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सिस्टेमेटिक विड्रावल प्लान (SWP) क्या है - Systematic Withdrawal Plan Hindi

दिसंबर 06, 2019 Add Comment
क्या आप जानते है सिस्टेमेटिक विड्रावल प्लान (SWP) क्या है? और म्यूच्यूअल फण्ड Systematic Withdrawal Plan (SWP) कैसे काम करता है? तो चलिए आज जानते है Systematic Withdrawal Plan क्या है व इसके क्या-क्या फायदे है?
Systematic Withdrawal Plan hindi

सिस्टेमेटिक विड्रावल प्लान क्या है Systematic Withdrawal Plan(SWP)

Systematic Withdrawal Plan एक तरीका है जिससे एक निश्चित समय (मासिक, त्रैमासिक, छमाही, या वार्षिक) पर आप अपने म्यूच्यूअल फण्ड का पैसा आपकी जरुरत के हिसाब से जब चाहे तब निकाल सकते है|

मतलब Systematic Withdrawal Plan(SWP), म्यूच्यूअल फण्ड की एक सुविधा है जो आपको एक निश्चित अमाउंट, एक निश्चित समय पर निकालने की अनुमति देती है|

जब आप म्यूच्यूअल फण्ड से Systematic Withdrawal Plan के द्वारा पैसा निकालते है तो आपके द्वारा म्यूच्यूअल फण्ड में  इन्वेस्टमेंट किया गया पैसा, हर Withdrawal रिक्वेस्ट के साथ कम होता है |

उदाहरण: अगर आपने 1 लाख रूपये जुलाई 2017 में म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश किया था जो बढ़कर दिसंबर 2018 तक 120000 हो गई तो जब आप Systematic Withdrawal Plan के द्वारा 2019 के जनवरी, फरवरी, मार्च में हर महीने 10 हजार निकालते है तो आपका 90 हजार रूपये म्यूच्यूअल फण्ड में बचे रहेंगे |

सिस्टेमेटिक विड्रावल प्लान (SWP) के फायदे

SWP से आप समय-समय में एक फिक्स्ड इनकम प्राप्त कर सकते है, जिस पैसे का उपयोग आप रिटायरमेंट के बाद की जरूरत या बच्चो के शिक्षा सम्बन्धी खर्च के लिए कर सकते है|

SWP से निकालें गये म्यूच्यूअल फण्ड के पैसे से टैक्स लाभ भी लिया जा सकता है क्योकि सरकार द्वारा टैक्स इनकम पर लिया जाता है, लेकिन जब आप SWP के जरिये अपने पैसे म्यूच्यूअल फण्ड से निकालते है तो यह आपका पैसा व इनकम दोनों मिक्स माना जाता है|

जैसे अगर आपने 1 लाख निवेश किया था जो बढ़कर 1 लाख 10 हजार हो गया मतलब आपको 10% का इनकम हुआ | अब जब आप 10 हजार रूपये SWP के जरिये निकालते है तो पूरा पैसा इनकम नही कहलायेगा बल्कि 1 हजार ही इनकम होगा और 9 हजार आपका मूलधन |

म्यूच्यूअल फण्ड KYC कैसे करें | How to Complete Your Mutual Funds KYC in Hindi

दिसंबर 05, 2019 Add Comment
क्या आप जानते है म्यूच्यूअल फण्ड KYC क्या है और KYC कैसे करते है? तो चलिए जानते है क्यों म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के लिए KYC कराना जरुरी होता है |

Mutual Funds KYC in Hindi

अगर आप किसी भी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश/ इन्वेस्ट करना चाहते है तो आपको KYC कराना पड़ता है | KYC (Know your Customer ) कस्टमर मतलब आपके बारे में (नाम, पता, व्यवसाय आदि ) को जानने का वन टाइम प्रोसेस होता है अर्थात KYC कम से कम एक बार करना जरुरी है |

सेबी ( जो कैपिटल मार्केट को कण्ट्रोल करता है ) ने म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्टमेंट करने वालों के लिए KYC प्रक्रिया पूरा करना अनिवार्य कर रखा है ताकि धोखाधड़ी गतिविधियों को रोका जा सके |

