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Return on Capital Employed क्या है | ROCE in Hindi | रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड क्या है

जनवरी 31, 2022 Add Comment

 इस पोस्ट में हम जानने वाले है कि किसी कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड क्या है और यह ROCE किसी कंपनी के बारे में क्या बताता है | इसके साथ ही हम यह भी देखने वाले है कि ROCE निकालता कैसे है और ROCE व ROE में फर्क क्या है और हमें किसे कब प्रयोग करना है |

Return on Capital Employed


Return on Capital Employed क्या है

किसी भी कंपनी का Return on Capital Employed हमें यह बताता है कि उस कंपनी ने अपने कुल कैपिटल या पूंजी में कितना कमाई किया है | किसी भी कंपनी के कुल कैपिटल में शेयरहोल्डर का पैसा व उधार का पैसा आता है मतलब कि कंपनी के पास जितना भी पूंजी है चाहे वह शेयरहोल्डर का पैसा हो या उधार का पैसा दोनों को शामिल करंता है और अपना बिज़नस करता है | ROCE यह बताता है कि उस टोटल कैपिटल में कंपनी ने कितना मुनाफा कमाया है |

Return on Capital Employed कब देखना है

जब कोई कंपनी उधार लेकर अपना बिज़नस करती है तो शेयरहोल्डर को अपने पैसे पर कितनी कमाई मिल रही है इसका सही से पता लगा पाना रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) से संभव नही है लेकिन ROCEको देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि कंपनी को शेयरहोल्डर के पैसो व उधार के पैसों पर कितना रिटर्न मिल रहा है |

किसी कंपनी का ROCE हमें तभी देखना सही है जब वह कंपनी उधार में पैसे लेकर बिज़नस कर रही है क्योंकि ROE से हमें इसकी सही जानकारी नहीं मिलती है |

Return on Equity क्या है और कितना होना चाहिए ? Return on Equity ( ROE ) in Hindi

अक्तूबर 22, 2021 Add Comment

इस पोस्ट में हम जानने वाले है कि रिटर्न ऑन इक्विटी क्या है और किसी कंपनी में इन्वेस्टमेंट करने के लिए कितना होना सही है | इसके साथ हम यह भी जानने वाले है कि किसी कंपनी में रिटर्न ऑन इक्विटी कब देखना है और कब किसी कंपनी में रिटर्न ऑन इक्विटी देखना सही नहीं है |


Return on Equity in Hindi


Return on Equity क्या है (Return on Equity in Hindi)

रिटर्न ऑन इक्विटी या ROE एक प्रॉफिटेबिलिटी रेश्यो है जो यह बताता है कि कंपनी के शेयर होल्डर्स को उनके लगाये पैसे पर कितना कमाई हो रहा है या कहे कि कंपनी के शेयर होल्डर्स को खुद के पैसे पर कितना रिटर्न मिल रहा है | किसी भी कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी जितना ज्यादा होता है यह शेयर होल्डर्स के लिए उतना ही अच्छा है|


Return on Equity कितना होना चाहिए ( Return on Equity Kitna Hona Chahiye )

जब भी हम कही अपना पैसा लगाते है या इन्वेस्ट करते है तो हम उस पर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते है | इसी प्रकार यदि हम किसी कंपनी में पैसा लगा रहे है तो उस पर भी हम ज्यादा से ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते है लेकिन यह ज्यादा कितना होने पर सही है 10%, 20% या और अधिक |


एक कंपनी में पैसा लगाने से पहले हम उस कंपनी का कमाई देखते है जो हमें रिटर्न ऑन इक्विटी से पता चलता है तो एक कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी कितना हो जिससे हम उस कंपनी में अपना पैसा लगाये | हमें किसी कंपनी में कितना का रिटर्न का उम्मीद करना सही है |


रिटर्न ऑन इक्विटी कितना होना सही है इसका उत्तर अन्य इन्वेस्टमेंट के विकल्पों में छिपा हुआ है जैसे अगर हम फिक्स्ड डिपोजिट में अपना पैसा डालते है तो 7% रिटर्न मिलता है, सोना या जमीन खरीदते है तो 9से 10% रिटर्न लॉन्ग टर्म में मिलता है, म्यूच्यूअल फण्ड खरीदते है तो 12 से 15% मिलता है जिसमें रिस्क किसी कंपनी में निवेश करने से कम होता है तो अगर हम डायरेक्ट किसी कंपनी के शेयर खरीद कर रिस्क ले रहे तो इसका रिटर्न अन्य निवेश विकल्पों से अधिक होना ही सही है |


किसी कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी 20% या अधिक होना सही है क्योंकि एक अच्छा सा म्यूच्यूअल फण्ड हमें 15% का रिटर्न दे सकता है तो डायरेक्ट किसी बिज़नस में 20% रिटर्न की उम्मीद करना गलत नहीं है |


Return on Equity कब देखना है ( Return on Equity Kab Dekhna Hai)

किसी भी कंपनी में अपने पैसे लगाने से पहले हमें उस कंपनी का अच्छे से एनालिसिस करना बहुत जरुरी होता है | जब हम कंपनी का एनालिसिस करते है तो हम उस कंपनी का कई फाइनेंसियल रेश्यो भी देखते है जिसमें से एक बहुत ही महत्वपूर्ण रेश्यो रिटर्न ऑन इक्विटी भी है |


रिटर्न ऑन इक्विटी किसी कंपनी के शेयर होल्डर्स के पैसे पर कमाए गए रिटर्न को बताता है मतलब कि रिटर्न ऑन इक्विटी शेयर होल्डर्स के पैसे से कमाए गए प्रॉफिट से कैलकुलेट किया जाता है और इसी कारण से जब भी हमें रिटर्न ऑन इक्विटी देखना है तो ऐसी कंपनी का देखना है जिस कंपनी में उधार बहुत कम हो |


क्योंकि रिटर्न ऑन इक्विटी के कैलकुलेशन में उधार के पैसे को शामिल नहीं किया जाता है मतलब कि जब भी हमें किसी कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी देखना है तो ऐसी कंपनी का देखना है जिसने बहुत कम उधार लिया है या उस कंपनी ने उधार लिया ही नहीं है | 

Blue Chip Companies क्या है | ब्लू चिप कंपनीयो की विशेषता | Blue Chip Companies in Hindi

अक्तूबर 13, 2021
क्या आप जानते है ब्लू चिप कंपनी (Blue Chip Companies) क्या है? और ब्लू चिप कंपनियों में निवेशको का ज्यादा भरोसा क्यों होता है? तो चलिए जानते है ब्लू चिप कम्पनियों की सारी अनसुनी बातों को|

Blue Chip Company kya hai

ब्लू चिप क्या है (Blue Chip Kya Hai)

ब्लू चिप का इतिहास बहुत पुराना है, ब्लू चिप नाम, पोकर नाम के एक खेल से लिया गया है | पोकर खेल में ब्लू चिप सबसे मूल्यवान होता था |

ब्लू चिप कंपनी क्या है (Blue Chip Companies in Hindi)

स्टॉक मार्केट में बड़ी कम्पनियों को, जो बड़ी हो गयी है और अपना बिज़नस आसानी से कर रही है| उन कंपनियो को ब्लू चिप कंपनी कहा जाता है |

Blue Chip Companies का मार्केट कैपिटलाइजेशन ज्यादा होता है और इन कंपनियों  के शेयर प्राइस में उतार-चढ़ाव कम होता है| इसके अतिरिक्त Blue Chip shares या companies की अर्निंग स्थिर व नियमित होती है|

ब्लू चिप स्टॉक का मार्केट वैल्यूएशन भी बहुत अधिक होता है, इसके साथ बाजार में गिरावट (बुलिश मार्केट ) के दौरान भी ब्लू चिप कंपनियों का रिटर्न, स्माल कैप व मिड कैप वाले कंपनियों से बेहतर होता है और इन्ही सब वजह से ब्लू चिप कंपनियों में निवेशकों का ज्यादा भरोसा होता है क्योकिं ये कंपनिया कई दशकों से बिज़नस कर रही होती है|

ब्लू चिप कंपनियों प्रॉफिट होने पर डिविडेंड देने के लिए भी बहुत फेमस होती है | और इसलिए ये कंपनिया निवेशको के लिए बहुत ही आकर्षक हो जाती है |

भारत में ब्लू चिप कम्पनी (Indian Blue Chip Companies)

भारत में कई Blue Chip Companies है, जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन अधिक है एवं लगातार अच्छा बिज़नस कर रहे है | आइये कुछ कंपनियों को देखते है|

  • Tata Consultancy Services (TCS)
  • Infosys
  • Indian Tobacco Company (ITC)
  • State Bank of India (SBI)

Annual Report क्या है और एनुअल रिपोर्ट कैसे पढ़ें | Annual Report in Hindi

अक्तूबर 13, 2021
क्या आप जानते है ? Annual Report क्या है और Annual Report कैसे पढ़ते है ? अगर नहीं तो कोई बात नहीं, इस पोस्ट को पढ़ने बाद आपको पता चल जाएगा कि Annul Report में क्या - क्या देखना है , किन - किन चीजों पर हमें ज्यादा फोकस देना होता है और किस सेक्शन में कम समय देना होता है |


Annual Report in Hindi


Annual Report क्या है ( Annual Report in Hindi)

Annual Report कंपनी के द्वारा हर साल Shareholders और इंटरेस्टेड पार्टीज के लिए 
फाइनेंसियल इयर के एंड में पब्लिश किया जाता है | Annual Report में कंपनी साल
 भर यानि कि 1 अप्रैल से 31 मार्च तक के business का लेखा जोखा हिसाब किताब देती है|

