उसमें मुझे बिज़नस में मुख्य खर्च का 5% मनीबेक आता है |


50 दिन के लिए इंटरेस्ट फ़्री पैसा

क्या कोई आपको 50000 रूपयें देकर बोलता है कि इसे 45-50 दिन उपयोग कर लो मैं आपसे 1 पैसे का ब्याज नहीं लूँगा, हा लेकिन मुझें 50वे दिन पूरा पैसा एक साथ लौटा देना | 

नहीं ना |

लेकिन हर क्रेडिट कार्ड कंपनी आपको 45 से  50 दिन तक इंटरेस्ट फ़्री पैसा देती है, वह भी बिना एक पैसा ब्याज लिए, तो है ना क्रेडिट कार्ड कमाल की चीज |


क्रेडिट स्कोर सुधारना 

अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम है और आप उसे सुधारना चाहते है तो आप एक क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर सकते है,  आजकल कई ऐसे बैंक्स है जो फिक्स्ड डिपाजिट का 80% पैसे का क्रेडिट कार्ड लिमिट बना कर दे देती है, ऐसे क्रेडिट कार्ड को सिक्योर्ड क्रेडिट कार्ड कहते है |

उदाहरण के लिए - आपने 10000 हजार का फिक्स्ड डिपाजिट किया है तो बैंक आपको 8000 रूपये लिमिट का क्रेडिट कार्ड दे सकती है |

अब आप इस 8000 रूपये लिमिट वाले क्रेडिट कार्ड से कुछ रुपयें खर्च करके, खर्चें का बिल जनरेट होने के बाद,  फुल पेमेंट करके अपना क्रेडिट स्कोर सुधार सकते है |


नोट - क्रेडिट कार्ड उपयोग करना फायदेमंद तो है लेकिन अगर आपने इसका सही से इस्तेमाल नहीं किया तो आपको इससे नुकसान उठाना भी पड़ सकता है, जैसेः क्रेडिट कार्ड का समय पर पूरा बिल पेमेंट न करने से 30% से लेकर 40% तक का ब्याज देना पड़ सकता है |



Mutual Fund in Hindi - म्युचुअल फण्ड क्या है और इसमें पैसे लगाने के क्या फ़ायदे है

फ़रवरी 06, 2022 Add Comment
Mutual Fund in Hindi - म्युचुअल फण्ड क्या है और इसमें पैसे लगाने के क्या फ़ायदे है
म्युचुअल फण्ड क्या है ? अगर यह सवाल आप मुझसे चार - पांच साल पहले पूछते तो मैं आपको यह नहीं बता पाता, लेकिन शुक्र है इंटरनेट और संयोग का, कि मुझे पर्सनल फाइनेंस से जुड़ा एक बहुत ही शानदार बुक मिला (रिच डैड पुअर डैड ), जिसमें यह बताया गया कि हम कैसे अपने पैसे से काम करा सकते है और उससे पैसे कमा सकते है और फिर मैंने उस दिन से फाइनेंसियल विषयों के बारे में सीखना शुरू किया, जिसमें म्युचुअल फण्ड भी एक है |

म्युचुअल फण्ड क्या है ( What is Mutual Fund in Hindi)


म्यूचुअल फंड, अपने पैसे को इन्वेस्ट करके रिटर्न कमाने का एक ऑप्शन है जिसमें बहुत सारे अलग अलग इन्वेस्टर्स से पैसा इकट्ठा करके, उस पैसे से सोना, ज़मीन, बांड या कंपनियों का शेयर खरीदा जाता है और फिर होने वाले फ़ायदे को उन्हीं इन्वेस्टर्स के बीच में बांटा जाता है जिन्होंने अपने पैसे लगाये है |

म्युचुअल फण्ड इन दिनों काफी पोपुलर हो रहा है क्योंकि यह अन्य ट्रेडिशनल निवेश जैसेः सोना, जमीन जायदाद, फिक्स्ड डिपोजिट आदि से ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता रखता है, और म्युचुअल फण्ड में लॉन्ग टर्म में औसतन 14% का रिटर्न कमाया जा सकता है |

म्युचुअल फण्ड में जब कोई  निवेश करता है तो उसे म्यूच्यूअल फण्ड का यूनिट दिया जाता है | यह म्युचुअल फण्ड यूनिट, इन्वेस्टर्स को उनके लगायें गए पैसों के आधार पर मिलता है, जो ज्यादा पैसा लगाता है उसे ज्यादा म्युचुअल फण्ड यूनिट मिलता है और जो कम पैसा लगाता है उसे कम  म्युचुअल फण्ड यूनिट मिलता है |