म्यूच्यूअल फण्ड KYC कैसे करें

Mutual Fund की KYC आप नीचे दिए किसी भी सेबी रजिस्टर्ड इंटरमीडियारीज के पास पूरा कर सकते है -

  • KYC रजिस्ट्रेशन एजेंसी (KRA) जैसेः डिपाजिटरी (CSDL, NDSL), CAMS आदि
  • एसेट मैनेजमेंट एजेंसी

इन सब सेबी रजिस्टर्ड इंटरमीडियारीज से म्यूच्यूअल फण्ड KYC आप ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से कर सकते है |

Mutual Funds KYC कैसे करें -Offline

  • फण्ड हाउस (एसेट मैनेजमेंट कंपनी) के ऑफिस या KYC रजिस्ट्रेशन एजेंसी के ऑफिस जाये
  • KYC फॉर्म भरकर अपना एड्रेस व पहचान का प्रमाण दे |
  • आधार कार्ड व पैन कार्ड

Mutual Funds KYC कैसे करें - Online

  • फण्ड हाउस या KYC रजिस्ट्रेशन एजेंसी के वेबसाइट पर जायें व अपना एक इन्वेस्टर अकाउंट बनाये
  • अपने आधार लिंक मोबाइल number से अपने अकाउंट को वेरीफाई करें
  • अपने आधार कार्ड व पैन कार्ड की स्कैन कॉपी अपलोड करें


म्यूच्यूअल फण्ड कट ऑफ टाइम क्या है - Mutual Fund Cut-off Timings Hindi

दिसंबर 03, 2019 Add Comment
क्या आप जानते है म्यूच्यूअल फण्ड कट ऑफ टाइम क्या है, और Mutual Fund Cut-off Timings का आपके निवेश पर क्या प्रभाव पड़ता है? तो चलिए म्यूच्यूअल फण्ड कट ऑफ़ टाइम को समझते है और जानते है कट ऑफ़ टाइम क्यों जानना आवश्यक है|

Mutual Fund Cut-off Timings

म्यूच्यूअल फण्ड कट ऑफ टाइम क्या है (Mutual Fund Cut-off Timings)

Mutual Fund Cut-off Timings यह बताता है कि अगर हम म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स खरीदते या बेचते है तो उस समय में म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स का दाम क्या होगा मतलब म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स का NAV (net asset value) क्या होगा |

Mutual Fund Cut-off Timings लिक्विड फण्ड, इक्विटी फण्ड व डेब्ट फण्ड में अलग अलग होती है | जैसे इक्विटी फण्ड के लिए कट ऑफ़ टाइम दोपहर 3 बजे का होता है | चलिए इन्हें और डिटेल में समझते है|

इक्विटी फण्ड- इस फण्ड का कट ऑफ़ टाइम 3 बजे का होता है मतलब अगर आप 3 बजे से पहले इक्विटी फण्ड के लिए एप्लीकेशन देते है तो आपको उसी दिन के NAV के हिसाब से म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स मिलते/देते  है |

अगर आप 3 बजे के बाद एप्लीकेशन देते है तो आपको अगले दिन के NAV के हिसाब से म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स मिलते/देते  है |

डेब्ट फण्ड- इस फण्ड का कट ऑफ़ टाइम भी इक्विटी फण्ड की तरह 3 बजे होता है और इसमें प्रोसेस इक्विटी फण्ड की तरह ही है |

लिक्विड फण्ड - इस फण्ड का कट ऑफ़ टाइम 2 बजे होता है मतलब अगर आप 2 बजे से पहले म्यूच्यूअल फण्ड के लिए रिक्वेस्ट करते है तो आपको पिछले दिन के NAV के हिसाब से म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट मिलते/देते है|

यदि आप 2 बजे के बाद म्यूच्यूअल फण्ड के लिए रिक्वेस्ट करते है तो आपको उसी दिन के NAV हिसाब से म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स मिलते/देते है |

म्यूच्यूअल फण्ड कट ऑफ़ टाइम जानना क्यों आवश्यक है?