किसी कंपनी का सही , trusted और विश्वासनिय फाइनेंसियल डाटा लेने का सबसे अच्छा माध्यम एनुअल रिपोर्ट होता है |

अगर हम एनुअल रिपोर्ट पढना चाहते है तो हम एनुअल रिपोर्ट कंपनी की वेबसाइट या NSE, BSE की वेबसाइट से सॉफ्ट कॉपी के रूप में डाउनलोड करके पढ़ सकते है | यह एकदम फ्री होता है और कोई भी इसे डाउनलोड करके पढ़ सकता है |

Annual Report कैसे पढ़ें (Annual Report Kaise Padhe)

किसी भी एनुअल रिपोर्ट को पढ़ते समय नीचें दिए गये बातों का आवश्यक रूप से ध्यान रखे | एनुअल रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सेक्शन होते है और उन सेक्शन से हमें काम की सारी जानकारी लेनी होती है |

मार्केटिंग कंटेंट

जब भी आप किसी Annual Report को डाउनलोड करते है तो ये आवश्यक देखे कि कंपनी ने ज्यादा कलरफुल Annual Report तो नही बनाया मतलब क्या मार्केटिंग मटेरियल की तरह पेश किया है, मात्र इमेजेज तो नही रखे है |

अगर ऐसा है तो वो कंपनी आपका ध्यान भटकना चाहती है ताकि आपसे वह फैक्ट्स को छुपा सके तो ऐसे कंपनियों से सावधान रहना आपकी जिम्मेदारी है |

फाइनेंसियल हाइलाइट्स

इस सेक्शन में कंपनी पिछले कई वर्षों के डाटा को हाईलाइट करता है...जिसमे ग्राफ, टेबल आदि का use करती है...इस सेक्शन में कंपनी के कई सालो के ऑपरेशन व् business performance को compare करती है |

मैनेजमेंट स्टेटमेंट एंड Management Discussion and analysis

ये एनुअल रिपोर्ट के दो इम्पोर्टेन्ट सेक्शन है...इस सेक्शन से आपको पता लगता है कि कंपनी के मैनेजमेंट का business और इंडस्ट्री के प्रति क्या पर्सपेक्टिव है | यहाँ पर लिखे एक - एक शब्द को ध्यान से पढना इन्वेस्टर्स के लिए बहुत ही आवश्यक है |

मैनेजमेंट स्टेटमेंट से आपको पता चलता है कि जो व्यक्ति टॉप में बैठा है उसका business के प्रति क्या विचार है, क्या मैनेजमेंट ट्रांसपेरेंट है या नही..कुछ गलत या सही आपसे छुपाया तो नही रहा है...कही मैनेजमेंट हवा में तो बात नही कर रहा है...ये सब को आपको ध्यान देना है…

Management डिस्कशन एंड एनालिसिस पुरे Annual Report का सबसे महत्वपूर्ण सेक्शन है...क्योकि यहाँ कंपनी इकॉनमी के मैक्रो ट्रेंड, देश की आर्थिक गतिविधियों, विश्व की आर्थिक गतिविधियों और बिज़नस सेंटिमेंट के बारे में बात करती है |

कंपनी यहाँ पर इंडस्ट्री व् business के फ्यूचर में क्या उम्कमीद करती है उसे भी चर्चा करती है |

शेयर होल्डिंग पैटर्न

कंपनी का कितना शेयर किसके पास है... प्रोमोटर्स ग्रुप ने अपनी shareholoding कम कि है या ज्यादा, घरेलू व विदेशी म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी ने कितने परसेंट शेयर होल्डिंग अपने पास रखी है| पब्लिक के पास कितना शेयर है |

इन सबका शेयर होल्डिंग पैटर्न चेक करे…. इसके लिए Ctrl + F बटन दबाये व shareholiding pattern लिखकर सर्च करने से कंपनी का शेयर होल्डिंग पैटर्न दिखाई देता है |

फाइनेंसियल स्टेटमेंट

यह सेक्शन किसी भी कंपनी का महत्वपूर्ण सेक्शन होता है जो कंपनी के फाइनेंसियल व बिज़नस की स्थिति को बताता है | इस सेक्शन में कंपनी के पुरे साल भर किये गये काम का हिसाब किताब रहता है -
  • Balance sheet statement
  • Profit loss statement
  • Cash flow statement
इन सब स्टेटमेंट को बहुत ही सावधानी से पढना होता है | इसके साथ स्टेटमेंट के notes को भी आवश्यक रूप से पढ़े ताकि सभी स्टेटमेंट को अच्छे से डिटेल में समझा जा सके |

IPO Allotment कैसे चेक करें | IPO Allotment Kaise Check Kare

अक्तूबर 12, 2021 Add Comment

IPO में अप्लाई किया है, IPO Allotment भी हो गया है लेकिन यह कैसे पता करें कि आपको अलॉटमेंट मिला है या नहीं | इस पोस्ट में मैं बताने वाला हूँ कि आप किसी भी आईपीओ का अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक कर सकते है |


आपने चाहे किसी भी कंपनी के आईपीओ में अप्लाई किया हो, कोई सा भी रजिस्ट्रार (kfintech, LinkIntime etc.) हो | इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको  IPO Allotment Status चेक करना आ जाएगा |


IPO Allotment  कैसे चेक करें (How to Check IPO Allotment )

अगर आपने किसी कंपनी के आईपीओ में अप्लाई किया है तो उस कंपनी का एक रजिस्ट्रार होता है जो उस कंपनी के आईपीओ से संबंधित डाटा, इन्फोर्मेशन, इन्वेस्टर्स के आईपीओ एप्लीकेशन फॉर्म्स कलेक्ट करता है | invalid एप्लीकेशन को रिजेक्ट करता है, valid एप्लीकेशन का लिस्ट तैयार करता है, फिर आईपीओ अलॉटमेंट का प्रोसेस पूरा करता है और यह भी ध्यान रखता है कि जिनको आईपीओ अलॉटमेंट मिला है उनके डीमैट खाते में शेयर सही से पंहुचा है और जिनको आईपीओ अलॉटमेंट नहीं मिला है उनके खाते में पैसा वापस चला गया है | यह सारे काम रजिस्ट्रार करता है |

ये रजिस्ट्रार अलग - अलग कंपनी के आईपीओ के लिए अलग - अलग हो सकते है | अब अगर आपको आईपीओ अलॉटमेंट स्टेटस चेक करना है तो उन कंपनी के रजिस्ट्रार के वेबसाइट में जाना होगा, कुछ रजिस्ट्रार का वेबसाइट लिंक और चेक करने का पूरा प्रोसेस मैंने नीचें बता दिया है ताकि आपको ज्यादा खोजना न पड़े |

IPO Allotment स्टेटस के लिए क्या चाहिए ( IPO Allotment Status Ke Liye Requirement)

आईपीओ अलॉटमेंट स्टेटस चेक करने के लिए दो चीज बहुत जरुरी होता है - पहला पैन नंबर और दूसरा एप्लीकेशन नंबर | जब भी आप किसी आईपीओ में अप्लाई करते है तो प्रोसेस पूरा होने के बाद उसमें एक Application नंबर मिलता है | यही दोनों चीज आईपीओ अलॉटमेंट स्टेटस चेक करने के लिए चाहिए |

KFintech Private Limited

स्टेप 1 Select IPO में उस आईपीओ का नाम सेलेक्ट करना है जिसमें अप्लाई किया है 
स्टेप 2 Query by के विकल्प में से PAN चुन लेना है, आप DPID या एप्लीकेशन नंबर भी चुन सकते है 
स्टेप 3 PAN वाले बॉक्स में अपना PAN Numberडालना है 
स्टेप 4 Captcha वाले बॉक्स में उसके ऊपर दिया कोड डालना है 
स्टेप 5 Submit बटन पर क्लिक करके स्टेटस चेक कर लेना है 


 

Link Intime India Private Ltd

स्टेप 0 Linkintime का वेबसाइट खोलना है Investor Services में जाकर Public Issues पर क्लिक करना है 
स्टेप 1 Select IPO में उस आईपीओ का नाम सेलेक्ट करना है जिसमें अप्लाई किया है 
स्टेप 2 विकल्प में से PAN चुन लेना है, आप DPID या एप्लीकेशन नंबर भी चुन सकते है 
स्टेप 3 PAN वाले बॉक्स में अपना PAN Numberडालना है 
स्टेप 4 Submit बटन पर क्लिक करके स्टेटस चेक कर लेना है 


BSE India Website

स्टेप 0 BSE India का वेबसाइट खोलना है Investor Services में जाकर Status of Issue Application पर क्लिक करना है 
स्टेप 1 Issue type में equity चुनना है 
स्टेप 2 Select IPO में उस आईपीओ का नाम सेलेक्ट करना है जिसमें अप्लाई किया है 
स्टेप 3 एप्लीकेशन नंबर डालना अनिवार्य है  
स्टेप 4 PAN वाले बॉक्स में अपना PAN Number डालना अनिवार्य है 
स्टेप 5 I'm not a robot पर टिक लगाना है 
स्टेप 6 Search बटन पर क्लिक करके स्टेटस चेक कर लेना है 

BSE india Website



अब मैं उम्मीद करता हूँ कि आप यह जान गए होंगे कि आईपीओ अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करना है |

Demat Account क्या है और कैसे खोलें | Demat Account in Hindi

अक्तूबर 12, 2021
शेयर बाजार से शेयर खरीदनें के लिए डीमैट अकाउंट खुलवाना जरुरी होता है, डीमैट अकाउंट जिसमे शेयर खरीद कर रखा जाता है तो आइये डिटेल में जानते है कि डीमैट अकाउंट क्या है इसे कहाँ व कैसे खोलें ?

