Jan 5, 2019

पीई रेश्यो क्या है | पीई रेश्यो को फाइनेंसियल रेश्यो सुपरस्टार क्यों कहते है | Price Earnings (PE) Ratio in Hindi

 PE Ratio क्या है ? Price Earnings Ratio को कैसे कैलकुलेट किया जाता है? इसे "फाइनेंसियल रेश्यो सुपरस्टार " क्यों कहते है |
PE Ratio in Hindi

अगर आप दो शेयरों, दो उद्योगों, दो देशों के बाजारों की तुलना करना चाहते है तो Price Earnings Ratio बहुत ही काम का है।

आप इसकी सहायता से बहुत आसानी से अंदाजा लगा सकते है कि शेयर का भाव बढ़ने की कितनी संभावना है |

PE Ratio क्या है ?

PE रेश्यो यानि कि Price Earnings Ratio सबसे पोपुलर रेश्यो है और सब कोई इसे जानना पसंद करते है |
इसकी पॉपुलैरिटी के कारण इसे "फाइनेंसियल रेश्यो सुपरस्टार " भी कहते है | हम EPS की मदद से PE रेश्यो कैलकुलेट करते है |

इसका फार्मूला है -
Market Price / EPS = PE Ratio 
शेयर की बाजार में कीमत/प्रति शेयर आय = PE रेश्यो

आप किसी भी कम्पनी का PE रेश्यो तबतक नहीं जान सकते है जबतक आप उसकी EPS नही जान लेते है |

आइये इसे उदहारण की सहायता से समझने की कोशिश करे , एक कंपनी JKL है जिसके 10 लाख शेयर से कंपनी को  20 लाख Earnings (शुद्ध लाभ ) हुआ और इस कम्पनी के शेयर का मार्केट प्राइस (शेयर की बाजार में कीमत) 40 रूपयें है |


तो इसका EPS 20 लाख / 10 लाख = 2 रूपये होगा |

जबकि इसका PE ratio होगा-

40 / 2 = 20 रुपयें 

इसका एक मतलब ये भी होता है कि मार्केट पार्टिसिपेंट्स प्रति यूनिट प्रॉफिट पाने के लिए 20 गुना ज्यादा पैसे देने को तैयार है |

PE Ratio कैसे प्रयोग करे?

Price Earnings Ratio का प्रयोग कर आप किसी कंपनी के ग्रोथ बढ़ने या घटने का अंदाजा भी लगा सकते है | इसके लिए कम्पनी के पिछलें कुछ सालों का रिकॉर्ड देखियें और पता करे कि मैक्सिमम PE कितना था उसके बाद पुरे इंडस्ट्री के औसत PE को पता करे और अंत में पुरे बाजार का औसत PE पता करके एक दुसरे से तुलना करे |

ध्यान रखने वाली बात (points to remember)

  • कभी भी केवल PE रेश्यो को ही देखकर निवेश न करे |
  • पूरी कंपनी व बिज़नेस की फंडामेंटल एनालिसिस करे |
  • PE दिखाता है कि कोई शेयर सस्ता या महंगा ट्रेड हो रहा है | 
  • ज्यादातर लोग 21 से ज्यादा PE वाले स्टॉक पर इन्वेस्ट नही करते |
" किसी कंपनी का पीई रेशियो निश्चित संख्या नहीं होता. यह हमेशा बदलता रहता है. मान लीजिए किसी कंपनी का पीई रेशियो आज 20 है. इसका मतलब यह नहीं है कि यह हमेशा 20 रहेगा. कंपनी के प्रदर्शन और शेयर बाजार में उसके शेयर की कीमत के अनुसार यह रेशियो घटता-बढ़ता रहता है. कंपनी के अच्छा मुनाफा कमाने पर उसके शेयरों की मांग बढ़ती है. इससे उसका पीई रेशियो बढ़ जाता है. इसी तरह अगर किसी कंपनी को नुकसान हुआ है तो इसके पीई रेशियो में गिरावट आ सकती है"

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