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Return on Capital Employed क्या है | ROCE in Hindi | रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड क्या है

जनवरी 31, 2022 Add Comment

 इस पोस्ट में हम जानने वाले है कि किसी कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड क्या है और यह ROCE किसी कंपनी के बारे में क्या बताता है | इसके साथ ही हम यह भी देखने वाले है कि ROCE निकालता कैसे है और ROCE व ROE में फर्क क्या है और हमें किसे कब प्रयोग करना है |

Return on Capital Employed


Return on Capital Employed क्या है

किसी भी कंपनी का Return on Capital Employed हमें यह बताता है कि उस कंपनी ने अपने कुल कैपिटल या पूंजी में कितना कमाई किया है | किसी भी कंपनी के कुल कैपिटल में शेयरहोल्डर का पैसा व उधार का पैसा आता है मतलब कि कंपनी के पास जितना भी पूंजी है चाहे वह शेयरहोल्डर का पैसा हो या उधार का पैसा दोनों को शामिल करंता है और अपना बिज़नस करता है | ROCE यह बताता है कि उस टोटल कैपिटल में कंपनी ने कितना मुनाफा कमाया है |

Return on Capital Employed कब देखना है

जब कोई कंपनी उधार लेकर अपना बिज़नस करती है तो शेयरहोल्डर को अपने पैसे पर कितनी कमाई मिल रही है इसका सही से पता लगा पाना रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) से संभव नही है लेकिन ROCEको देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि कंपनी को शेयरहोल्डर के पैसो व उधार के पैसों पर कितना रिटर्न मिल रहा है |

किसी कंपनी का ROCE हमें तभी देखना सही है जब वह कंपनी उधार में पैसे लेकर बिज़नस कर रही है क्योंकि ROE से हमें इसकी सही जानकारी नहीं मिलती है |

Return on Equity क्या है और कितना होना चाहिए ? Return on Equity ( ROE ) in Hindi

अक्तूबर 22, 2021 Add Comment

इस पोस्ट में हम जानने वाले है कि रिटर्न ऑन इक्विटी क्या है और किसी कंपनी में इन्वेस्टमेंट करने के लिए कितना होना सही है | इसके साथ हम यह भी जानने वाले है कि किसी कंपनी में रिटर्न ऑन इक्विटी कब देखना है और कब किसी कंपनी में रिटर्न ऑन इक्विटी देखना सही नहीं है |


Return on Equity in Hindi


Return on Equity क्या है (Return on Equity in Hindi)

रिटर्न ऑन इक्विटी या ROE एक प्रॉफिटेबिलिटी रेश्यो है जो यह बताता है कि कंपनी के शेयर होल्डर्स को उनके लगाये पैसे पर कितना कमाई हो रहा है या कहे कि कंपनी के शेयर होल्डर्स को खुद के पैसे पर कितना रिटर्न मिल रहा है | किसी भी कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी जितना ज्यादा होता है यह शेयर होल्डर्स के लिए उतना ही अच्छा है|


Return on Equity कितना होना चाहिए ( Return on Equity Kitna Hona Chahiye )

जब भी हम कही अपना पैसा लगाते है या इन्वेस्ट करते है तो हम उस पर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते है | इसी प्रकार यदि हम किसी कंपनी में पैसा लगा रहे है तो उस पर भी हम ज्यादा से ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते है लेकिन यह ज्यादा कितना होने पर सही है 10%, 20% या और अधिक |


एक कंपनी में पैसा लगाने से पहले हम उस कंपनी का कमाई देखते है जो हमें रिटर्न ऑन इक्विटी से पता चलता है तो एक कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी कितना हो जिससे हम उस कंपनी में अपना पैसा लगाये | हमें किसी कंपनी में कितना का रिटर्न का उम्मीद करना सही है |


रिटर्न ऑन इक्विटी कितना होना सही है इसका उत्तर अन्य इन्वेस्टमेंट के विकल्पों में छिपा हुआ है जैसे अगर हम फिक्स्ड डिपोजिट में अपना पैसा डालते है तो 7% रिटर्न मिलता है, सोना या जमीन खरीदते है तो 9से 10% रिटर्न लॉन्ग टर्म में मिलता है, म्यूच्यूअल फण्ड खरीदते है तो 12 से 15% मिलता है जिसमें रिस्क किसी कंपनी में निवेश करने से कम होता है तो अगर हम डायरेक्ट किसी कंपनी के शेयर खरीद कर रिस्क ले रहे तो इसका रिटर्न अन्य निवेश विकल्पों से अधिक होना ही सही है |


किसी कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी 20% या अधिक होना सही है क्योंकि एक अच्छा सा म्यूच्यूअल फण्ड हमें 15% का रिटर्न दे सकता है तो डायरेक्ट किसी बिज़नस में 20% रिटर्न की उम्मीद करना गलत नहीं है |


Return on Equity कब देखना है ( Return on Equity Kab Dekhna Hai)

किसी भी कंपनी में अपने पैसे लगाने से पहले हमें उस कंपनी का अच्छे से एनालिसिस करना बहुत जरुरी होता है | जब हम कंपनी का एनालिसिस करते है तो हम उस कंपनी का कई फाइनेंसियल रेश्यो भी देखते है जिसमें से एक बहुत ही महत्वपूर्ण रेश्यो रिटर्न ऑन इक्विटी भी है |