Demat Account in Hindi

Demat Account क्या है ( Demat Account in Hindi )

डीमैट अकाउंट एक ऐसा अकाउंट है जो बैंक अकाउंट की तरह ही होता है इसमें फर्क यह है कि हम बैंक अकाउंट में पैसे रखते है जबकि डीमैट अकाउंट में शेयर रखा जाता है |

डीमैट अकाउंट में आपको शेयर मार्केट से  शेयर खरीदनें के लिए ही पैसे रखने होते है पर इसमें कोई भी मिनिमम बैलेंस रखने की जरुरत नही है |

Demat Account कहाँ खोले ( Demat Account Kaha Khole)

जिस प्रकार हम किसी अच्छे बैंक में खाता खोलते है उसी प्रकार डीमैट अकाउंट खोलने के लिए हमें एक अच्छा सा स्टॉक ब्रोकर चुनना होता है जो आपको अच्छी सर्विसेस देता हो |

भारत में बहुत सारे स्टॉक ब्रोकर है, उसमें से हमारे लिए अच्छा स्टॉक ब्रोकर चुनना बहुत चुनौती-भरा काम है | उनमे से कुछ मुख्य निम्न है जिनमें आप अपना खाता खुलवा सकतें है | इसे मैंने क्रम से रखा है -
  • Zerodha
  • Upstox
  • Angel Broking
  • 5 Paisa
  • Samco
  • MotilalOswal
  • ShareKhan
इन सबके आलावा हमारे पास कई बैंक भी है जो डीमैट अकाउंट खोलते है या स्टॉक ब्रोकर की सर्विसेस देते है -
  • Kotak Securities LTD
  • ICICI Securities LTD
  • SBI (State Bank of India )
  • Axis Securities LTD
  • HDFC Securities LTD

Demat Account खोलने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें

  • एक अच्छा स्टॉक ब्रोकर चुने 
  • स्टॉक ब्रोकर जो कम से कम या जीरो ब्रोकरेज  (सर्विसेस के लिए चार्ज ) ले रहा हो 
  • फुल सर्विस ब्रोकर हर महीनें स्टॉक टिप्स के नाम पर चार्जर्स लेते है, अतः जीरो ब्रोकरेज को चुन सकते है |

Demat Account कैसे  खोले ( Demat Account Kaise Khole)

अगर हम डीमैट अकाउंट खोलना चाहते है तो कुछ Documents की आवश्यकता होती है, हम उन डॉक्यूमेंट का प्रयोग कर सकते है जिनसे हमनें अपना बैंक अकाउंट खोला था | जैसे -
  • पैन कार्ड 
  • आधार कार्ड
  • एक फ़ोटो
वही एड्रेस प्रूफ के लिए हम इनमे से कोई भी एक डाक्यूमेंट्स दे सकते है -
  • वोटर कार्ड
  • राशन कार्ड 
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • इलेक्ट्रीसिटी बिल 
  • पासपोर्ट 
इनकम प्रूफ के लिए जरुरी डाक्यूमेंट्स
  • कैंसल चेक ( Cheque )
  • या बैंक स्टेटमेंट

Demat Account कहा खुलता है ( Demat Account Kaha Khulta Hai )


इंडिया में SEBI (Securities Exchange Board of India) के निर्देशानुशार Demat account केवल दो संस्थाओ के द्वारा खोले जाते है:
  • Central Depository Services Limited (CDSL)
  • National Securities Depository Limited(NSDL)
हम डीमैट अकाउंट खोलने के लिए डायरेक्ट इन दोनों संस्थाओ के पास नही जा सकते है लेकिन अपने मनपसंद स्टॉक ब्रोकर या बैंक के पास जाकर अपना Demat Account खुलवा सकते है |


डीमैट अकाउंट खोलने के लिए कुछ मामूली सी फीस (400 से 500 रूपयें ) स्टॉक ब्रोकर व बैंक लेते है जो केवल एक बार अकाउंट ओपन करते वक़्त ही लगता है | इसके अलावा Demat Account में दी जा रही सेवाओं के लिए Annual maintanence Charge  (AMC ) लिया जाता है जो साल भर का लगभग 300 रूपये होता है |

IPO क्या है ? IPO in Hindi | Initial Public Offering In Hindi

अक्तूबर 11, 2021
शेयर बाजार में हम अक्सर एक शब्द सुनते रहते है "आईपीओ" तो आइये इसे जानते है कि यह आईपीओ क्या होता है और इसमें पैसा कैसे लगाया जाता है | हम इस पोस्ट के माध्यम से जानने वाले है |

What is IPO in Hindi

 IPO क्या होता है (IPO in Hindi)

जब कोई कम्पनी पहली बार अपना शेयर पब्लिक को ऑफर करती है या कहे कि पहली बार पब्लिक को  अपना शेयर बेचती है तो उसे IPO यानी initial Public Offering कहा जाता है | कोई भी कम्पनी का ऐसा करने के पीछे अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए पैसा इकठ्ठा करना होता है या कंपनी दूसरें कई कारण से भी अपने आईपीओ ला सकते है |

कम्पनी अपना  IPO क्यों लाती है ? (Company IPO Kyu Lati Hai)

कोई भी कम्पनी जब IPO यानि पहली बार शेयर को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट करती है तो इसके पीछे कई कारण होते है | जैसे -

1) कंपनी को पैसे की जरूरत - कंपनी को पैसा चाहिए और कंपनी इसके लिए लोन लेना नही चाहती है और इसलिए कंपनी अपने बिज़नस का थोडा सा हिस्सा बेचकर अपने पैसो की जरूरत को पूरा करती है, कंपनी को पैसे की जरुरत मशीन खरीदने के लिए, प्लांट लगाने के लिए, ऑफिस की बिल्डिंग बनाने आदि के लिए हो सकती है |

2)  लोन चुकाने के लिए - कभी कभी कई कम्पनी अपने ऊपर की लायबलिटी / दायित्व को पूरा करने के लिए यानि की लोन को चुकाने के लिए भी अपने आईपीओ लाती है ताकि उन पैसो का उपयोग कम्पनी के उपर जो लोन है उसे चुकाया जा सके |

3) शुरुवाती निवेशकों को बाहर निकलने का रास्ता देने के लिए - जब कंपनी छोटी होती है उस वक्त कई ऐसे बड़े - बड़े इन्वेस्टर्स होते है जो कम्पनी में अपना पैसा लगाये होते है उन सभी इन्वेस्टर्स को EXIT दिलाने के लिए भी कम्पनी आईपीओ लाती है, क्योकि कम्पनी के पास अपने शेयर को वापस खरीदने के लिए buyback करने के लिए पैसा नहीं होता है तो वह पब्लिक को आईपीओ के जरिये शेयर्स ऑफर करती है और उनसे पैसे इकठ्ठा करती है |

PE Ratio in Hindi | पीई रेश्यो क्या है और Price Earnings Ratio कैसे निकालते है?

अक्तूबर 09, 2021
 शेयर बाजार की बात हो और PE Ratio का जिक्र न हो ऐसा हो नही सकता है क्योंकि PE Ratio एक इन्वेस्टर के लिए बहुत काम ही काम की चीज है | तो चलिए जानते है पीई रेश्यो क्या है ? पीई रेश्यो कैसे निकालते है? और इसका सही से प्रयोग कैसे करते है | 

PE Ratio in Hindi

पीई रेश्यो क्या है (PE Ratio in Hindi)

अगर आप दो कंपनी के शेयरों या दो इंडस्ट्री या दो देशों के बाजारों की तुलना करना चाहते है तो PE Ratio बहुत ही काम का है।

PE Ratio का पूरा नाम Price Earnings Ratio है | यह सबसे पोपुलर रेश्यो है  | पीई रेश्यो से यह पता चलता है कि एक इन्वेस्टर किसी कंपनी का शेयर खरीदनें के लिए उस कंपनी की कमाई से कितना गुना अधिक पैसा देना चाहता है |

इसके अतिरिक्त पीई रेश्यो से कोई कंपनी का शेयर सस्ता है या महंगा पता लगाया जा सकता है | इसी कारण से PE रेश्यो का प्रयोग इन्वेस्टर अधिक करते है | आइये देखते है कि पीई रेश्यो निकलता कैसे है ?