म्युचुअल फण्ड की एक खास बात यह भी है कि इसमें कोई भी इन्वेस्ट कर सकता है, और कम पैसों जैसे 500 - 1000 रुपयों से भी इन्वेस्ट कर सकता है  और अपने फाइनेंसियल लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है | 

म्युचुअल फण्ड में पैसा लगाने के क्या फायदें है

चक्रवृद्धि ब्याज़ - म्यूचुअल फंड में निवेश करके चक्रवृद्धि ब्याज (रिटर्न) कमा सकते हैं, एक अच्छा म्यूचुअल फंड, लॉन्ग टर्म में औसतन 14% का रिटर्न दे सकता है , जो फ़िक्स्ड डिपॉज़िट के ब्याज से ज्यादा है|

लचीलापन - म्यूचुअल फंड में लगे पैसों को, आप कभी भी, व कहीं से भी निकाल सकते है, पैसा 3 से 5 दिन के भीतर आपके अकाउंट में जमा हो जाता है |

पारदर्शी -.म्यूचुअल फंड में लगे आपके पैसों को, आप रोजाना, महीने, साल में कभी भी देख या चेक कर सकते है

प्रोफेशनल मेनेजर - हर म्यूचुअल फंड को मैनेज करने के लिए एक एक्सपर्ट फंड मैनेजर होता है जो अपने अनुभव से पैसे को सही जगह पर इन्वेस्ट करके इन्वेस्टर्स को रिटर्न दिलाता है |

कम पैसों से शुरुआत - कम पैसों से भी म्यूचुअल फंड में निवेश करके अपने फाइनेंशियल लक्ष्य को पाया जा सकता है, आप इसमें 500-1000 रुपए से शुरुआत कर सकते हैं |

डाइवर्सीफिकेशन - म्यूचुअल फंड का पैसा गोल्ड, ज़मीन, बॉन्ड, कंपनियों के शेयरों में लगता है जिससे रिस्क सभी में बंट जाता है | क्योंकि एक साथ जमीन, या सोना या शेयर का दाम नहीं गिर सकता है |

टैक्स लाभ - म्यूचुअल फंड में निवेश करके टैक्स छूट का फ़ायदा उठा सकते हैं, इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के माध्यम से 1.5 लाख तक म्यूचुअल फंड के ईएलएसएस (ELSS) फंड में निवेश करके टैक्स छूट ले सकते हैं |

सुरक्षित निगरानी - सभी म्यूचुअल फंड को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) निगरानी करती है, जो इन्वेस्टर्स के पैसों के साथ धोखाधड़ी न हो इसका पूरा ध्यान रखती हैं, और यदि कोई धोखाधड़ी करता है तो उन पर कड़ी कानूनी कार्यवाही भी करती हैं |

तो म्युचुअल फण्ड क्या है, अब यह आपकों किसी से पूछने के जरूरत नहीं है, मेरे ख्याल से अब आप चार लोगों को बता सकते है कि म्युचुअल फण्ड क्या है और इसके क्या फायदे है |

Return on Capital Employed क्या है | ROCE in Hindi | रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड क्या है

जनवरी 31, 2022 Add Comment

 इस पोस्ट में हम जानने वाले है कि किसी कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड क्या है और यह ROCE किसी कंपनी के बारे में क्या बताता है | इसके साथ ही हम यह भी देखने वाले है कि ROCE निकालता कैसे है और ROCE व ROE में फर्क क्या है और हमें किसे कब प्रयोग करना है |

Return on Capital Employed


Return on Capital Employed क्या है

किसी भी कंपनी का Return on Capital Employed हमें यह बताता है कि उस कंपनी ने अपने कुल कैपिटल या पूंजी में कितना कमाई किया है | किसी भी कंपनी के कुल कैपिटल में शेयरहोल्डर का पैसा व उधार का पैसा आता है मतलब कि कंपनी के पास जितना भी पूंजी है चाहे वह शेयरहोल्डर का पैसा हो या उधार का पैसा दोनों को शामिल करंता है और अपना बिज़नस करता है | ROCE यह बताता है कि उस टोटल कैपिटल में कंपनी ने कितना मुनाफा कमाया है |

