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Cibil Score Kaise Badhaye | सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाये

मई 03, 2022 Add Comment
Cibil Score Kaise Badhaye | सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाये

 अगर आप लोन लेना चाहते है या क्रेडिट कार्ड अप्लाई करना चाहते है तो इसके लिए आपका सिबिल स्कोर 750+ होना चाहिए, लेकिन किसी कारण से आपका सिबिल स्कोर कम है और आप अपने सिबिल स्कोर को बढ़ाना चाहते है, तो यह स्टेप्स फॉलो करके आप अपने सिबिल स्कोर को बढ़ा सकते है |


सिबिल स्कोर क्या है ? Cibil Score Kya Hai

सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच का अंक होता है जो आपके क्रेडिट रिपोर्ट को दर्शाता है, अगर आपका सिबिल स्कोर 300 है तो यह बहुत ही ख़राब है और अगर आपका सिबिल स्कोर 900 है तो यह बहुत ही अच्छा है | 

अगर आपका सिबिल स्कोर 750 है तो बैंक या NBFC कम्पनीज़ में लोन के प्रोसेस होने में कोई दिक्कत नहीं आता है लेकिन अगर आपका सिबिल स्कोर 700-750 से कम है तो फिर आपको थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है |

लेकिन अगर आप इन दिक्कतों से बचना चाहते है तो आपको अपने सिबिल स्कोर में सुधार करना होगा जिसके बाद बाद लोन प्रोसेस में आपको कोई परेशानी नहीं आएगी |

तो चलिए जानते है कि आप अपना सिबिल स्कोर कैसे बढ़ा सकते है |


सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाये ? Cibil Score Kaise Badhaye

नीचें दिया गया स्टेप्स सिबिल स्कोर बढ़ाने का सबसे सरल तरीका है, जिसे फॉलो करके आप अपने सिबिल स्कोर को आसानी से बढ़ा सकते है -

1 अपने लोन के किस्तों को समय से 1-2 दिन पहले जमा कर दें 

2 अगर क्रेडिट कार्ड है तो लिमिट का 60% अमाउंट ही यूज़ करें

3 क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल, समय से पेमेंट कर दें 

4 अपने इनकम का 40% हिस्से का ही लोन क़िस्त बनवाएं या छोटा लोन क़िस्त बनवाए

5 लोन तभी निकालें, जब उस पैसे से पैसा कमाना हो,  दिखावे के लिए लोन न ले

6 एक समय में कई लोन, क्रेडिट कार्ड न ले

Networth क्या होता है और कैसे कैलकुलेट करते है | Net worth in Hindi

अक्तूबर 13, 2021
क्या आप जानते है? Net worth क्या है? आपकी कितनी NetWorth है? और इसे कैलकुलेट करने के लिए आप नीचें दिए Net worth Formula का use कैसे करेंगे |
what is Net Worth in hindi

Networth क्या होता है

Net worth को समझने के लिए हम इसके दोनों शब्दों को अलग करेंगे - 

Net = शुद्ध Worth = सम्पति अर्थात इसका मतलब शुद्ध सम्पति है | इसका उपयोग कम्पनी, व्यक्ति ,संस्था आदि के साथ किया जाता है जो उस कम्पनी , व्यक्ति या संस्था के आर्थिक स्थितियों को बताता है |

कम्पनी, व्यक्ति या किसी संस्था का Net worth उनकी कुल सम्पति (Total Asset) में कुल दायित्व (Total Libelities) में घटाने से प्राप्त होता है |

आपने अक्सर तरह तरह के माध्यमों से चाहे वह टीवी , रेडियो, या फिर समाचार पत्रों में हो, किसी कम्पनी , फिल्म स्टार्स , स्पोर्ट्स पर्सन(खिलाडियों ) के Net worth के बारे में सुना होगा |

अगर आप किसी कम्पनी या सेलिब्रेटीज का आर्थिक स्थिति (Financial Position ) के बारे में जानना चाहते है तो आपको उस कम्पनी या सेलिब्रिटीज का Net worth कैलकुलेट करना होगा |

Networth की गणना

Net worth की गणना करना बहुत ही आसान है अगर आपको जोड़ना व घटाना आता है तो आप आसानी से Net worth कैलकुलेट कर सकते है |