पीई रेश्यो कैसे निकालते है  (PE Ratio Kaise Nikale)

पीई रेश्यो निकालने के लिए हमें कंपनी का ईपीएस (EPS) पता होना आवश्यक है | ईपीएस की मदद से ही हम किसी कंपनी का पीई रेश्यो निकाल सकते है | इसका फार्मूला इस प्रकार है -

Market Price / EPS = PE Ratio 
शेयर की बाजार में कीमत/प्रति शेयर आय = पीई रेश्यो

हम किसी भी कम्पनी का PE रेश्यो तब तक नहीं जान सकते है जब तक हम उस कंपनी का EPS नही जान लेते है|

आइये उदहारण की सहायता से इसे समझने का प्रयास करे , एक कंपनी JKL है जिसके 10 लाख शेयर है | कंपनी JKL को वर्ष 2050 में  20 लाख का नेट प्रॉफिट(शुद्ध लाभ ) हुआ | इस कम्पनी JKL का शेयर की बाजार में कीमत 40 रूपयें है | तो इसका ईपीएस क्या होगा -


EPS = 20 लाख / 10 लाख = 2 रूपये


इस प्रकार कंपनी JKL का ईपीएस 2 रूपयें है, चलिए अब हम इसका पीई रेश्यो निकालते है -


PE Ratio = JKL का शेयर मूल्य 40 रूपये  / JKL का EPS 2 रूपये = 20


यहाँ पर कंपनी JKL का पीई रेश्यो 20 निकलकर आता है | इसका मतलब यह है कि इन्वेस्टर्स प्रति शेयर 2 रूपयें कमाने के लिए 20 गुना ज्यादा पैसे देने को तैयार है |

नोट : किसी भी कंपनी का ईपीएस उस कंपनी के नेट प्रॉफिट से निकलता है जो कम या ज्यादा हो सकता है | किसी भी कंपनी का पीई रेश्यो कंपनी के ईपीएस व कंपनी के शेयर की कीमत से निकलता है जो कम या ज्यादा हो सकता है |  

PE Ratio का सही प्रयोग कैसे करे 

PE Ratio का प्रयोग कर हम किसी कंपनी के ग्रोथ बढ़ने या घटने का अंदाजा भी लगा सकते है | इसके लिए कम्पनी के पिछलें कुछ सालों का रिकॉर्ड देखियें और पता करे कि मैक्सिमम PE कितना था उसके बाद पुरे इंडस्ट्री के औसत PE को पता करे और अंत में पुरे बाजार का औसत PE पता करके एक दुसरे से तुलना करे |

ध्यान रखने वाली बात (Points to Remember)

  • कभी भी केवल PE रेश्यो को ही देखकर निवेश न करे
  • पूरी कंपनी व बिज़नेस की फंडामेंटल एनालिसिस करे 
  • PE दिखाता है कि कोई शेयर सस्ता या महंगा ट्रेड हो रहा है 
  • ज्यादातर लोग 21 से ज्यादा PE वाले स्टॉक पर इन्वेस्ट नही करते

ईपीएस क्या है | EPS Full Form in Hindi | Earnings Per Share क्या है

अक्तूबर 09, 2021
शेयर बाजार से किसी कंपनी का शेयर खरीदनें से पहले हम ईपीएस जरुर देखते है तो यह EPS क्या होता है और ईपीएस जानना एक इन्वेस्टर के लिए इतना जरुरी क्यों है | आइये इस पोस्ट के माध्यम से जानते है कि EPS क्या है |
 
eps full form in hindi

ईपीएस क्या है (EPS Full Form in Hindi )

किसी भी कंपनी का ईपीएस उसका सबसे महत्वपूर्ण फाइनेंसियल रेश्यो है जो कंपनी के प्रॉफिट को एनालिसिस करने में मदद करता है | EPS Full Form - इसका पूरा नाम Earnings Per Share होता है, किसी भी कंपनी का हर शेयर पर कितना प्रॉफिट हो रहा है यह जानने के लिए हम उस कंपनी का EPS देखतें है | इससे हम किसी भी कम्पनी का तिमाही, वार्षिक ग्रोथ का अंदाजा लगा सकते है |

ईपीएस कैसे निकालें (EPS Kaise Nikale)

किसी भी कंपनी का EPS हम आसानी से निकाल सकते है इसके लिए सबसे पहले हमें कंपनी का तिमाही या वार्षिक नेट प्रॉफिट का पता होना आवश्यक है और फिर कंपनी के टोटल शेयर्स से भगित कर देना है |


शुद्ध लाभ / कुल शेयरों की संख्या
Net Profit / Total Number of Shares

आइये इसे एक उदाहरण लेकर समझते है मान लीजिये एक कंपनी है ABC जिसका कुल 1 लाख शेयर है | कंपनी ABC वर्ष 2021-22 में 40 लाख रूपयें का नेट प्रॉफिट कमाती है तो कंपनी ABC को हर शेयर में कितनी कमाई होती है या कंपनी ABC का ईपीएस क्या होगा -


वर्ष 2021-22 का EPS = 40 लाख रूपयें / 1 लाख शेयर = 40 रुपयें

यहाँ पर कंपनी ABC का ईपीएस वर्ष 2021-22 में 40 रूपयें आया है मतलब कंपनी ABC को अपने हर शेयर पर 40 रूपये की कमाई हुई | किसी कंपनी भी  का ईपीएस जितना अधिक होता है, यह उस कंपनी में पैसे लगाने वाले इन्वेस्टर के लिए बहुत अच्छा है |


ईपीएस कम या ज्यादा होता सकता है और यह कंपनी के नेट प्रॉफिट पर निर्भर करता है | अगर कंपनी को किसी वर्ष अधिक प्रॉफिट होता है तो उसका ईपीएस बढ़ जाता है वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट घटने से ईपीएस भी घट जाता है |


जैसे अगर वर्ष 2022-23 में कंपनी ABC बिज़नस अच्छे से नहीं होता है, और कंपनी ABC केवल 20 लाख रूपये ही नेट प्रॉफिट कमा पाती है तो कंपनी का ईपीएस भी कम हो जाएगा -

वर्ष 2022-23 का EPS = 20 लाख / 1 लाख = 20 रुपयें

नोट:  हमने देखा कि किस तरह से एक कंपनी का ईपीएस या अर्निंग्स पर शेयर,  कंपनी के Net profit में उतार चढ़ाव के साथ घटता-बढ़ता है | 



किसी कंपनी का ईपीएस ज्यादा होना एक अच्छा संकेत होता है, क्योकिं कंपनी की अर्निंग्स पर शेयर जितना ज्यादा होता है इससे इन्वेस्टर्स को उतना ही ज्यादा फायदा होता है | लेकिन जब भी किसी कंपनी का एनालिसिस करना हो तो हमें केवल और केवल ईपीएस ही नहीं देखना चाहिए , ईपीएस के अलावा और भी कई सारे फैक्टर्स को देखकर ही हमें इन्वेस्टमेंट करना चाहिए | आशा करता हूँ आपको समझ आ गया है कि ईपीएस क्या है 

IPO Allotment कैसे होता है | IPO Allotment Kaise Hota Hai

अक्तूबर 05, 2021 Add Comment
क्या आप जानते है IPO Allotment कैसे होता है? IPO में बिड्स लगाने वाले इन्वेस्टर्स कौनसे केटेगरी के होते है? और आप IPO में Allotment पाने का मौका कैसे बढ़ा सकते है?

IPO Allotment Process in Hindi


IPO Allotment कैसे होता है  (IPO Allotment Kaise Hota Hai)

अगर आपने आईपीओ में अप्लाई किया है तो आपको पता होगा कि हम लोग आईपीओ में 4, 10, 18 शेयर्स नही खरीद सकते है बल्कि हमे कम्पनियों के द्वारा निर्धारित किया गया शेयर्स खरीदने होते है |

 ये शेयर्स कंपनिया lot में रखती है जैसे 1 lot = 50 शेयर, 100, 300, 400 आदि | सेबी के रूल्स के अनुसार एक lot की कीमत 10 हजार से 15 हजार के बीच होती है |

IPO Undersubscription

अगर जितने lots है उनसे कम मात्रा में शेयर खरीदने की बोली आती है तो IPO अंडरसब्सक्राइब्ड माना जाता है | IPO अंडरसब्सक्रिप्शन के कंडिशन में इन्वेस्टर्स को उनके बोली में फुल शेयर मिलते है |

IPO Oversubscription

अगर जितने lots है उनसे ज्यादा मात्रा में शेयर खरीदने की बोली आती है तो IPO ओवरसब्सक्राइब्ड माना जाता है | ओवरसब्सक्रिप्शन भी दो प्रकार से हो सकते है |

कम लोगो ने आईपीओ में अप्लाई किया - जब कम लोग IPO में अप्लाई करते है और IPO ओवरसब्सक्राइब्ड हो जाता है तो सभी अप्लाई करने वालो को 1 lot मिलते है |

उदाहरण- एक कम्पनी ने शेयर्स के 20000 lots ऑफर किये है लेकिन 18000 इन्वेस्टर्स ने IPO में अप्लाई किया तो ऐसे में 18000 निवेशको को 1 lot दिए जायेंगे |

अब 2000 lots को उन निवेशको के बीच बाँट दिया जायेगा जिन्होंने 1 lot से अधिक की बोली लगाई थी |

ज्यादा लोगो ने आईपीओ में अप्लाई किया - जब ज्यादा लोग IPO में अप्लाई करते है और IPO ओवरसब्सक्राइब्ड होता है तो इस कंडिशन में शेयर्स का बंटवारा lots का ड्रा करते है मलतब लाटरी होता है |

उदाहरण- कम्पनी  ने शेयर्स के 20000 lots ऑफर किये है लेकिन 1 लाख इन्वेस्टर्स ने शेयर्स के lot के लिए अप्लाई किया है तो ऐसे में केवल 20000 निवेशको को lots मिल पाएंगे |

अब ये 20000 इन्वेस्टर्स कौन होंगे ये कंप्यूटर आधारित लाटरी से निकाला जायेगा | कंप्यूटर आधारित लाटरी से सभी निवेशको को शेयर पाने का बराबर मौका मिलता है व lots किसको मिलेगा ये उनके भाग्य पर निर्भर करता है |

IPO Allotment का चांस कैसे बढायें (IPO Allotment Ka Chance Kaise Badhaye)

आईपीओ में शेयर पाने के चान्स को बढ़ाने के लिए आपको केवल दो आसान काम करने है -

पहला - अपने एप्लीकेशन फॉर्म को कम्पलीट व सही तरीके से भरे |

दूसरा - हमेशा cut-off प्राइस पर अप्लाई करे | cut-off प्राइस , आईपीओ इशू प्राइस का हाई प्राइस होता है |