यदि आप लम्बे समय के लिए एक बड़ी रकम निवेश करना चाहते है तो Mutual Fund Cut-off Timings को न जानना आपके इन्वेस्टमेंट व रिटर्न में एक बड़ा अंतर दिखा सकता है इसलिए अपने अनुसार NAV के हिसाब से म्यूच्यूअल फण्ड की यूनिट्स खरीदने व बेचने के लिए आपको म्यूच्यूअल फण्ड की कट ऑफ़ टाइम को आवश्यक रूप से जानना चाहिए|

म्यूच्यूअल फण्ड के चार्जर्स क्या है | Mutual Fund Charges in Hindi

दिसंबर 01, 2019 Add Comment
क्या आप जानते है म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के क्या-क्या चार्जर्स (Mutual Fund Charges) लगते है? म्यूच्यूअल फण्ड का कास्ट कम होता है या ज्यादा | तो चलिए जानते है म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने से आपको कौन-कौन से चार्ज देने पड़ते है?

Mutual Fund Charges in Hindi


भारत में म्यूच्यूअल फण्ड बहुत ही तेजी से पॉपुलर हुआ है क्योकिं म्यूच्यूअल फण्ड निवेश का एक बेहतर आप्शन है और इसमें रिटर्न भी काफी अच्छे मिल रहे है और यही कारण है कि ज्यादातर लोग म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कर रहे है |

म्यूच्यूअल फण्ड के चार्जर्स (Mutual Fund Charges)

अगर आप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना चाहते है तो आपको म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने से पहले mutual fund charges के बारे में अवश्य जानना चाहिए | तो चलिए म्यूच्यूअल फण्ड से जुड़े कुछ चार्ज को देखते है जो आपको निवेश करने से पहले ध्यान में रखना चाहिए |

Entry Load

जब पहली बार एक निवेशक किसी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम में निवेश करता है तो उसे entry load के रूप में चार्ज देना होता है लेकिन सन 2009 में, SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया) ने entry load के चार्ज को सभी प्रकार के म्यूच्यूअल फण्ड स्कीमों से हटा दिया था |

अब भारत में म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने पर entry load चार्ज नही देना पड़ता है, अन्यथा पहले भारत में entry load चार्ज लगभग 2.25% हुआ करता था |

फण्ड हाउस के द्वारा entry load चार्ज लेने का उद्देश्य म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम को प्रमोट करने के लिए लगने वाले खर्चे को मैनेज करने के लिए लिया जाता था |

Exit Load

जब एक निवेशक म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स को रिडीम करता है तो उसे exit load चार्ज देना पड़ता है | exit load चार्ज किसी भी स्कीम का एक मुख्य खर्च होता है जिसे इन्वेस्टर को म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स को रिडीम करते वक्त देना होता है |

exit load का चार्ज लेना अनिवार्य नही है लेकिन exit load चार्ज होने के कारण इन्वेस्टर एक स्कीम से दूसरें स्कीम में स्विच करने से रोकती है, हालाकिं भारत में फण्ड हाउस exit load चार्ज 1% रखती है ताकि निवेशकों को आकर्षित कर सकें |

exit load चार्ज अलग-अलग स्कीमों में अलग-अलग हो सकती है | सेबी के गाइडलाइन्स के अनुसार, exit load का चार्ज रिडेम्पशन अमाउंट का 7% मैक्सिमम हो सकता है |

Expense Ratio

म्यूच्यूअल फण्ड में लगने वाले चार्ज में एक्सपेंस रेश्यो सबसे महत्वपूर्ण है, जिसे आपको पता होना चाहिए | एक्सपेंस रेश्यो, फण्ड हाउस के द्वारा म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम को मैनेज करने के लिए वार्षिक शुल्क के रूप में  लिया जाता है, आमतौर पर एक्सपेंस रेश्यो को % के रूप में दर्शाया जाता है |

एक्सपेंस रेश्यो, म्यूच्यूअल फण्ड निवेशकों से स्कीम के प्रमोशन, मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन, मैनेजमेंट व एडमिनिस्ट्रेशन के लिए लिया जाता है | जब टोटल एक्सपेंस को एक म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम के AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट ) से डिवाइड किया जाता है तो एक्सपेंस रेश्यो मिलता है |

Mutual Funds रिडीम कैसे करें | Mutual Funds का पैसा कैसे निकाले | Mutual Funds Redemption Hindi