नोट: यह फार्मूला स्टॉक मार्केट की किसी कंपनी के नेट वर्थ को जानने के लिए आप प्रयोग कर सकते है |


Net Worth = (Total Asset -Total Liabilities)
नेट वर्थ = कुल सम्पति – कुल दायित्व

यहाँ पर आपको net worth कैलकुलेट करने के लिए कुल सम्पति व कुल दायित्व को जानना आवश्यक है क्योंकि इनके बिना आप किसी व्यक्ति या कम्पनी का नेट वर्थ नही निकाल सकते है |


कुल सम्पति : सबसे पहले आपको सभी सम्पतियों का लिस्ट बनाना होगा अगर आपने अमिताभ बच्चन की डायलॉग सुनी हो "आज मेरे पास गाड़ी है , बंगला है , बैंक बैलेंस है तुम्हारे पास क्या है? " तो आप आसानी से कुल सम्पतियो की लिस्ट बना सकते हो |


कुल सम्पति में  जमीन , प्लांट , बैंक बैलेंस, इन्वेस्टमेंट, स्टॉक, म्यूच्यूअल फंड्स , गाड़ी, बंगला सब को शामिल किया है |


कुल दायित्व : कुल दायित्व में किसी भी प्रकार का लोन (कार लोन , गोल्ड लोन , होम लोन आदि ) को शामिल किया जाता है |


उदहारण के लिए हमने माना कि एक कंपनी का कुल सम्पति 1000 करोड़ है व कुल दायित्व 700 करोड़ है 
तो उस कम्पनी का नेट वर्थ होगा -

300 करोड़ = 1000 करोड़  – 700 करोड़

इस प्रकार हम कह सकते है कि उस कम्पनी की नेट वर्थ 300 करोड़ है |

मुद्रास्फीति क्या है | महंगाई कैसे बढ़ती है | What is Inflation Meaning in Hindi

सितंबर 20, 2019 Add Comment
What is Inflation Meaning in Hindi:क्या मुद्रास्फीति के कारण दैनिक आवश्यकताओं की चीजें महंगी हो जाती है ? क्या मुद्रास्फीति का प्रभाव हम सब पर पड़ता है ? यदि हाँ तो मुद्रास्फीति या महंगाई से बचने के क्या तरीके है ? चलिए जानते है आखिर क्यों मुद्रास्फीति अच्छी नही होती है ?

What is Inflation Meaning in Hindi

मुद्रास्फीति या Inflation क्या है ?

मुद्रास्फीति एक ऐसी स्थिति है जिसमें जिस मुद्रा (रुपयें ) से आप सामान खरीदते है उसकी वैल्यू कम हो जाती है क्योकिं देश में ज्यादा मुद्रा (सिक्के व नोट की संख्या ) हो जाते है | और वस्तुओं (खानें-पीने, दैनिक उपयोग व अन्य सामान ) की कीमत बढ़ जाती है |

इस तरह से महंगाई (मुद्रास्फीति ) में रुपयें सभी के पास आ जाते है | जिसकी वजह से मुद्रा से खरीदनें की शक्ति कम हो जाती है और उपयोग की वस्तुयें कम हो जाती है जिससे वस्तुओं की कीमत आसमान छूने लगती है |

मुद्रास्फीति के समय भी देश में मुद्रा (रुपयें ) का चलन तो पहले जैसा ही होते रहता है लेकिन इस तरह मुद्रा की वैल्यू घटने पर भी प्रभाव दिखाई नही देता है |

इसका सबसे ज्यादा प्रभाव कम इनकम वाले एवं मध्यमवर्गीय परिवार पर होता है क्योकिं महंगाई बढ़ने के कारण ऐसे परिवार अपनी दैनिक उपयोग के वस्तुओं(खानें-पीने, दैनिक उपयोग के अन्य सामान ) को भी खरीद नही पाते है |

याद करिये आज से 10 साल पहले 100 रुपयें में आप बहुत सा सामान खरीद कर ले आते थे लेकिन आज 100 रुपयें में केवल एक या दो सामान ही मिलती है | इसकी मुख्य वजह मुद्रास्फीति (महंगाई) है |