नोट: अगर आईपीओ ओवरसब्सक्राइब्ड होता है तो आपको एक भी lot मिलेगा इसकी कोई गारंटी नही होती है | आपको शेयर मिलेगा या नही ये आपके भाग्य पर निर्भर है |


शेयर कब खरीदें | शेयर खरीदने का सही समय | Right Time to Buy Shares

अक्तूबर 04, 2021
क्या आप जानते है किसी शेयर को खरीदने का सही समय क्या होता है? शायद आपको इसका ज़वाब पता न हो, या हो सकता है आप जानते हो हमें शेयर कब खरीदना चाहिए | लेकिन आज मैं आपको कुछ तरीको के बारें में बता रहा हूँ, जो आपको सही समय में शेयर खरीदने में मदद करेगी |

Right Time to Buy Shares



When to Buy Shares

जब एक इन्वेस्टर सही समय में शेयर खरीदता है तो उसे रिटर्न भी अच्छा मिलता है | आप भी निश्चित रूप से इस मौके का इंतजार कर रहें होंगे,जब शेयर खरीदने का सही समय होता है | तो चलिए जानतें है कुछ ऐसें ही अवसर को कैसे पहचानते है |

स्टॉक का सेल

आप अमेज़न या फ्लिप्कार्ट आदि पर शॉपिंग कब करते है ? मुझे आपका उत्तर पता है, जब ये कंपनिया "महा सेल" लाते है और डिस्काउंट देते है तब, है ना! इसी प्रकार स्टॉक मार्केट में भी सेल लगता है, ऐसा मौका स्टॉक मार्केट में आपके लिए तब आता है, जब मार्केट डाउन होता है, और सब डर रहे होते है कि आगे क्या होगा, लेकिन एक चालक इन्वेस्टर इस मौके का इंतजार करता है |

आपके रेंज में हो

आप सोच रहे होंगे "आपके रेंज में हो" इसका क्या मतलब है? यहाँ मेरा मतलब है, जब आप स्टॉक का रिसर्च करते है और शेयर को खरीदने का सही रेंज या प्राइस निर्धारित करते है तो उस रेंज पर अगर स्टॉक का प्राइस जाये तो आपको खरीद लेना चाहिए |

अंडरवैल्यूड स्टॉक

जब आप किसी स्टॉक का intrinsic value निकलते है तो आपको पता होता है कि शेयर का रियल वैल्यू क्या है लेकिन स्टॉक मार्केट में शेयर का दाम ऊपर नीचे होते है इसलिए जब कोई स्टॉक intrinsic value से ऊपर ट्रेड हो रहा हो तो आपको शेयर नही खरीदने चाहिए बल्कि स्टॉक intrinsic value से नीचे ट्रेड हो तब ख़रीदे |

नये प्रोडक्ट लॉन्च

जब कोई 10-15 साल पुरानी कंपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट करके नया प्रोडक्ट लॉन्च करती है तो यह भी शेयर खरीदनें का सही समय होता है, लेकिन आपको नये प्रोडक्ट का बाजार में डिमांड है या नही, जरुर चेक कर लेना चाहिए |

कम पैसो से शेयर बाजार कैसे शुरू करें ? 1000 रूपये से शेयर बाजार कैसे शुरू करें ?

अक्तूबर 03, 2021 Add Comment

क्या कम पैसों से शेयर बाजार में इन्वेस्ट किया जा सकता है ? आइये दोस्तों आज इस पोस्ट में मैं बताता हूँ कि कैसे आप कम पैसो से शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट शुरू कर सकते है | इस पोस्ट में मैं अपना खुद का अनुभव बताने वाला हूँ कि कैसे मैंने अपना शेयर बाजार इन्वेस्टमेंट कम पैसो से कैसे शुरू किया और इससे मुझे क्या फायदा हुआ?

How to start share market with 1000


शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट शुरू करते समय हमारे मन में यह सवाल आता है कि क्या शेयर बाजार में पूंजीपति अमीर लोग ही पैसा लगाते है या कम पैसों से भी शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट शुरू किया जा सकता है ? या शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट शुरू करने के लिए कम से कम कितने पैसो की जरुरत पड़ती है ?


शेयर बाजार हर किसी को अपनी मनचाही कम्पनी में जो शेयर बाजार में लिस्टेड है उसमें पैसे इन्वेस्ट करने का मौका देता है | शेयर बाजार हर किसी को अच्छी कम्पनी खरीदनें का मौका देता है, मतलब शेयर बाजार में कोई भी इन्वेस्ट कर सकता है, जिसके पास बहुत ज्यादा पैसे है वह भी या जिसके पास कम पैसे है वह भी | 


शेयर बाजार में कितना पैसा लगाना है इसका  किसी प्रकार से कोई लिमिट तय नहीं है, शेयर बाजार में कोई भी रकम से शुरुआत किया जा सकता है और पैसा कमाया जा सकता है | शेयर बाजार की शुरुआत करने के लिए कोई निश्चित रक़म तय नहीं है,  कोई भी व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार कितना भी पैसा लगा सकता है | शेयर बाजार में कोई भी व्यक्ति 1 रूपये से लेकर 1000 करोड़ या उससे अधिक पैसों को लगा सकता है |


मैंने जब शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट करना शुरू किया था उस वक्त मेरे पास ज्यादा पैसे नहीं थे, उस वक्त मेरे पास मात्र 1000 रूपये ही थे और मैंने उतने से ही अपना इन्वेस्टमेंट शुरू किया था | मुझे अपने पहले इन्वेस्टमेंट में 30% से 40% तक का loss हो गया था पर इससे मुझें एक फ़ायदा भी हुआ, जिसे मैंने इस पोस्ट में आगे बताया है |


कम पैसों से शुरू करने का फ़ायदा

चाहे आप किसी भी प्रकार का इन्वेस्टमेंट कर रहे हो, कम पैसों का होना ख़राब नहीं है बल्कि यह हमारे लिए फायदेमंद है | जैसे मैंने अपने पहले इन्वेस्मेंट के बारे में बताया जिसमे मुझे 40% तक का नुकसान हो गया था | 

मैंने अपना पहला इन्वेस्टमेंट 1000 रुपयों से किया था जिसका 40% मतलब 400 रूपये का नुकसान हुआ था, जरा सोचिये अगर मैंने 1 लाख रूपयें लगायें होते तो क्या होता, मुझे 40 हजार रुपयों का नुकसान होता | अब अगर किसी को भी अपने पहले ही इन्वेस्टमेंट में 40 हजार का नुकसान होता है तो वह शेयर बाजार में दोबारा पैसे नहीँ लगाएगा, क्योंकि मैंने केवल 1000 रूपयें इन्वेस्ट किये थे इसलिए मुझें ज्यादा नुकसान नही हुआ था और मैं यह भी कह रहा था कि अगर मेरे 1000 रूपयें भी पुरे डूब जाते है तो मुझें कोई फर्क नहीं पड़ेगा |


यहाँ पर मैं यह कहना चाहता हूँ कि शेयर बाजार कभी यह नही कहता कि तुम्हारे पास ज्यादा पैसे नहीं है तो तुम इंतजार करों , तुम अभी शेयर नहीं खरीद सकते , तुम्हें मैं शेयर बाजार में आने की अनुमति नहीं देता हूँ |

शेयर बाजार में कोई भी इन्वेस्ट कर सकता है जिसके पास कम पैसे है वो भी शेयर बाजार में इन्वेस्ट करके अच्छा रिटर्न कमा सकता है | शेयर बाजार में छोटी सी रकम लगाकर बड़ा पैसा बनाया जा सकता है |

शेयर बाजार से पैसा कमाने का सही तरीका | शेयर बाजार से पैसा कैसे कमायें ? Share Market Tips in Hindi

सितंबर 28, 2021 Add Comment

 शेयर बाजार ने पैसा कमाने के मामले में कईयों को लुभाया है, पर शेयर बाजार से पैसा उसी ने कमाया है जिसने इसे समझ कर पैसा लगाया है |

आइये आज मैं आपको शेयर बाजार से पैसे कमाने के सेक्रेस्ट्स के बारे में बताता हूँ | शेयर बाजार जो सभी इन्वेस्टमेंट जैसेः फिक्स्ड डिपोजिट, सोना, रियल एस्टेट आदि से बहुत अधिक रिटर्न दे सकता है पर अगर शेयर बाजार में सही से इन्वेस्ट किया  नहीं तो ये आपको बहुत ज्यादा का नुकसान करा सकती है इसलिए इसे समझ कर पैसा लगाने में ही भलाई है |

शेयर बाजार अधिक पैसे कमाने का मौका देता है इसलिए इसमें आपको पैसा जरुर इन्वेस्ट करना चाहिए, लेकिन इसमें उसी पैसों को इन्वेस्ट करना है जिसकी जरूरत आपको नहीं होने वाली है, और जो loss हो जाये तब भी आपको कोई फर्क न पड़े |


Share Market Tips in Hindi


आज वारेन बुफे, राकेश झुनझुनवाला, रामदेव अग्रवाल, विजय केडिया आपने ऐसे कई नाम सुने होंगे जिन्होंने शेयर बाजार से बहुत पैसा कमाया है | अगर आप इनके इंटरव्यू शो आदि देखे है तो आपको यह पता होगा कि ये सारे इन्वेस्टर्स कभी भी यह नही बोलते है कि हमने शोर्ट टर्म में पैसा कमाया है बल्कि सभी हमेशा सही कम्पनी को चुनकर  लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट की सलाह देते है |