नवंबर 28, 2019 Add Comment
Mutual Funds रिडीम कैसे करें मतलब म्यूच्यूअल फण्ड में जमा किया गया पैसा कैसे निकाले ? क्या आप म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम करने के तरीके जानते है | चलिए जानते है म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम कैसे करें जिससे म्यूच्यूअल फण्ड का पैसा निकल जाये |

हम सब म्यूच्यूअल फण्ड में पैसे लम्बे समय के लिए निवेश करते है लेकिन कई बार हम अपनी जरुरत के लिए या फिर किसी दुसरे म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के लिए म्यूच्यूअल फण्ड से पैसा निकलना चाहते है तो चलिए जानते है म्यूच्यूअल फण्ड से पैसा निकालने का प्रोसेस क्या है |
Mutual Funds Redemption Hindi

Mutual Funds Redeem कैसे करें ?

जब हम म्यूच्यूअल फण्ड खरीदते है या निवेश करते है तो हमें म्यूच्यूअल फण्ड की यूनिट दी जाती है जिसकी प्राइस घटते-बढते रहती है जिसके कारण हमें फायदा या नुकसान होता है |

अब जब हम म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट को सेल करना चाहते है या अपना पैसा निकलना चाहते है तो हमें कुछ प्रोसेस करनी पड़ती है जिसे म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम कहते है |

Mutual Funds Redeem करने के दो तरीके है - ऑनलाइन व ऑफलाइन

Online Mutual Funds Redeem

आप घर बैठे मोबाइल व इन्टरनेट की मदद से ऑनलाइन म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम कर सकते है | ज्यादातर म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी ऑनलाइन म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम का आप्शन देती है |

घर बैठे म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम करने के लिए आपको म्यूच्यूअल फण्ड हाउस के वेबसाइट में जाकर आपको अपनी यूजर ID, PAN नंबर या फोलियो नंबर आदि से लॉग इन करना है |

अब आपको एक एप्लीकेशन फॉर्म या Mutual Funds Redeem फॉर्म भरकर सबमिट कर देना है | फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद आपको रजिस्टर्ड ईमेल व फ़ोन नंबर पर एक कन्फर्मेशन मेसेज आयेगा

और फिर एप्लीकेशन फॉर्म अप्रूव होने के बाद आपका पैसा आपके बैंक खाते 3 से 4 दिन में आ जायेगा, अगर आपने अपनी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम खरीदते वक्त बैंक डिटेल्स दी है |

Offline Mutual Funds Redeem

mutual fund ऑफलाइन रिडीम  करने के लिए आपको म्यूच्यूअल फण्ड ऑफिस या म्यूच्यूअल फण्ड एजेंट के पास जाना है |

म्यूच्यूअल फण्ड ऑफिस में आपको एक एप्लीकेशन फॉर्म या रिडेम्पशन फॉर्म भरना है जिसमें आवश्यक डिटेल भरने है जैसे - अपना नाम, फोलियो नंबर, पैन नंबर, म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम का नाम और आप कितना यूनिट्स या पैसा रिडीम करना/निकलना चाहते है |

रिडेम्पशन फॉर्म भरने के बाद ऑफिस में जमा कर देना है और उसके बाद जब म्यूच्यूअल फण्ड हाउस/कंपनी एप्लीकेशन फॉर्म अप्रूव कर लेती है तो आपका पैसा आपके बैंक अकाउंट में 3 से 4 दिन में आ जाता है | अगर आपने अपनी म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम खरीदते वक्त बैंक डिटेल्स दी है |

Mutual Funds Redeem करते समय ध्यान रखें?

म्यूच्यूअल फण्ड एक साल से कम समय में रिडीम करते है तो 1% एग्जिट लोड देना पड़ता है | म्यूच्यूअल फण्ड के एग्जिट लोड चार्ज व समय म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम के अनुसार अलग अलग होते है |

म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट्स बेचते समय वर्तमान NAV मतलब एक म्यूच्यूअल फण्ड यूनिट का दाम आवश्यक चेक करें क्योकिं इसी के आधार पर आपको पैसा मिलता है |

म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम करते समय लगने वाले टैक्स का भी ध्यान रखे |

कई म्यूच्यूअल फण्ड का एक फिक्स समय (लॉक in पीरियड) होता है तो समय से पहले आप म्यूच्यूअल फण्ड रिडीम नही कर सकते है | जैसे: ELSS में 3 साल