Return on Capital Employed कब देखना है

जब कोई कंपनी उधार लेकर अपना बिज़नस करती है तो शेयरहोल्डर को अपने पैसे पर कितनी कमाई मिल रही है इसका सही से पता लगा पाना रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) से संभव नही है लेकिन ROCEको देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि कंपनी को शेयरहोल्डर के पैसो व उधार के पैसों पर कितना रिटर्न मिल रहा है |

किसी कंपनी का ROCE हमें तभी देखना सही है जब वह कंपनी उधार में पैसे लेकर बिज़नस कर रही है क्योंकि ROE से हमें इसकी सही जानकारी नहीं मिलती है |

Return on Equity क्या है और कितना होना चाहिए ? Return on Equity ( ROE ) in Hindi

अक्तूबर 22, 2021 Add Comment

इस पोस्ट में हम जानने वाले है कि रिटर्न ऑन इक्विटी क्या है और किसी कंपनी में इन्वेस्टमेंट करने के लिए कितना होना सही है | इसके साथ हम यह भी जानने वाले है कि किसी कंपनी में रिटर्न ऑन इक्विटी कब देखना है और कब किसी कंपनी में रिटर्न ऑन इक्विटी देखना सही नहीं है |


Return on Equity in Hindi


Return on Equity क्या है (Return on Equity in Hindi)

रिटर्न ऑन इक्विटी या ROE एक प्रॉफिटेबिलिटी रेश्यो है जो यह बताता है कि कंपनी के शेयर होल्डर्स को उनके लगाये पैसे पर कितना कमाई हो रहा है या कहे कि कंपनी के शेयर होल्डर्स को खुद के पैसे पर कितना रिटर्न मिल रहा है | किसी भी कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी जितना ज्यादा होता है यह शेयर होल्डर्स के लिए उतना ही अच्छा है|


Return on Equity कितना होना चाहिए ( Return on Equity Kitna Hona Chahiye )

जब भी हम कही अपना पैसा लगाते है या इन्वेस्ट करते है तो हम उस पर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते है | इसी प्रकार यदि हम किसी कंपनी में पैसा लगा रहे है तो उस पर भी हम ज्यादा से ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते है लेकिन यह ज्यादा कितना होने पर सही है 10%, 20% या और अधिक |


एक कंपनी में पैसा लगाने से पहले हम उस कंपनी का कमाई देखते है जो हमें रिटर्न ऑन इक्विटी से पता चलता है तो एक कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी कितना हो जिससे हम उस कंपनी में अपना पैसा लगाये | हमें किसी कंपनी में कितना का रिटर्न का उम्मीद करना सही है |


रिटर्न ऑन इक्विटी कितना होना सही है इसका उत्तर अन्य इन्वेस्टमेंट के विकल्पों में छिपा हुआ है जैसे अगर हम फिक्स्ड डिपोजिट में अपना पैसा डालते है तो 7% रिटर्न मिलता है, सोना या जमीन खरीदते है तो 9से 10% रिटर्न लॉन्ग टर्म में मिलता है, म्यूच्यूअल फण्ड खरीदते है तो 12 से 15% मिलता है जिसमें रिस्क किसी कंपनी में निवेश करने से कम होता है तो अगर हम डायरेक्ट किसी कंपनी के शेयर खरीद कर रिस्क ले रहे तो इसका रिटर्न अन्य निवेश विकल्पों से अधिक होना ही सही है |


किसी कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी 20% या अधिक होना सही है क्योंकि एक अच्छा सा म्यूच्यूअल फण्ड हमें 15% का रिटर्न दे सकता है तो डायरेक्ट किसी बिज़नस में 20% रिटर्न की उम्मीद करना गलत नहीं है |


Return on Equity कब देखना है ( Return on Equity Kab Dekhna Hai)

किसी भी कंपनी में अपने पैसे लगाने से पहले हमें उस कंपनी का अच्छे से एनालिसिस करना बहुत जरुरी होता है | जब हम कंपनी का एनालिसिस करते है तो हम उस कंपनी का कई फाइनेंसियल रेश्यो भी देखते है जिसमें से एक बहुत ही महत्वपूर्ण रेश्यो रिटर्न ऑन इक्विटी भी है |


रिटर्न ऑन इक्विटी किसी कंपनी के शेयर होल्डर्स के पैसे पर कमाए गए रिटर्न को बताता है मतलब कि रिटर्न ऑन इक्विटी शेयर होल्डर्स के पैसे से कमाए गए प्रॉफिट से कैलकुलेट किया जाता है और इसी कारण से जब भी हमें रिटर्न ऑन इक्विटी देखना है तो ऐसी कंपनी का देखना है जिस कंपनी में उधार बहुत कम हो |