अगर आप किसी भी सफल इन्वेस्टर से पूछते है कि आपकी सफलता का राज क्या है तो हर सफल इन्वेस्टर यही कहेंगे की लम्बी दौड़ के घोड़ो पर दाव लगाव यानि कि ऐसी कम्पनी चुनों जो आने वाले समय में बहुत ज्यादा पैसा कमाने वाली है |

अब यह इतना आसान नहीं है कि यह अनुमान लगाया जा सके कि कौन सी कम्पनी भविष्य में सबसे ज्यादा पैसा कमाने वाली है, इसमें कई बार आपका अनुमान सही हो सकता है और कई बार आप गलत हो सकते है |

रामदेव अग्रवाल कहते है कि मैं ऐसी कम्पनी में पैसा लगाता हूँ जिसमे कम्पनी तेजी से भागे तो खूब सारा पैसा बनाके दे वरना कम से कम 25% रिटर्न देके जाती है |


शेयर बाजार से पैसा कमाने का राज | Secret of Making money in the Share market

सही कम्पनी चुनों - किसी भी कम्पनी के शेयर खरीदने से पहले उस कम्पनी के बिज़नस के बारे में अच्छे से जानो कम्पनी क्या करती है ? कम्पनी का प्रोडक्ट क्या है ? कम्पनी कैसा सर्विस देती है ? कम्पनी के ग्राहक कौन है ? इसके बाद यह देखो कि कम्पनी कितना प्रॉफिट कमा रही है |  यह सभी चीजे  जानने के लिए खुद से रिसर्च करो, उसके बाद ही कंपनी सही लगे तो ही इन्वेस्ट करें |

लम्बे समय के लिए पैसे लगाओ - वारेन बुफे कहते है कि अगर आप किसी कम्पनी को 10 साल के लिए नहीं खरीद सकते है तो उसे 10 मिनट के लिए भी मत खरीदो |

शेयर बाजार में बहुत सारे लोग पैसे कमाते है लेकिन शेयर बाजार से रातोंरात पैसा कमाना संभव नही है | शेयर जो कि बिज़नस का हिस्सा होता है, इसलिए उसका कीमत भी बिज़नस बढ़ने के साथ बढ़ता है मतलब जब कोई कम्पनी अपना प्रॉफिट हर साल बढाती जाती है तो उसका शेयर का दाम भी बढ़ते जाता है | और इसके लिए आपको 5-10 साल इंतजार भी करना पड़ता है |

धैर्य रखों - शेयर बाजार में आज लगायें पैसे को जितना अधिक समय देते है उतना अधिक पैसा बढ़ता है बशर्ते कम्पनी का चुनाव सही हो व कम्पनी रेगुलर तौर पर अच्छा परफॉर्म कर रही हो | वारेन बुफे, रामदेव अग्रवाल, राकेश झुनझुनवाला इन सभी ने लॉन्ग टर्म के लिए पैसे इन्वेस्ट किये और धैर्य रखा तभी जाकर उन्होंने  शेयर बाजार से पैसे कमाए है |

शेयर बाजार क्या है ? Share Market in Hindi | शेयर बाजार कैसे काम करता है ?

सितंबर 25, 2021
शेयर बाजार का नाम हम सब किसी न किसी दोस्त, रिश्तेदार आदि से सुनते है लेकिन क्या हम सच में जानते है ? शेयर बाजार क्या है ? और शेयर बाजार कैसे काम करता है ? आइये आज के इस पोस्ट में हम जानते है कि शेयर बाजार क्या है और यह कैसे काम करता है और किसी को शेयर खरीदना है तो शेयर कैसे ख़रीदा जाता है ?

Share market in Hindi

शेयर बाजार क्या है (Share Market in Hindi)

Share Market या शेयर बाज़ार एक ऐसा बाजार है जहा से कोई भी जिसके पास Demat खाता है वह किसी भी पब्लिक रूप से लिस्टेड कंपनी का शेयर खरीद सकता है और उस कंपनी का शेयरहोल्डर्स बनकर उस कम्पनी के प्रॉफिट का हिस्सा कमा सकता है | 

मतलब शेयर बाजार एक व्यक्ति को किसी भी पब्लिक कम्पनी में हिस्सा खरीदने का अवसर देता है | पब्लिक कंपनी का उदाहरण है - HDFC bank, भारती एयरटेल, NTPC आदि इसी प्रकार के 5000 से भी ज्यादा कंपनीज है जो स्टॉक एक्सचेंज पर पब्लिक रूप से लिस्टेड है |

शेयर क्या होता है ( Share Kya Hota Hai)

शेयर एक कम्पनी का हिस्सा होता है, जिसे खरीदने वाले को कई सारे फायदे व अधिकार मिलते है | किसी भी कंपनी का हिस्सा 100% होता है, उसमे से कंपनी का मालिक कुछ हिस्सों को बेच देता है, जिससे खरीदने वाला उतने हिस्से का मालिक हो जाता है और उसको उतने हिस्से का प्रॉफिट व अधिकार मिलता है |

जैसे - कम्पनी को जब अधिक मुनाफा होता है तो कंपनी उसमे से कुछ प्रॉफिट को अपने शेयरहोल्डर्स को बाँट देती है तो इससे शेयरहोल्डर्स फायदा मिलता है |

कम्पनी के वार्षिक मीटिंग में  Director को चुनना, कंपनी मर्जर व कंपनी खरीदने में वोटिंग राइट्स आदि | शेयरहोल्डर्स को यह सब फायदे होने के अलावा शेयर को कम कीमत में खरीद कर कुछ सालों के बाद ज्यादा दाम में बेचने से भी प्रॉफिट मिलता है |

शेयर बाजार कैसे काम करता है ( Share Bazaar Kaise Kam Karta Hai)

Share Market एक सब्जी मंडी की तरह काम करता है, सब्जी मंडी में जिस तरह अलग - अलग सब्जियाँ आती है उसी प्रकार शेयर बाजार में अलग - अलग इंडस्ट्री के शेयर लिस्ट होते है जैसेः बैंकिंग, ट्रांसपोर्ट, स्टील, पॉवर, इन्फ्रास्ट्रक्चर, आदि  |

एक बार कोई भी कम्पनी शेयर बाजार में लिस्ट हो जाती है तो उसके बाद वह रोजाना (सोमवार से शुक्रवार) बाजार खुलने के बाद खरीदी व बिक्री की जाती है |

जिस दिन किसी कंपनी के शेयर को खरीदने वाले ज्यादा होते है उस दिन शेयर का दाम बढ़ता है और जिस दिन शेयर को बेचने वाले ज्यादा होते है उस दिन शेयर का दाम घटता है , मतलब शेयर बाजार मांग व पूर्ति के नियम के आधार पर काम करता है | 

Share Bazaar कैसे काम करता है | How Share Market Works in Hindi

नवंबर 26, 2019 Add Comment
क्या आप जानते है Share Bazaar कैसे काम करता है? Share Bazaar में प्राइस कैसे बदलता रहता है ? कौन सी वजह के कारण स्टॉक प्राइस ऊपर जाता है और कौन से फैक्टर के स्टॉक प्राइस नीचें जाता है ? तो चलिए जानते है आखिर कौन Share Bazaar को चलाता है |
How Share Market Works in Hindi

Share Bazaar कैसे काम करता है

जब स्टॉक प्राइस घटता या बढ़ता है तो इससे ट्रेडर/इन्वेस्टर को घाटा व फायदा होता है इसलिए ट्रेडर/इन्वेस्टर कंपनियों के शेयर को खरीदते व बेचते है |

मान लीजिये एक कंपनी ABC है जो सायकल बनाने का बिज़नस करती है और जिसका तिमाही रिजल्ट आज आने वाली है | तो अब आप ABC के शेयर खरीदेंगे या बेचेंगे ?

मुझे यकीन है आप रिजल्ट के आने का इंतजार कर सकते है और अन्य मार्केट प्रतिभागी भी क्योकिं स्टॉक मार्केट में ऐसे होने वाले इवेंट्स ही शेयर के दाम को घटाने व बढ़ाने का समाचार देते है |

चलिए देखतें है आज आने वाला तिमाही रिजल्ट के आधार पर शेयर का दाम कैसे घटेगा या बढ़ेगा|

कंडीशन 1:

कंपनी ABC का रिजल्ट ख़राब आया, कंपनी ने प्रॉफिट न करके नुकसान उठाया | अब ऐसे में यह नेगेटिव खबर पूरे जगह फैलती है और सभी निवेशक/ट्रेडर अगले दिन इस कम्पनी के स्टॉक को बेचने लगते है क्योकिं कम्पनी को घाटा हुआ है |

अब नियम कहता है कि जब ज्यादा लोग बेचने वाले हो जाते है तो किसी भी वस्तु की कीमत कम हो जाती है | कंपनी ABC के शेयर के दाम भी कम हुए क्योकिं सभी इसके शेयर बेच रहे थे |

कंडीशन 2:

ABC कम्पनी का रिजल्ट अच्छा आता है, कम्पनी का मुनाफा बढ़ जाता है | यह एक पॉजिटिव खबर है और जब यह खबर निवेशकों/ट्रेडर्स को पता चलता है तो वे ABC के शेयर खरीदनें लगते है |

अब नियम कहता है कि ज्यादा लोग जब किसी वस्तु को खरीदने की मांग करते है तो उस वस्तु की कीमत बढ़ जाती है | कंपनी ABC के शेयर के दाम भी बढ़ गये क्योकिं सभी इसके शेयर खरीद रहे थे |

इस प्रकार से जब स्टॉक मार्केट से किसी शेयर को ख़रीदा या बेचा जाता है जिससे स्टॉक मार्केट ऊपर नीचें होता है | इसी तरह से किसी भी देश का स्टॉक मार्केट काम करता है |


मल्टीबैगर स्टॉक क्या है | मल्टीबैगर स्टॉक कैसे चुने

अप्रैल 03, 2019
क्या आप जानतें है? Multibagger stock क्या है ? व Multibagger कैसे पता करते है?