उदाहरण: आज एक कुर्सी 100 रुपयें  में मिलता है और आप 100 रुपयें  बैंक में जमा करते है | एक साल बाद कुर्सी  की कीमत 106 (100 + 6 महंगाई) रुपयें हो जाती है लेकिन आपके बैंक में जमा 104 (100+ 4 ब्याज ) रुपयें होते है मतलब आपके 100 रुपयें में खरीदनें की शक्ति 2 प्रतिशत कम हो गयी है |

मुद्रास्फीति हर साल 5% - 6% की दर से बढ़ती है मतलब हर साल मुद्रा ( रूपये ) से खरीदनें की शक्ति 5-6 प्रतिशत कम होते जाती है इसलिए मुद्रा (रुपयें ) के खरीदनें की शक्ति को बढ़ाना जरुरी हो जाता है |

महंगाई या मुद्रास्फीति (inflation) से कैसे बचें?

मुद्रास्फीति या महंगाई से बचने का केवल एक ही तरीका है | इससे बचनें के लिए आपको मुद्रा (रुपयें) की वैल्यू को बढ़ाना है | मुद्रा (रुपयें) की वैल्यू बढ़ाने के लिए आपको मुद्रा (रुपयें) को सही से उपयोग में लाना है |
  • मुद्रा की बचत करना 
  • मुद्रा की बचत कर बैंक में न रखना क्योकिं बैंक में 4% ब्याज मिलता है जो महंगाई दर (6%) से कम है
  • बचत करने के बाद मुद्रा का निवेश करना ताकि महंगाई दर से ज्यादा का ब्याज ( रिटर्न ) मिल सके
नोट: निवेश का अर्थ = किसी ऐसे जगह में मुद्रा(रूपये) को लगाना जिसमें रिस्क या जोखिम कम हो और जिससे महंगाई दर (6%) से ज्यादा का ब्याज ( रिटर्न ) मिल सकें |

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बचत कैसे बढ़ायें | बचत के कारगर उपाय | How to Save Money in Hindi

जुलाई 27, 2019 Add Comment
How to Save Money in Hindi:बचत कैसे करें ? इसे जाननें से पहले आपको ये जानना जरुरी है कि पैसों की जरुरत हमें हर वक्त होती है | पैसों के बिना हम दैनिक जरुरत की समान भी खरीद नही सकते है | इसलिए आपको पहले से तैयार होना जरुरी है |

How to save money in hindi

आप बचत करके अपने भविष्य के लिए पैसें इक्कठे करते है | लेकिन बचत करने से पहले आपको दो चीज समझनी है - पहला आपकी जरूरत | दूसरा आपकी इच्छाओं को | क्योकिं बचत का बीज इन्ही दोनों के बीच में बोया जाता है |

How to Save Money

आज मैं आपको एक तरीकें के बारे में बताऊंगा जो आपको पैसें बचाने में मदद करेगी, और आपको इसके लिए ज्यादा कुछ करने कि जरूरत भी नही होगी | यह तरीका बहुत ही प्रभावशाली है, अगर आपने इसे अपना लिया तो आप आसानी से बचत करनें कि आदत व अनुशासन बना लेंगे |

एक गाँव में एक लड़की रहती थी, जो रोजाना अपने परिवार के लिए खाना बनाती थी | लड़की खाना बहुत मस्त बनाती थी | सब घरवाले उसकी तारीफ़ करते नही थकते थे|

लड़की होशियार भी थी | वह जानती थी कि कभी-कभी घर में चावल की कमी हो जाती है, इसलिए वह जब सभी के लिए खाना बनाती तो थोड़ा सा चावल, सभी के खुराक वाले बर्तन से निकालकर अलग बर्तन में रख देती थी |

और इससे परिवार वालों को कोई फर्क भी नहीं पड़ता था | वे रोजाना भर पेट खाना खाते थे | पर रोज थोड़ा सा चावल निकाल करके रखने से वह लड़की महीनें में दो किलो चावल बचा लेती थी | जो उसके परिवार के लिए दो दिन का खुराक था |

