Mutual Fund NAV क्या है और कैसे करता है | Mutual Fund NAV in Hindi

सितंबर 11, 2019
अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट करते है या आप म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट करने का प्लान बना रहे है तो Mutual fund NAV को जानना बहुत ही आवश्यक है | तो आइये म्यूच्यूअल फण्ड NAV से जुड़ीं सारी बातों को जानतें है |
Mutual Fund NAV in Hindi

Mutual Fund NAV क्या है?

Mutual Fund NAV का मतलब नेट एसेट वैल्यू होता है | इसे आप म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट का प्राइस या दाम भी कह सकते है |

जब आप म्यूच्यूअल फण्ड खरीदते है तो आपको इन्वेस्ट किये गये पैसे के लिए Mutual फण्ड यूनिट दिया है और इसके प्रति यूनिट के दाम को ही NAV कहा जाता है |

Mutual Fund NAV का प्राइस या दाम घटता-बढ़ता रहता है | और इस उतार-चढाव के कारण ही म्यूच्यूअल फण्ड इन्वेस्टर को फायदा या नुकसान होता है | मतलब mutual fund NAV से आपके इन्वेस्टमेंट में कितना रिटर्न आया है इसका पता लगाया जाता है |


म्यूच्यूअल फण्ड NAV का उतार चढाव शेयर बाजार और डेट मार्केट आदि पर निर्भर करता है | अर्थात इन सिक्योरिटीज़ या साधन के दाम घटने या बढ़ने का सीधा संबध Mutual fund NAV से होता है | यानि कि म्यूच्यूअल फण्ड NAV भी घटता-बढ़ता है |

Mutual Fund NAV कैसे काम करता है ?

मान लीजिये एक फण्ड में NAV का प्राइस 50 रूपये है और आप 5000 रूपयें निवेश करतें है तो आपको 5000/50 =  100 म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट मिलते है |

मान लीजिये एक साल बाद Mutual Fund NAV का प्राइस 60 रूपयें हो जाता है | इसका मतलब NAV में 20%
का ग्रोथ हुआ है | और अगर आप इसे 60 रुपयें के NAV में ही बेच देते है तो आपको 60 X 100 यूनिट = 6000 रुपयें मिलते है |

नोट: जब आप किसी म्यूच्यूअल फण्ड को बेचते है या रिडीम करते है तो आपको एग्जिट लोड के रूप में फीस देना होता है | जो 1% या एक फीसदी होती है |

मतलब जब आप म्यूच्यूअल फण्ड से बाहर निकलते है तो आपको  60 x 100 यूनिट - 1% एग्जिट लोड ( इस उदाहारण में 60 रूपये) = 5940 रूपयें मिलते है |

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