शेयर बाजार में इन्वेस्ट करके आप पैसा कमाना चाहते है लेकिन इसके लिए आपको एक ऐसे स्टॉक की जरूरत होगी जो आपको कई गुना तक का रिटर्न दे सके, पर ऐसे स्टॉक या शेयर की पहचान क्या है जो आपको multibagger रिटर्न दे |
multibagger

मल्टीबैगर स्टॉक क्या है ( Multibagger Stock Kya Hai)

स्टॉक जो अपनें खरीदें गयें दाम से कई गुना ज्यादा रिटर्न देते है उन stocks को multibagger stocks कहा जाता है | multibagger stock के फंडामेंटल काफ़ी स्ट्रोंग होते है इसलिए ऐसे स्टॉक में निवेश करना इन्वेस्टर्स के लिए फायदेमंद होता है |

उदाहरण: अगर आपनें कोई स्टॉक 200 के भाव पर ख़रीदा है जो 5 साल के अंदर 2000 हो जाता है तो उसे 10 बैगर कहते है |

मल्टीबैगर स्टॉक कैसे चुने (Multibagger Stock Kaise Chune)

मैं अब 5 सीक्रेट्स के बारे में बताने वाला हूँ जिसको ध्यान में रखकर multibagger stock का पता लगा सकतें है-

बिज़नेस ग्रोथ: आप अगर मल्टीबैगर स्टॉक की तलाश कर रहें है तो आपको उस कंपनी कि तलाश करनी चाहिए जिसकी फ्यूचर बिजनेस में बहुत ज्यादा ग्रोथ होने वाली है|

जब भी आप किसी स्टॉक में इन्वेस्ट करने का प्लान बना रहे है तो आपको सबसे उस स्टॉक के भविष्य के फ्यूचर बिजनेस को ध्यान में रखना चाहिए |

सेल्स & प्रोडक्ट्स: multibagger stocks को पहचानने का सबसे बेहतरीन तरीका है कि आप कम्पनी के सेल्स व प्रोडक्ट्स को चेक करें क्योकिं जब तक कम्पनी का प्रोडक्ट सही नही है तब तक सेल्स नही बढ़ेगा और अगर सेल्स नही बढ़ेगा तो कम्पनी का profit भी नहीं बढ़ेगा |

अतः सेल्स बढ़ रहा है कि नही यह पता करना आवश्यक हो जाता है |

अंदरवैल्यूड स्टॉक ख़रीदे: ऐसे स्टॉक जिनके फंडामेंटल काफ़ी अच्छे होते है पर कुछ वजहों से अपने वास्तविक मूल्य से कम दाम में ट्रैड होते है उन्हें undervalued stocks कहतें है | अगर आप ऐसें स्टॉक को खरीदते है तो आपके multibagger रिटर्न मिलने के चांसेस बढ़ जाते है |

कंपनी पर उधार: कंपनी का उधार कम से कम हो क्योंकि जब कोई जब कोई कम्पनी उधार लेकर काम करती है तो उसे अपने प्रोफिट से सबसे पहले लोन व ब्याज चुकाने पढ़ते है |

अगर आपने कभी उधार लिया होतो आप इसे अच्छे से समझ सकते है |

रिटर्न ओन इक्विटी: अगर कम्पनी का रिटर्न ओन इक्विटी 25% या इससे ज्यादा है तो यह एक अच्छे स्टॉक की निशानी होती है |

Bonus Share क्या है | बोनस शेयर किसे मिलता है | Bonus Share in Hindi

मार्च 28, 2019
Bonus Share क्या है | बोनस शेयर किसे मिलता है | Bonus Share in Hindi
क्या आप जानते है? बोनस शेयर क्या है? (What is Bonus Share? ) कोई कंपनी बोनस शेयर क्यों और कब देती है?

Bonus Share क्या है?

Bonus Share कम्पनी के द्वारा issue किया जाने वाला शेयर है जिसे कम्पनी अपने शेयर होल्डर्स को रिवॉर्ड या इनाम के रूप में देती है | Bonus share को कंपनी के शेयरहोल्डर फंड्स से issue किया जाता है |

Bonus Share Issue कैसे होता है?

ये शेयर कंपनी के शेयर होल्डर्स को free में दिया जाता है इसलिए इसका अलोटमेंट फिक्स्ड रेश्यो में किया जाता है जैसेः 1:1, 2:1, 3:1, 5:1 आदि | आप को कितना बोनस शेयर मिलेगा यह आपके द्वारा होल्ड किये गयें शेयर के आधार पर तय किया जाता है |
बोनस इशूबोनस से पहले शेयर बोनस से पहले शेयर मूल्यइन्वेस्टमेंट राशिबोनस के बाद शेयरबोनस के बाद शेयर मूल्यइन्वेस्टमेंट राशि
1:1100757,50020037.57500
3:13055016,500120137.516,500
5:120001530,00012,0002.530,000


उपर उदाहरण में आप देख सकते है कि अगर issue रेश्यो 1:1 है तो आपको एक शेयर के साथ में केवल एक शेयर मिलेगा मतलब अगर आपने 100 शेयर होल्ड करके रखे है तो आपके पास 200 शेयर हो जायेंगे, पर आपका इन्वेस्ट किया गया राशि या अमाउंट उतना ही रहेगा|

Bonus Share कब दिया जाता है?

जब कंपनी के शेयर का मूल्य बहुत ज्यादा हो जाता है तो कंपनी के शेयर को खरीदना एक नये इन्वेस्टर के लिए मुश्किल हो जाता है ऐसें में कंपनी रिटेल पार्टिसिपेशन को बढ़ाने के लिए Bonus Share issue करती है|

बोनस शेयर इशू करने से कंपनी के शेयर की संख्या बढ़ जाता है और उसके प्राइस या मूल्य में भी कमी आती है जिससे ज्यादा इन्वेस्टर कंपनी के शेयर को कम कीमत में खरीद सके|

इस पोस्ट को उन लोगों को भेजों जिन्हे आप Bonus share के बारे में बताना चाहतें है :)

स्टॉक स्पिलिट क्या है | स्टॉक स्पिलिट का फायदा किसे मिलता है | Stock Split in Hindi

जनवरी 19, 2019
स्टॉक स्पिलिट क्या है | स्टॉक स्पिलिट का फायदा किसे मिलता है | Stock Split in Hindi
क्या आपका Stock कभी स्प्लिट हुआ है? Stock Split कब, और क्यों होता है?आइये इसे जानते है |

Stock Split क्या है?

Split या स्प्लिट का अर्थ = विभाजन (Partition), या टुकड़े करना | स्टॉक का अर्थ = शेयर या कम्पनी का हिस्सा 

इस प्रकार स्टॉक स्प्लिट का अर्थ शेयर के टुकड़े करना है लेकिन ये स्टॉक स्प्लिट कब ,क्यों और कैसे किया जाता है इसके पीछे किसी कम्पनी का क्या उद्देश्य होता है ?

हर शेयर मे स्पिलिट हो, ऐसा जरुरी नही है लेकिन स्टॉक मार्केट में किसी न किसी कम्पनी का स्टॉक स्पिलिट होता रहता है |

Stock Split कब, क्यों होता है?

स्टॉक स्पिलिट एक कॉर्पोरेट एक्शन होता है और इसका महत्वपूर्ण प्रभाव स्टॉक मार्केट व निवेशक पर पड़ता है |

लेकिन स्टॉक स्पिलिट का सबसे ज्यादा फायदा कम्पनी को होता है | कोई भी कंपनी अपने स्टॉक या शेयर को स्पिलिट इसलिए करती है ताकि कम्पनी शेयर के मूल्य व फेस वैल्यू को कम कर सके |

जिससे नये निवेशक कंपनी के शेयर को आसानी से कम दाम में खरीद सके और कम्पनी को लाभ हो |

Stock Split कैसे होता है?

जब भी कोई कम्पनी स्टॉक स्पिलिट करती है तो उस कम्पनी के शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन ध्यान रखने वाली बात ये है कि उस कम्पनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization ) नही बढ़ता है और न  ही शेयर धारकों की इन्वेस्मेंट वैल्यू बढती है

शेयर धारकों के शेयर कि संख्या बढ़ जाती है,  यह एक प्रकार से बोनस शेयर जारी करने की तरह होता है |

स्टॉक स्पिलिट, फेस वैल्यू को ध्यान में रख कर व निश्चित अनुपात में किया जाता है-

जैसे 1:2 या 1:5

आपके पास XYZ कम्पनी का एक शेयर है जिसका फेस वैल्यू 10 है और स्टॉक स्पिलिट 1:2 अनुपात में होता है 
जिससे उसका फेस वैल्यू बदलकर 5 हो जाता है

आपके पास जो पहले एक शेयर था तो इस प्रकार एक शेयर बढकर दो शेयर हो जायेगा |
स्पिलिट रेश्यो पुराना फेस वैल्यू आपके शेयर स्पिलिट से पहले शेयर के दाम स्प्लिट से पहले निवेशित पूंजी स्पिलिट से पहले नया फेस वैल्यूआपके शेयर स्पिलिट से बादशेयर के दाम स्प्लिट से बाद निवेशित पूंजी स्पिलिट से बाद
1:21010090090,000520045090,000
1:51010090090,000250018090,000
स्टॉक स्प्लिट होने के बाद फेस वैल्यू व शेयर की संख्या बदल गयी है लेकिन शेयर होल्डर्स के द्वारा इन्वेस्ट किया गया पूंजी या राशि में कोई वृद्धि नही हुई है|

उम्मीद करता हूँ आपको स्टॉक स्प्लिट (Stock Split )  क्या होता है समझ में आया होगा |

Best Stock Broker कैसे चुने - फुल गाइडेंस | Best Stock Broker Kaise Chune

जनवरी 03, 2019
Best Stock Broker Kaise Chune: एक शेयर ब्रोकर ( Stock Broker ) हमारे buy व sell आर्डर को स्टॉक मार्केट में पूरा कराता है,आज की पोस्ट में हम How to Choose best Stock Broker in India जानेंगे |

Best Stock Broker kaise chune

Best Stock Broker कैसे चुने?

