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कंपाउंड इन्टरेस्ट क्या है | Compound Interest in Hindi

जून 24, 2019
चक्रवृधि ब्याज (Compound Interest) एक अजूबा है , ये मैंने नही कह रहा दुनिया के महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइन्स्टीन ने कहा है |  आइये देखे कंपाउंड इन्टरेस्ट फार्मूला (Compound Interest formula) का प्रयोग कंपाउंड इन्टरेस्ट कैलकुलेट करने के लिए कैसे करते है |

Compound Interest Formula

What is Interest (ब्याज क्या है)

Interest: जो हमें पैसे जमा करने पर बैंक या साहूकार हमारे पैसे के उपर में देता है उसे ब्याज कहते है |

ब्याज दो प्रकार के होते है

Simple Interest ( साधारण ब्याज) : जब कोई व्यक्ति लोन लेता या देता है तो उस लोन पर एक निश्चित समय(Time) में मिलने वाला ब्याज (Interest ) और पैसा (Amount ) फिक्स्ड रहता है तो उसे साधारण ब्याज कहा जाता है |

आप इस फार्मूला का प्रयोग करके साधारण ब्याज कैलकुलेट कर सकते है |

साधारण ब्याज = (मूलधन x समय x दर) / 100

जैसेः 

Ram ने 5% की दर से 5000 रूपयें का लोन दिया |

5000 रूपयें मूलधन है जिसमे 5% की दर से ब्याज को जोड़ा जायेगा |

पहला साधारण ब्याज:  250 रूपयें
दूसरा साधारण ब्याज:  250 रूपयें
तीसरा साधारण ब्याज:  250 रूपयें

कुल(Total) : 5750 रूपये (तीन महीने बाद)

Compound Interest(चक्रवृधि ब्याज ) : चक्रवृधि ब्याज,  साधारण ब्याज से पूरी तरह अलग है,
Compound Interest(चक्रवृधि ब्याज ) में जब कोई व्यक्ति लोन लेता या देता है तो मूलधन(principal Amount)  समय के साथ बदलते रहता है क्योंकि इसमें पुराने मूलधन में उसके ब्याज को जोड़ दिया जाता है |
और ये लगातार चलते रहता है जबतक लोन चुकाया न जाये |

एक बात ध्यान रखे आपको सेविंग बैंक, फिक्स्ड डिपाजिट, आदि में साधारण ब्याज मिलता है, आपको कंपाउंड इन्टरेस्ट नही मिलता है और इसलिए आपका पैसा तेजी से नही बढ़ता है |

Compound Interest Formula

आप इस फार्मूला का प्रयोग कर सकते हैं -

कुल रकम = मूलधन (1+दर) x समय

मूलधन = (दिया या लिया गया लोन )
ब्याज दर = ( निर्धारित ब्याज का दर उदाहरण 5%)

समय = समय अवधि 

जैसेः 

श्याम ने 5% की दर से 5000 रूपयें का लोन कंपाउंड इंटरेस्ट पर दिया |

5000 रूपयें यहाँ पर मूलधन है जिसमे 5% की दर से ब्याज को जोड़ा जायेगा |

पहला चक्रवृधि ब्याज:  250 रूपयें
दूसरा चक्रवृधि ब्याज:  262.5 रूपयें (5000 + 250 = 5250 का ब्याज )
तीसरा चक्रवृधि ब्याज:  275.63 रूपयें (5250 + 262.5 = 5512.5 का ब्याज )

कुल(Total) : 5788.13 रूपये (तीन महीने बाद)

आपने देखा की कैसे चक्रवृधि ब्याज , साधारण ब्याज से अलग है, और किस तरह से आपको ज्यादा ब्याज मिला है | mutual funds और शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने से आपको कंपाउंड इन्टरेस्ट मिलता है,  इसलिए आप शेयर बाजार और mutual funds के बारे में सीखना शुरु करे ताकि आप भी अपनी पैसा तेज़ी से बढ़ा सकें | 

शेयर क्या होता है | शेयर के सारे राज व लाभ | Share in Hindi

फ़रवरी 09, 2019
Share in Hindi: क्या आप जानते है ? शेयर क्या है ?( What is Share ?) और शेयर क्या काम आता है ? कोई कम्पनी Share Market में  शेयर क्यों बेचती है ?

share in hindi

Share क्या है ?

सरल भाषा में बिज़नस -जब भी कोई कंपनी कुछ समान या सर्विसेस बनाती है और उसे बेचती है तो उसे बिज़नस कहते है |

Share व बिज़नस का क्या कनेक्शन है ?

शेयर बिज़नस का एक हिस्सा होता है अर्थात किसी बिज़नेस का छोटा सा टुकड़ा है, लेकिन कोई कम्पनी शेयर को शेयर मार्केट में क्यों बेचती है, क्या ऐसा एक कम्पनी अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए करती है ?

