मुद्रास्फीति क्या है | महंगाई कैसे बढ़ती है | What is Inflation Meaning in Hindi

What is Inflation Meaning in Hindi:क्या मुद्रास्फीति के कारण दैनिक आवश्यकताओं की चीजें महंगी हो जाती है ? क्या मुद्रास्फीति का प्रभाव हम सब पर पड़ता है ? यदि हाँ तो मुद्रास्फीति या महंगाई से बचने के क्या तरीके है ? चलिए जानते है आखिर क्यों मुद्रास्फीति अच्छी नही होती है ?

What is Inflation Meaning in Hindi

मुद्रास्फीति या Inflation क्या है ?

मुद्रास्फीति एक ऐसी स्थिति है जिसमें जिस मुद्रा (रुपयें ) से आप सामान खरीदते है उसकी वैल्यू कम हो जाती है क्योकिं देश में ज्यादा मुद्रा (सिक्के व नोट की संख्या ) हो जाते है | और वस्तुओं (खानें-पीने, दैनिक उपयोग व अन्य सामान ) की कीमत बढ़ जाती है |

इस तरह से महंगाई (मुद्रास्फीति ) में रुपयें सभी के पास आ जाते है | जिसकी वजह से मुद्रा से खरीदनें की शक्ति कम हो जाती है और उपयोग की वस्तुयें कम हो जाती है जिससे वस्तुओं की कीमत आसमान छूने लगती है |

मुद्रास्फीति के समय भी देश में मुद्रा (रुपयें ) का चलन तो पहले जैसा ही होते रहता है लेकिन इस तरह मुद्रा की वैल्यू घटने पर भी प्रभाव दिखाई नही देता है |

इसका सबसे ज्यादा प्रभाव कम इनकम वाले एवं मध्यमवर्गीय परिवार पर होता है क्योकिं महंगाई बढ़ने के कारण ऐसे परिवार अपनी दैनिक उपयोग के वस्तुओं(खानें-पीने, दैनिक उपयोग के अन्य सामान ) को भी खरीद नही पाते है |

याद करिये आज से 10 साल पहले 100 रुपयें में आप बहुत सा सामान खरीद कर ले आते थे लेकिन आज 100 रुपयें में केवल एक या दो सामान ही मिलती है | इसकी मुख्य वजह मुद्रास्फीति (महंगाई) है |

उदाहरण: आज एक कुर्सी 100 रुपयें  में मिलता है और आप 100 रुपयें  बैंक में जमा करते है | एक साल बाद कुर्सी  की कीमत 106 (100 + 6 महंगाई) रुपयें हो जाती है लेकिन आपके बैंक में जमा 104 (100+ 4 ब्याज ) रुपयें होते है मतलब आपके 100 रुपयें में खरीदनें की शक्ति 2 प्रतिशत कम हो गयी है |

मुद्रास्फीति हर साल 5% - 6% की दर से बढ़ती है मतलब हर साल मुद्रा ( रूपये ) से खरीदनें की शक्ति 5-6 प्रतिशत कम होते जाती है इसलिए मुद्रा (रुपयें ) के खरीदनें की शक्ति को बढ़ाना जरुरी हो जाता है |

महंगाई या मुद्रास्फीति (inflation) से कैसे बचें?

मुद्रास्फीति या महंगाई से बचने का केवल एक ही तरीका है | इससे बचनें के लिए आपको मुद्रा (रुपयें) की वैल्यू को बढ़ाना है | मुद्रा (रुपयें) की वैल्यू बढ़ाने के लिए आपको मुद्रा (रुपयें) को सही से उपयोग में लाना है |
  • मुद्रा की बचत करना 
  • मुद्रा की बचत कर बैंक में न रखना क्योकिं बैंक में 4% ब्याज मिलता है जो महंगाई दर (6%) से कम है
  • बचत करने के बाद मुद्रा का निवेश करना ताकि महंगाई दर से ज्यादा का ब्याज ( रिटर्न ) मिल सके
नोट: निवेश का अर्थ = किसी ऐसे जगह में मुद्रा(रूपये) को लगाना जिसमें रिस्क या जोखिम कम हो और जिससे महंगाई दर (6%) से ज्यादा का ब्याज ( रिटर्न ) मिल सकें |

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