जब हम स्टॉक मार्केट में buy व sell आर्डर की बात करते है तो हमारे दिमाग में सबसे पहले स्टॉक ब्रोकर का नाम आता है क्योंकि स्टॉक ब्रोकर के पास ही हम ट्रेडिंग व डीमैट अकाउंट ओपन कराते है |

लेकिन एक नया व्यक्ति जब स्टॉक मार्केट की दुनिया में आता है तो उसे स्टॉक ब्रोकर के बारे में कोई बात पता नही होती है स्टॉक ब्रोकर क्या है और वे क्या करते है |

आइये जानते है एक स्टॉक ब्रोकर को चुनने से पहले हमें क्या क्या देखना चाहिए |

एक स्टॉक ब्रोकर हमे संतुष्ट करने के लिए बहुत सारी सर्विसेस देते है और उन सर्विसेस के आधार पर या आपकी जरूरतों के आधार पर एक Best Stock Broker को परिभाषित कर सकते है |

हमने स्टॉक ब्रोकर क्या काम करते है वाले पोस्ट में स्टॉक ब्रोकर के दो प्रकार बताया है |
  • फुल सर्विस ब्रोकर ( Full Service Broker )
  • डिस्काउंट सर्विस ब्रोकर ( Discount Service Broker )
अब यहाँ सवाल ये आता है कि Best Stock Broker  कौन सा है जिसे चुनना चाहिए इसके लिए आपको कुछ बातों को ध्यान रखना आवश्यक है -
  • आप एक नये निवेशक है तो आपको किस प्रकार की सुविधा ( फुल सर्विस या डिस्काउंट सर्विस) चाहिए | 
  •  क्या आप खुद से रिसर्च करना चाहते है |
  • स्टॉक ब्रोकर की नजदीकी ब्रांच कहा है |
  • आप कम से कम सर्विस चार्ज (ब्रोकरेज ) देना चाहते है |
  • जो स्टॉक ब्रोकर आप चुनने वाले है उसका कस्टमर रिलेशनशिप कैसा है |
  • स्टॉक ब्रोकर ने कोई फ्रॉड या स्कैम या पैसा लेकर भागी नही है मतलब शेयर ब्रोकर की हिस्ट्री कैसी है |
  • फण्ड ट्रान्सफर करने के फैसिलिटी कैसी है |
  • ट्रेडिंग प्लेटफार्म (मोबाइल एप्प व वेबसाइट) कैसा है |
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Nifty क्या है | निफ्टी में कितनी कम्पनियां है | Nifty in Hindi

जनवरी 02, 2019
Nifty क्या है? इंडियन स्टॉक मार्केट में Nifty क्या महत्त्व रखता है Nifty 50 Companies कौन कौन सी है? Nifty व NSE का क्या सम्बन्ध है ?

Nifty in Hindi

स्टॉक एक्सचेंज वह जगह है जहा कंपनी अपने share को जनता के लिए लिस्ट या उपलब्ध कराती है|

भारत में केवल दो ही बड़े स्टॉक एक्सचेंज है|

1. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)
2. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज(NSE)

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE): यह एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज है जिसे सन 1875  में स्थापित किया गया  इसमें 5000 से अधिक कंपनिया लिस्ट की जा चुकी है | यह दलाल स्ट्रीट मुंबई में स्थित है |

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE): यह भारत का लीडिंग स्टॉक एक्सचेंज है इसमें 1600 से अधिक कंपनिया लिस्टेड है |

भारतीय शेयर बाजार के सूचकांक(Index)

हमारे भारत में स्टॉक मार्केट के दो मुख्य सूचकांक(Index) है -
  • सेंसेक्स (Sensex) 30 मुख्य कम्पनी
  • निफ्टी ( Nifty ) 50 मुख्य कंपनी
दुनियाभर के निवेशक सेंसेक्स व निफ्टी पर नजर डालते है मतलब भारतीय अर्थव्यवस्था किस गति से बढ़ रही है इसका अंदाजा Sensex व निफ्टी 50 को देखकर पता लगाया जा सकता है |

सेंसेक्स व निफ्टी के अलावा कई इंडेक्स और भी है जिन्हें औधोगिक सेक्टर व कम्पनी के साइज़ के आधार पर बनाया गया है |

Nifty क्या है ( Nifty in Hindi )

निफ्टी (Nifty ) भारतीय Share Market में  National Stock Exchange (NSE) का संवेदी सूचकांक(Index) है इसे 50 कम्पनियों के शेयर को मिलाकर बनाया गया है इसलिए इसे Nifty 50 भी कहते है इसमें कंपनियों की लिस्ट समय समय पर बदलती रहती है |

निफ्टी व सेंसेक्स एक समान है पर इसमें फर्क सिर्फ इतना है कि NSE का संवेदी सूचकांक(Index) Nifty 50  है जबकि कि Bombay Stock Exchange (BSE) का संवेदी सूचकांक(Index) Sensex  है |

Nifty 50 का आधार मूल्य 3 नवम्बर 1995 में 1000 रूपये निर्धारित किया गया था जिसका वर्तमान मूल्य 2018 में 10000 रूपये के उपर पहुँच गया है |

Nifty 50 Companies

Company Name Industry Symbol
Adani Ports and Special Economic Zone Ltd. SERVICES ADANIPORTS
Asian Paints Ltd. CONSUMER GOODS ASIAN PAINT
Axis Bank Ltd. FINANCIAL SERVICES AXISBANK
Bajaj Auto Ltd. AUTOMOBILE BAJAJ-AUTO
Bajaj Finance Ltd. FINANCIAL SERVICES BAJFINANCE
Bajaj Finserv Ltd. FINANCIAL SERVICES BAJAJFINSV
Bharat Petroleum Corporation Ltd. ENERGY BPCL
Bharti Airtel Ltd. TELECOM BHARTIARTL
Bharti Infratel Ltd. TELECOM INFRATEL
Cipla Ltd. PHARMA CIPLA
Coal India Ltd. METALS COALINDIA
Dr. Reddy's Laboratories Ltd. PHARMA DRREDDY
Eicher Motors Ltd. AUTOMOBILE EICHERMOT
GAIL (India) Ltd. ENERGY GAIL
Grasim Industries Ltd. CEMENT & CEMENT PRODUCTS GRASIM
HCL Technologies Ltd. IT HCLTECH
HDFC Bank Ltd. FINANCIAL SERVICES HDFCBANK
Hero MotoCorp Ltd. AUTOMOBILE HEROMOTOCO
Hindalco Industries Ltd. METALS HINDALCO
Hindustan Petroleum Corporation Ltd. ENERGY HINDPETRO
Hindustan Unilever Ltd. CONSUMER GOODS HINDUNILVR
Housing Development Finance Corporation Ltd. FINANCIAL SERVICES HDFC
I T C Ltd. CONSUMER GOODS ITC
ICICI Bank Ltd. FINANCIAL SERVICES ICICIBANK
Indiabulls Housing Finance Ltd. FINANCIAL SERVICES IBULHSGFIN
Indian Oil Corporation Ltd. ENERGY IOC
IndusInd Bank Ltd. FINANCIAL SERVICES INDUSINDBK
Infosys Ltd. IT INFY
JSW Steel Ltd. METALS JSWSTEEL
Kotak Mahindra Bank Ltd. FINANCIAL SERVICES KOTAKBANK
Larsen & Toubro Ltd. CONSTRUCTION LT
Mahindra & Mahindra Ltd. AUTOMOBILE M&M
Maruti Suzuki India Ltd. AUTOMOBILE MARUTI
NTPC Ltd. ENERGY NTPC
Oil & Natural Gas Corporation Ltd. ENERGY ONGC
Power Grid Corporation of India Ltd. ENERGY POWERGRID
Reliance Industries Ltd. ENERGY RELIANCE
State Bank of India FINANCIAL SERVICES SBIN
Sun Pharmaceutical Industries Ltd. PHARMA SUNPHARMA
Tata Consultancy Services Ltd. IT TCS
Tata Motors Ltd. AUTOMOBILE TATAMOTORS
Tata Steel Ltd. METALS TATASTEEL
Tech Mahindra Ltd. IT TECHM
Titan Company Ltd. CONSUMER GOODS TITAN
UPL Ltd. FERTILISERS & PESTICIDES UPL
UltraTech Cement Ltd. CEMENT & CEMENT PRODUCTS ULTRACEMCO
Vedanta Ltd. METALS VEDL
Wipro Ltd. IT WIPRO
Yes Bank Ltd. FINANCIAL SERVICES YESBANK
Zee Entertainment Enterprises Ltd. MEDIA & ENTERTAINMENT ZEEL

Source(स्त्रोत): NSE Website
आशा करता हूँ आप NSE Nifty meaning व Nifty को समझ गये हों |