जब किसी कम्पनी को अपने नये ब्रांच व व्यापार को बढ़ाने के लिए बहुत ज्यादा पैसे की जरुरत होती है तो ऐसे में कम्पनी आम जनता से पैसे लेकर अपना व्यापार करती है |

जिसके लिए Share market एक बाज़ार का काम करता है| जहाँ पर उन कंपनियों के शेयर उपलब्ध रहते है जो कम्पनी अपना शेयर लिस्ट कराती है ताकि आम पब्लिक कम्पनी के शेयर को खरीद सके|

जैसेः आइचर्स मोटर्स, पेज इंडस्ट्री आदि|

Share क्यों खरीदा जाता है

कोई व्यक्ति किसी कम्पनी का Share इसलिए खरीदता है ताकि उसे मुनाफा हो मतलब कि जब आप एक कम्पनी के Share खरीदते है तो आप उस कम्पनी के हिस्सेदार हो जाते है और जब कम्पनी ग्रोथ ( व्यापार बढ़ना ) करती है तो उसका लाभ शेयर धारक के बीच में बांटा जाता है |

जब भी आप Share खरीदते है तो आपको कम्पनी में हिस्सेदारी का डॉक्यूमेंट दिया जाता है जो आज कल डिजिटल रूप में आता है | जिस आपके डीमैट अकाउंट में रखा जाता है|

अगर आपने ने किसी कम्पनी का शेयर 500 रूपये के भाव में ख़रीदा है तो इसका मतलब है कि आपने उस कम्पनी का थोड़ा सा हिस्सा ख़रीदा है और जब कंपनी ग्रोथ करती है तो उसके साथ Share का भाव भी बढ़ता है (जैसेः 600, 750 , 900, 1000 आदि )

ऐसे में आपने कम्पनी के 50 शेयर 500 रूपये के दाम पर 25000 रूपये में खरीदा था जिसका भाव बढ़कर 900 हो गया है मतलब आपको प्रति शेयर 400 रूपये का मुनाफा होगा |

50 शेयर X 900 रूपये = 45000 रूपये 
45000 - 25000 = 20000 रूपये (लाभ हुआ ) 

यहाँ आप देख सकते है कि किस प्रकार 25000 रूपये का शेयर 45000 रूपये का हो जाता है जिसमे आपको 20000 रूपये का शुद्ध लाभ होता है |

इसे आप उन लोगों को भेजें जिन्हें आप share के बारे में सिखाना चाहते है :)

डिविडेंड क्या है | डिविडेंड कब मिलता है | Dividend in Hindi

फ़रवरी 07, 2019
क्या आपको कभी Dividend मिला है ? कोई कंपनी डिविडेंड कब देती है?  इन्तरिम और फाइनल डिविडेंड क्या होता है ?

Dividend क्या है ?

Dividend in hindi

डिविडेंड या लाभांश का मतलब है – कंपनी में लाभ का अंश !

कोई भी कंपनी डिविडेंड या लाभांश कंपनी के द्वारा प्रोफिट्स किये जाने पर कंपनी के शेयर होल्डर्स को देती है |

कोई भी कंपनी प्रति वर्ष Dividend देगी या नही इसे कोई नही जानता है, क्योंकि यह निश्चित नही है कि कंपनी हर साल ग्रोथ करती रहेगी, लेकिन कई ऐसी भी कंपनिया होती है जो लगातार हर वर्ष डिविडेंड देती है इसलिए ऐसी कंपनिया इन्वेस्टर्स को ज्यादा लुभाती है |

Dividend प्रति शेयर के हिसाब से किसी कम्पनी के शेयर होल्डर्स को दिया जाता है |

उदहारण - मान लीजिये अगर आपके पास ABC कम्पनी के 500 शेयर है और कम्पनी ने 1 रुपयें प्रति शेयर डिविडेंड देने की है तो आपको 500 x 1 = 500 रूपये डिविडेंड के रूप में मिलेंगे |

Dividend की घोषणा (Dividend Announcement)

कंपनी के द्वारा डिविडेंड की घोषणा कम्पनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के द्वारा Annual General Meetings (AGM) में किया जाता है मतलब डिविडेंड देना है या नही पूरी तरह से कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स पर निर्भर करता है |

क्योंकि कई बार कम्पनी अपने मुनाफे को डिविडेंड न दे करके कम्पनी के नये ब्रांच खोलने या अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए खर्च करती है |

Dividend के प्रकार (Types of Dividend)

कोई भी कंपनी डिविडेंड फाइनेंसियल इयर के अंदर किसी भी समय दे सकती है इसलिए इसके दो प्रकार है -

