EPS Full Form -EPS क्या होता है | EPS in Hindi

अक्तूबर 09, 2021
शेयर बाजार से किसी कंपनी का शेयर खरीदनें से पहले हम ईपीएस जरुर देखते है तो यह ईपीएस क्या है और ईपीएस जानना एक इन्वेस्टर के लिए इतना जरुरी क्यों है | आइये इस पोस्ट के माध्यम से जानते है कि ईपीएस क्या है |
 
What is eps in hindi

ईपीएस क्या है (EPS Full Form in Hindi )

किसी भी कंपनी का ईपीएस उसका सबसे महत्वपूर्ण फाइनेंसियल रेश्यो है जो कंपनी के प्रॉफिट को एनालिसिस करने में मदद करता है | EPS का Full Form - इसका पूरा नाम Earnings Per Share होता है, किसी भी कंपनी का हर शेयर पर कितना प्रॉफिट हो रहा है यह जानने के लिए हम उस कंपनी का EPS देखतें है | इससे हम किसी भी कम्पनी का तिमाही, वार्षिक ग्रोथ का अंदाजा लगा सकते है |

ईपीएस कैसे निकालें (EPS Kaise Nikale)

किसी भी कंपनी का EPS हम आसानी से निकाल सकते है इसके लिए सबसे पहले हमें कंपनी का तिमाही या वार्षिक नेट प्रॉफिट का पता होना आवश्यक है और फिर कंपनी के टोटल शेयर्स से भगित कर देना है |

शुद्ध लाभ / कुल शेयरों की संख्या
Net Profit / Total Number of Shares

आइये इसे एक उदाहरण लेकर समझते है मान लीजिये एक कंपनी है ABC जिसका कुल 1 लाख शेयर है | कंपनी ABC वर्ष 2021-22 में 40 लाख रूपयें का नेट प्रॉफिट कमाती है तो कंपनी ABC को हर शेयर में कितनी कमाई होती है या कंपनी ABC का ईपीएस क्या होगा -

वर्ष 2021-22 का EPS = 40 लाख रूपयें / 1 लाख शेयर = 40 रुपयें

यहाँ पर कंपनी ABC का ईपीएस वर्ष 2021-22 में 40 रूपयें आया है मतलब कंपनी ABC को अपने हर शेयर पर 40 रूपये की कमाई हुई | किसी कंपनी भी  का ईपीएस जितना अधिक होता है, यह उस कंपनी में पैसे लगाने वाले इन्वेस्टर के लिए बहुत अच्छा है |

ईपीएस कम या ज्यादा होता सकता है और यह कंपनी के नेट प्रॉफिट पर निर्भर करता है | अगर कंपनी को किसी वर्ष अधिक प्रॉफिट होता है तो उसका ईपीएस बढ़ जाता है वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट घटने से ईपीएस भी घट जाता है |

जैसे अगर वर्ष 2022-23 में कंपनी ABC बिज़नस अच्छे से नहीं होता है, और कंपनी ABC केवल 20 लाख रूपये ही नेट प्रॉफिट कमा पाती है तो कंपनी का ईपीएस भी कम हो जाएगा -

वर्ष 2022-23 का EPS = 20 लाख / 1 लाख = 20 रुपयें

नोट:  हमने देखा कि किस तरह से एक कंपनी का ईपीएस या अर्निंग्स पर शेयर,  कंपनी के Net profit में उतार चढ़ाव के साथ घटता-बढ़ता है | 


किसी कंपनी का ईपीएस ज्यादा होना एक अच्छा संकेत होता है, क्योकिं कंपनी की अर्निंग्स पर शेयर जितना ज्यादा होता है इससे इन्वेस्टर्स को उतना ही ज्यादा फायदा होता है | लेकिन जब भी किसी कंपनी का एनालिसिस करना हो तो हमें केवल और केवल ईपीएस ही नहीं देखना चाहिए , ईपीएस के अलावा और भी कई सारे फैक्टर्स को देखकर ही हमें इन्वेस्टमेंट करना चाहिए |

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