Return on Equity क्या है और कितना होना चाहिए ? Return on Equity ( ROE ) in Hindi

अक्तूबर 22, 2021

इस पोस्ट में हम जानने वाले है कि रिटर्न ऑन इक्विटी क्या है और किसी कंपनी में इन्वेस्टमेंट करने के लिए कितना होना सही है | इसके साथ हम यह भी जानने वाले है कि किसी कंपनी में रिटर्न ऑन इक्विटी कब देखना है और कब किसी कंपनी में रिटर्न ऑन इक्विटी देखना सही नहीं है |


Return on Equity in Hindi


Return on Equity क्या है (Return on Equity in Hindi)

रिटर्न ऑन इक्विटी या ROE एक प्रॉफिटेबिलिटी रेश्यो है जो यह बताता है कि कंपनी के शेयर होल्डर्स को उनके लगाये पैसे पर कितना कमाई हो रहा है या कहे कि कंपनी के शेयर होल्डर्स को खुद के पैसे पर कितना रिटर्न मिल रहा है | किसी भी कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी जितना ज्यादा होता है यह शेयर होल्डर्स के लिए उतना ही अच्छा है|


Return on Equity कितना होना चाहिए ( Return on Equity Kitna Hona Chahiye )

जब भी हम कही अपना पैसा लगाते है या इन्वेस्ट करते है तो हम उस पर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते है | इसी प्रकार यदि हम किसी कंपनी में पैसा लगा रहे है तो उस पर भी हम ज्यादा से ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते है लेकिन यह ज्यादा कितना होने पर सही है 10%, 20% या और अधिक |


एक कंपनी में पैसा लगाने से पहले हम उस कंपनी का कमाई देखते है जो हमें रिटर्न ऑन इक्विटी से पता चलता है तो एक कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी कितना हो जिससे हम उस कंपनी में अपना पैसा लगाये | हमें किसी कंपनी में कितना का रिटर्न का उम्मीद करना सही है |


रिटर्न ऑन इक्विटी कितना होना सही है इसका उत्तर अन्य इन्वेस्टमेंट के विकल्पों में छिपा हुआ है जैसे अगर हम फिक्स्ड डिपोजिट में अपना पैसा डालते है तो 7% रिटर्न मिलता है, सोना या जमीन खरीदते है तो 9से 10% रिटर्न लॉन्ग टर्म में मिलता है, म्यूच्यूअल फण्ड खरीदते है तो 12 से 15% मिलता है जिसमें रिस्क किसी कंपनी में निवेश करने से कम होता है तो अगर हम डायरेक्ट किसी कंपनी के शेयर खरीद कर रिस्क ले रहे तो इसका रिटर्न अन्य निवेश विकल्पों से अधिक होना ही सही है |


किसी कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी 20% या अधिक होना सही है क्योंकि एक अच्छा सा म्यूच्यूअल फण्ड हमें 15% का रिटर्न दे सकता है तो डायरेक्ट किसी बिज़नस में 20% रिटर्न की उम्मीद करना गलत नहीं है |


Return on Equity कब देखना है ( Return on Equity Kab Dekhna Hai)

किसी भी कंपनी में अपने पैसे लगाने से पहले हमें उस कंपनी का अच्छे से एनालिसिस करना बहुत जरुरी होता है | जब हम कंपनी का एनालिसिस करते है तो हम उस कंपनी का कई फाइनेंसियल रेश्यो भी देखते है जिसमें से एक बहुत ही महत्वपूर्ण रेश्यो रिटर्न ऑन इक्विटी भी है |


रिटर्न ऑन इक्विटी किसी कंपनी के शेयर होल्डर्स के पैसे पर कमाए गए रिटर्न को बताता है मतलब कि रिटर्न ऑन इक्विटी शेयर होल्डर्स के पैसे से कमाए गए प्रॉफिट से कैलकुलेट किया जाता है और इसी कारण से जब भी हमें रिटर्न ऑन इक्विटी देखना है तो ऐसी कंपनी का देखना है जिस कंपनी में उधार बहुत कम हो |


क्योंकि रिटर्न ऑन इक्विटी के कैलकुलेशन में उधार के पैसे को शामिल नहीं किया जाता है मतलब कि जब भी हमें किसी कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी देखना है तो ऐसी कंपनी का देखना है जिसने बहुत कम उधार लिया है या उस कंपनी ने उधार लिया ही नहीं है | 

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