टिप:  इसी प्रकार अगर आप भी उस लड़की की तरह रोजाना अपनें खर्चों से 10 रूपये भी बचाते है तो आप एक महीने में लगभग 300 रूपये बचा लेंगे | आप 10 रूपये को आपकी इच्छानुसार बढ़ा सकते है | इस तरीके से आप जितना चाहें उतना बचा सकते है | आपको इसका पता भी नही चलेगा की आप बचत भी करते है | और आपके पास बहुत सारे पैसे इक्कठे हो जायेंगे |


अंतिम: अगर आप गैर-जरुरी चीजों पर खर्च न करके, उन पैसों कि बचत करते है तो एक समय ऐसा आएगा जब आपके पास बहुत सारें पैसें होंगे | लेकिन बचत करने के बाद आपको उन पैसों को निवेश करना होगा, जिससें पैसें भी आप के लिए कमाना शुरू कर देंगे | और इससे आपके पास आय के दो सोर्स (  स्त्रोत ) हो जायेंगे |

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पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग क्या है | दुनिया का आठवां अजूबा क्यों कहतें है | Power Of Compounding in Hindi

जुलाई 20, 2019
पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग ( Power Of Compounding ) जिसे दुनिया का आठवां अजूबा कहा जाता है | आज सब कोई ये नही जानते है कि हम पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग ( Power Of Compounding ) का प्रयोग करके कैसे अपने जीवन में सफलता की ओर आगे बढ़ सकते है?

Power Of Compounding in Hindi


Power Of Compounding

पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग ( Power Of Compounding ) के बारे में दुनिया के महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइन्स्टीन ने कहा: "Compound interest या चक्रवृधी व्याज दुनिया का आठवां अजूबा है, क्योकिं जो इसे समझता है, वो कमाता (Earn) है, और जो इसे नहीं समझता वह भरता (Pay) है"

कोई भी इन्सान चाहे वह कितना ही साधारण क्यों न हो पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग ( Power Of Compounding ) का प्रयोग करके सफल हो सकता है | आप भी इसे अपने जीवन में अप्लाई (प्रयोग ) करके निश्चित ही सफल हो सकते है |

उदहारण से समझे -

राम, श्याम और मोहन तीन दोस्त थे, तीनो ने एक साथ एक ही कम्पनी में काम की शुरुवात की थी | सभी 9 बजे ऑफिस काम पर जाते थे ?

राम को पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग के बारे में जानकारी थी इसलिए वह रोज सुबह जल्दी उठ कर योग व सेल्फ इम्प्रोविंग किताबें पढ़ता था, और ऑफिस में थोड़ी सी ज्यादा काम करता थे इसलिए कभी कभी उसे लेट भी हो जाता था |

श्याम वक्त का पाबंद था, वह रोज सुबह 7 बजे उठता था फिर तैयार होकर ऑफिस निकल जाता था | ऑफिस का काम 5 बजे समाप्त करके वह घर आ जाता था |

जबकि मोहन रोज सुबह 8 बजे उठता था और फिर जल्दी जल्दी तैयार होकर काम पर निकल जाता है लेकिन ऑफिस में भी उसका मन काम पर नही लगता और वह काम समाप्त होने से पहले ही ऑफिस से निकल जाता था |

एक साल बाद जब तीनों के काम को जांचा परखा गया तो निरीक्षक ने पाया की राम ने अपने ऑफिस में सबसे अच्छा काम किया है, उसे प्रमोट करके मैनेजर बना दिया और उसकी तनख्वाह भी बढ़ा दी गयी |

जबकि श्याम वक्त का पाबंद था इसलिए उसका काम भी ठीक था उसकीं तनख्वाह में थोड़ी सी वृद्धि हुई |

लेकिन जब मोहन के कामों की जांच परख की गई तो पाया की उसने सालभर में बहुत काम किया है और ऑफिस में सबसे कम काम करने वाले के लिस्ट में उसका नाम पहले स्थान पर है इसलिए उसे कंपनी से निकाल दिया गया |

इस तरह एक ही कंपनी में एक साथ काम करने वाले तीन दोस्तों को पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग का अलग अलग परिणाम मिला |

जिसने पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग को समझा उसने कमाया , जिसने इसे नही समझा उसने खोया |

आप भी अपने जीवन में पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग सही तरीके से करे और राम की तरह बने |

क्योंकि "बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है "  चाहे वह सफलता का हो या फिर असफलता का |

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