क्योंकि रिटर्न ऑन इक्विटी के कैलकुलेशन में उधार के पैसे को शामिल नहीं किया जाता है मतलब कि जब भी हमें किसी कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी देखना है तो ऐसी कंपनी का देखना है जिसने बहुत कम उधार लिया है या उस कंपनी ने उधार लिया ही नहीं है | 

Networth क्या होता है और कैसे कैलकुलेट करते है | Net worth in Hindi

अक्तूबर 13, 2021
क्या आप जानते है? Net worth क्या है? आपकी कितनी NetWorth है? और इसे कैलकुलेट करने के लिए आप नीचें दिए Net worth Formula का use कैसे करेंगे |
what is Net Worth in hindi

Networth क्या होता है

Net worth को समझने के लिए हम इसके दोनों शब्दों को अलग करेंगे - 

Net = शुद्ध Worth = सम्पति अर्थात इसका मतलब शुद्ध सम्पति है | इसका उपयोग कम्पनी, व्यक्ति ,संस्था आदि के साथ किया जाता है जो उस कम्पनी , व्यक्ति या संस्था के आर्थिक स्थितियों को बताता है |

कम्पनी, व्यक्ति या किसी संस्था का Net worth उनकी कुल सम्पति (Total Asset) में कुल दायित्व (Total Libelities) में घटाने से प्राप्त होता है |

आपने अक्सर तरह तरह के माध्यमों से चाहे वह टीवी , रेडियो, या फिर समाचार पत्रों में हो, किसी कम्पनी , फिल्म स्टार्स , स्पोर्ट्स पर्सन(खिलाडियों ) के Net worth के बारे में सुना होगा |

अगर आप किसी कम्पनी या सेलिब्रेटीज का आर्थिक स्थिति (Financial Position ) के बारे में जानना चाहते है तो आपको उस कम्पनी या सेलिब्रिटीज का Net worth कैलकुलेट करना होगा |

Networth की गणना

Net worth की गणना करना बहुत ही आसान है अगर आपको जोड़ना व घटाना आता है तो आप आसानी से Net worth कैलकुलेट कर सकते है |

नोट: यह फार्मूला स्टॉक मार्केट की किसी कंपनी के नेट वर्थ को जानने के लिए आप प्रयोग कर सकते है |


Net Worth = (Total Asset -Total Liabilities)
नेट वर्थ = कुल सम्पति – कुल दायित्व

यहाँ पर आपको net worth कैलकुलेट करने के लिए कुल सम्पति व कुल दायित्व को जानना आवश्यक है क्योंकि इनके बिना आप किसी व्यक्ति या कम्पनी का नेट वर्थ नही निकाल सकते है |


कुल सम्पति : सबसे पहले आपको सभी सम्पतियों का लिस्ट बनाना होगा अगर आपने अमिताभ बच्चन की डायलॉग सुनी हो "आज मेरे पास गाड़ी है , बंगला है , बैंक बैलेंस है तुम्हारे पास क्या है? " तो आप आसानी से कुल सम्पतियो की लिस्ट बना सकते हो |


कुल सम्पति में  जमीन , प्लांट , बैंक बैलेंस, इन्वेस्टमेंट, स्टॉक, म्यूच्यूअल फंड्स , गाड़ी, बंगला सब को शामिल किया है |


कुल दायित्व : कुल दायित्व में किसी भी प्रकार का लोन (कार लोन , गोल्ड लोन , होम लोन आदि ) को शामिल किया जाता है |


उदहारण के लिए हमने माना कि एक कंपनी का कुल सम्पति 1000 करोड़ है व कुल दायित्व 700 करोड़ है 
तो उस कम्पनी का नेट वर्थ होगा -

300 करोड़ = 1000 करोड़  – 700 करोड़

इस प्रकार हम कह सकते है कि उस कम्पनी की नेट वर्थ 300 करोड़ है |

Blue Chip Companies क्या है | ब्लू चिप कंपनीयो की विशेषता | Blue Chip Companies in Hindi

अक्तूबर 13, 2021
क्या आप जानते है ब्लू चिप कंपनी (Blue Chip Companies) क्या है? और ब्लू चिप कंपनियों में निवेशको का ज्यादा भरोसा क्यों होता है? तो चलिए जानते है ब्लू चिप कम्पनियों की सारी अनसुनी बातों को|

Blue Chip Company kya hai

ब्लू चिप क्या है (Blue Chip Kya Hai)