Intrim Dividend : जब कोई कम्पनी फाइनेंसियल इयर के भीतर डिविडेंड देने की घोषणा करती है तो उसे Intrim Dividend कहते है |

Final Dividend : जब कम्पनी फाइनेंसियल इयर के अंत में डिविडेंड देने की घोषणा करती है तो उसे Final Dividend कहते है |

इसके साथ ही कई मौकों पर कम्पनी Special Dividend (स्पेशल डिविडेंड ) भी दे सकती है |

Dividend Calculations

डिविडेंड को फेस वैल्यू के परसेंटेज के रूप में भी व्यक्त किया जाता है - मान लीजिये कम्पनी ABC ने 5 रुपयें डिविडेंड की घोषणा की है और कंपनी का फेस वैल्यू 1 रूपये है तो paid किया गया डिविडेंड है -

5/1 = 500%

इस तरह कंपनी ने फेस वैल्यू का 500% डिविडेंड दिया है |

Dividend Dates

डिविडेंड की घोषणा कम्पनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स Annual General Meetings (AGM) में करती है लेकिन घोषणा के तुरंत बाद ही डिविडेंड नही दिया जाता है क्योकिं शेयर्स सालभर ट्रेड होते है इसलिए किसे डिविडेंड दिया जाये, यह पता करना कठिन होता है |

आप इसे डिविडेंड साइकिल (चक्र ) से समझ सकते है -

Dividend Declaration Date: इस दिन कंपनी अपने शेयर होल्डर को डिविडेंड देने की घोषणा करती है |

Record Date: इस दिन कंपनी अपने शेयर होल्डर्स रजिस्टर की समीक्षा करती है कि किन किन लोगो के पास शेयर्स है, जो डिविडेंड पाने के हक़दार है | आमतौर पर डिविडेंड डिक्लेरेशन्स डेट व रिकॉर्ड डेट के बीच का समय 30 दिन होता है |

Ex Date/Ex Dividend date: यह Last date होता है, अगर इस Date के बाद  किसी ने स्टॉक या शेयर ख़रीदा है, तो उसे डिविडेंड नहीं मिलेगा

Dividend Payout Date: इसी दिन कंपनी अपने हक़दार शेयर होल्डर्स को डिविडेंड देती है |

आप इसे सात लोंगो को भेजें ताकि उनको dividend के बारे में ज्यादा जानकारी मिल सकें :)

पेनी स्टॉक्स क्या होता है | पेनी स्टॉक्स में निवेश सही या गलत | Penny Stocks in Hindi

जनवरी 30, 2019
Penny Stocks in Hindi: क्या आप जानते है? पेनी स्टॉक्स (Penny Stocks ) क्या है?

Penny Stocks image

Penny Stocks क्या है?

Penny Stocks को जानने से पहले हम जान लेते है पेनी क्या होता है , आपने डायलॉग तो सुना ही होगा "मेरे पास एक रुपया नही है "  जिसका अंग्रेजी अर्थ " I Dont Have Any Penny" है |

आपने गौर किया मैंने रूपया और Penny दोनों शब्द का उपयोग किया है क्योंकी अंग्रेजी में सिक्के को Penny कहा जाता है |

अब आपको धीरे - धीरे समझ में आने लगा होगा कि Penny Stocks क्या हो सकते है | अगर आप सोच रहें है कि पेनी स्टॉक एक- दो रूपये में मिलते है तो आपका अनुमान एकदम सही है |

पेनी स्टॉक्स दरअसल वे स्टॉक्स होते है जिनकी दाम बहुत कम होता है इसलिए इन्हें Low Priced Stocks भी कहा जाता है |

लेकिन ध्यान रहें हर कम कीमत वाली स्टॉक्स पेनी स्टॉक्स नही होती है क्योंकि Share Market में उतार चढ़ाव आते रहते है इसलिए स्टॉक्स कई बार कम में मिलने लगते है इसलिए आपको एक पेनी स्टॉक्स को पहचान करना आना चाहिए |

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार
पेनी स्टॉक वे हैं जो बहुत कम कीमत पर व्यापार करते हैं, बहुत कम बाजार पूंजीकरण होता है, ज्यादातर अनूठे होते हैं, और आमतौर पर छोटे विनिमय पर सूचीबद्ध होते हैं। भारतीय शेयर बाजार में पेनी शेयरों की कीमत 10 रुपये से कम हो सकती है। ये स्टॉक प्रकृति में बहुत सट्टा हैं और तरलता की कमी, शेयरधारकों की कम संख्या, बड़ी बोली-पूछ फैलता है और जानकारी के सीमित प्रकटीकरण के कारण अत्यधिक जोखिम वाले माने जाते हैं। 