ब्लू चिप का इतिहास बहुत पुराना है, ब्लू चिप नाम, पोकर नाम के एक खेल से लिया गया है | पोकर खेल में ब्लू चिप सबसे मूल्यवान होता था |

ब्लू चिप कंपनी क्या है (Blue Chip Companies in Hindi)

स्टॉक मार्केट में बड़ी कम्पनियों को, जो बड़ी हो गयी है और अपना बिज़नस आसानी से कर रही है| उन कंपनियो को ब्लू चिप कंपनी कहा जाता है |

Blue Chip Companies का मार्केट कैपिटलाइजेशन ज्यादा होता है और इन कंपनियों  के शेयर प्राइस में उतार-चढ़ाव कम होता है| इसके अतिरिक्त Blue Chip shares या companies की अर्निंग स्थिर व नियमित होती है|

ब्लू चिप स्टॉक का मार्केट वैल्यूएशन भी बहुत अधिक होता है, इसके साथ बाजार में गिरावट (बुलिश मार्केट ) के दौरान भी ब्लू चिप कंपनियों का रिटर्न, स्माल कैप व मिड कैप वाले कंपनियों से बेहतर होता है और इन्ही सब वजह से ब्लू चिप कंपनियों में निवेशकों का ज्यादा भरोसा होता है क्योकिं ये कंपनिया कई दशकों से बिज़नस कर रही होती है|

ब्लू चिप कंपनियों प्रॉफिट होने पर डिविडेंड देने के लिए भी बहुत फेमस होती है | और इसलिए ये कंपनिया निवेशको के लिए बहुत ही आकर्षक हो जाती है |

भारत में ब्लू चिप कम्पनी (Indian Blue Chip Companies)

भारत में कई Blue Chip Companies है, जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन अधिक है एवं लगातार अच्छा बिज़नस कर रहे है | आइये कुछ कंपनियों को देखते है|

  • Tata Consultancy Services (TCS)
  • Infosys
  • Indian Tobacco Company (ITC)
  • State Bank of India (SBI)

Mutual Fund कितने प्रकार के होते है ? Mutual Fund Types in Hindi

अक्तूबर 13, 2021
एक बेहतर निवेशक बनने व लाभ लेने के लिए Mutual Fund के सभी प्रकार को समझना आवश्यक है | इस पोस्ट में चर्चा करेंगे कि Mutual Fund कितने प्रकार के होते है ?
Mutual Fund कितने प्रकार के होते है

Mutual Fund कितने प्रकार के होते है?

Mutual Fund बहुत सारे अलग अलग लोगों से एकत्रित किया हुआ बहुत सारा पैसा है जिसे इन्वेस्टमेंट के लिए लोगों से, लोगों के फायदे के लिए कलेक्ट किया जाता है |

लेकिन क्या कोई एक ही कम्पनी इन सारे फंड्स को कलेक्ट या मैनेज करने का काम करती है तो ऐसा नही है |

भारत में लगभग 50 से भी ज्यादा म्युचुअल फंड्स हाउस या कम्पनी काम कर रही है जो लोगों का पैसा इकठ्ठा करती है |

जिसकी वजह से हमारे पास बहुत सारे ऑप्शन्स ( Mutual Funds Scheme ) है जिसे अलग अलग कम्पनिया प्रोवाइड करती है |

Mutual Fund Types

म्युचुअल फंड्स में निवेश करने उद्देश्य अलग अलग हो सकता है इसी को ध्यान में रखते हुए कोई भी म्युचुअल फंड्स हाउस या कम्पनी अपने स्कीम लाती है |

Based on Asset Class (एसेट क्लास पर आधारित )

इस प्रकार के फंड्स अलग अलग एसेट में इन्वेस्ट करते है जैसे: बांड्स, शेयर, आदि | 
  • Equity Funds
  • Debt Funds
  • Hybrid or Balanced Funds
  • Tax - Saving Funds
  • Sector Funds
  • Index Funds
  • Funds of Funds

Based on Structure (स्ट्रक्चर पर आधारित )

स्ट्रक्चर आधारित म्यूच्यूअल फंड्स वे होते है जो एक निश्चित समय में ख़रीदा एक बेचा जा सकता है -
  • Closed-Ended Funds
  • Open-Ended Funds

Based on Investment Objective(लक्ष्य पर आधारित )

इस प्रकार के म्यूच्यूअल फंड्स स्कीम आपके इन्वेस्टमेंट लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाया जाता है -
  • Growth Funds
  • Income Funds
  • Liquid Funds