Penny Stocks का पता कैसे लगाये

भारतीय स्टॉक मार्केट में बहुत सारे पेनी स्टॉक्स है लेकिन पेनी स्टॉक्स को पहचान करने का बेहतर तरीका कौन सा है |
  • 1 रुपयें से लेकर 25-30 रूपये तक के स्टॉक्स को पेनी स्टॉक्स कहा जाता है |
  • इनकी मार्केट कैपिटलाइजेशन भी 100 करोड़ के आस पास होती है |

Penny Stocks में निवेश सही या गलत

अगर हम एक निवेशक की नजर से देखे तो हमें पेनी स्टॉक्स में निवेश सोच समझकर करना चाहिए क्योंकि एक लॉन्ग टर्म निवेशक प्राइस को देख कर इन्वेस्ट नही करता है | एक अच्छा इन्वेस्टर वह होता है जो कम्पनी के मैनेजमेंट व फंडामेंटल को अच्छे से समझ कर निवेश करता है |

आप भी पेनी स्टॉक्स में इसलिए निवेश न करे क्योंकि वह 10 रूपये में मिल रहा है और 20 रूपये होने में ज्यादा समय नही लगेगा |

किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले क्वालिटी की जांच अवश्य करें ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे | Penny Stocks में नुकसान होने के सम्भावना बहुत ज्यादा होती है |

इसे उन लोगों को भेजें जिन्हें आप penny stocks से होने वाले loss को बताना चाहते है :)

ट्रेडिंग अकाउंट क्या है | Trading Account in Hindi

जनवरी 28, 2019

ट्रेडिंग अकाउंट क्या है ?(Trading Account ) व स्टॉक मार्केट में  ट्रेडिंग अकाउंट की जरुरत क्यों होती है ?Trading Account किसके पास खुलवाते है? Trading Account और stock broker में क्या सम्बन्ध है?

Trading Account in hindi

Trading Account क्या है?

Trading Account वह अकाउंट है जिसकी मदद से हम स्टॉक मार्केट में शेयर खरीदने व बेचने का आर्डर देते है |

अगर आप Share Market में शेयर खरीदना व बेचना चाहते है तो आप ट्रेडिंग अकाउंट के माध्यम से अपना आर्डर दे सकते है | 

इसका मतलब है कि हमें ट्रेडिंग अकाउंट की आवश्यकता स्टॉक मार्केट से  केवल शेयर खरीदने व बेचने के लिए ही  होती है |

Trading Account व Stock Broker

Trading Account और स्टॉक ब्रोकर में क्या सम्बन्ध है इसका सीधा सा जवाब है अगर ट्रेडिंग अकाउंट रथ है तो स्टॉक ब्रोकर सारथी है |

आप जब भी trading account की मदद से शेयर खरीदने या बेचने का आर्डर देते है तो वह आर्डर सबसे पहले स्टॉक ब्रोकर के पास पहुँचता है उसके बाद स्टॉक ब्रोकर स्टॉक एक्सचेंज में आपके आर्डर को कम्पलीट कराता है |

अगर आप शेयर खरीदना (Buy ) व बेचना (Sell ) करना चाहते है तो आपको एक Trading Account व डीमैट अकाउंट खोलना होता है जिसे आप स्टॉक ब्रोकर के माध्यम से खुलवा सकते है |

मैं पहले ही डीमैट अकाउंट से संबंधीत पोस्ट लिख चूका हूँ जहाँ मैंने अकाउंट खुलवाने के लिए कौन कौन सी डॉक्यूमेंट की जरुरत होंगी बताया है जिसे आप ज्यादा जानकारी के लिए पढ़ सकते  है |

Trading Account प्लेटफार्म

स्टॉक ब्रोकर आपके सुविधा के लिए कई तरह के trading platform प्रोवाइड करता है-
जैसेः
  • फ़ोन से ट्रेड करने की सुविधा |
  • स्टॉक ब्रोकर के ऑफिस में जाकर ट्रेड करना |
  • स्मार्टफोन एप्लीकेशन के जरिये |
  • स्टॉक ब्रोकर की वेबसाइट से |
आप इन सभी माध्यम से ट्रेड कर सकते है पर ध्यान रखे स्टॉक ब्रोकर की सर्विसेस व उनकें चार्ज इन सेवाओं पर ही लिए जाते है | क्यों की भारत में फुल सर्विस ब्रोकर व डिस्काउंट सर्विस ब्रोकर दोनों है |

  • शेयर बाजार में  ट्रेडिंग के लिए  ट्रेडिंग अकाउंट की जरुरत होती है।
  • ट्रेडिंग अकाउंट के जरिये ही शेयरों की खरीद - ब्रिकी की जाती है।
  • ट्रेडिंग अकाउंट ब्रोकर के पास खुलवाना होता है। 
  • यह बैंक अकाउंट की तरह होता है।
  • इसे बैंक और डीमैट अकांउट से लिंक किया जा सकता है |
Source: MoneyControl