रिटर्न ऑन इक्विटी किसी कंपनी के शेयर होल्डर्स के पैसे पर कमाए गए रिटर्न को बताता है मतलब कि रिटर्न ऑन इक्विटी शेयर होल्डर्स के पैसे से कमाए गए प्रॉफिट से कैलकुलेट किया जाता है और इसी कारण से जब भी हमें रिटर्न ऑन इक्विटी देखना है तो ऐसी कंपनी का देखना है जिस कंपनी में उधार बहुत कम हो |


क्योंकि रिटर्न ऑन इक्विटी के कैलकुलेशन में उधार के पैसे को शामिल नहीं किया जाता है मतलब कि जब भी हमें किसी कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी देखना है तो ऐसी कंपनी का देखना है जिसने बहुत कम उधार लिया है या उस कंपनी ने उधार लिया ही नहीं है | 

Blue Chip Companies क्या है | ब्लू चिप कंपनीयो की विशेषता | Blue Chip Companies in Hindi

अक्तूबर 13, 2021
क्या आप जानते है ब्लू चिप कंपनी (Blue Chip Companies) क्या है? और ब्लू चिप कंपनियों में निवेशको का ज्यादा भरोसा क्यों होता है? तो चलिए जानते है ब्लू चिप कम्पनियों की सारी अनसुनी बातों को|

Blue Chip Company kya hai

ब्लू चिप क्या है (Blue Chip Kya Hai)

ब्लू चिप का इतिहास बहुत पुराना है, ब्लू चिप नाम, पोकर नाम के एक खेल से लिया गया है | पोकर खेल में ब्लू चिप सबसे मूल्यवान होता था |

ब्लू चिप कंपनी क्या है (Blue Chip Companies in Hindi)

स्टॉक मार्केट में बड़ी कम्पनियों को, जो बड़ी हो गयी है और अपना बिज़नस आसानी से कर रही है| उन कंपनियो को ब्लू चिप कंपनी कहा जाता है |

Blue Chip Companies का मार्केट कैपिटलाइजेशन ज्यादा होता है और इन कंपनियों  के शेयर प्राइस में उतार-चढ़ाव कम होता है| इसके अतिरिक्त Blue Chip shares या companies की अर्निंग स्थिर व नियमित होती है|

ब्लू चिप स्टॉक का मार्केट वैल्यूएशन भी बहुत अधिक होता है, इसके साथ बाजार में गिरावट (बुलिश मार्केट ) के दौरान भी ब्लू चिप कंपनियों का रिटर्न, स्माल कैप व मिड कैप वाले कंपनियों से बेहतर होता है और इन्ही सब वजह से ब्लू चिप कंपनियों में निवेशकों का ज्यादा भरोसा होता है क्योकिं ये कंपनिया कई दशकों से बिज़नस कर रही होती है|

ब्लू चिप कंपनियों प्रॉफिट होने पर डिविडेंड देने के लिए भी बहुत फेमस होती है | और इसलिए ये कंपनिया निवेशको के लिए बहुत ही आकर्षक हो जाती है |

भारत में ब्लू चिप कम्पनी (Indian Blue Chip Companies)

भारत में कई Blue Chip Companies है, जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन अधिक है एवं लगातार अच्छा बिज़नस कर रहे है | आइये कुछ कंपनियों को देखते है|

  • Tata Consultancy Services (TCS)
  • Infosys
  • Indian Tobacco Company (ITC)
  • State Bank of India (SBI)

Annual Report क्या है और एनुअल रिपोर्ट कैसे पढ़ें | Annual Report in Hindi

अक्तूबर 13, 2021
क्या आप जानते है ? Annual Report क्या है और Annual Report कैसे पढ़ते है ? अगर नहीं तो कोई बात नहीं, इस पोस्ट को पढ़ने बाद आपको पता चल जाएगा कि Annul Report में क्या - क्या देखना है , किन - किन चीजों पर हमें ज्यादा फोकस देना होता है और किस सेक्शन में कम समय देना होता है |


Annual Report in Hindi


Annual Report क्या है ( Annual Report in Hindi)

Annual Report कंपनी के द्वारा हर साल Shareholders और इंटरेस्टेड पार्टीज के लिए 
फाइनेंसियल इयर के एंड में पब्लिश किया जाता है | Annual Report में कंपनी साल
 भर यानि कि 1 अप्रैल से 31 मार्च तक के business का लेखा जोखा हिसाब किताब देती है|

किसी कंपनी का सही , trusted और विश्वासनिय फाइनेंसियल डाटा लेने का सबसे अच्छा माध्यम एनुअल रिपोर्ट होता है |

अगर हम एनुअल रिपोर्ट पढना चाहते है तो हम एनुअल रिपोर्ट कंपनी की वेबसाइट या NSE, BSE की वेबसाइट से सॉफ्ट कॉपी के रूप में डाउनलोड करके पढ़ सकते है | यह एकदम फ्री होता है और कोई भी इसे डाउनलोड करके पढ़ सकता है |

Annual Report कैसे पढ़ें (Annual Report Kaise Padhe)

किसी भी एनुअल रिपोर्ट को पढ़ते समय नीचें दिए गये बातों का आवश्यक रूप से ध्यान रखे | एनुअल रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सेक्शन होते है और उन सेक्शन से हमें काम की सारी जानकारी लेनी होती है |

मार्केटिंग कंटेंट

जब भी आप किसी Annual Report को डाउनलोड करते है तो ये आवश्यक देखे कि कंपनी ने ज्यादा कलरफुल Annual Report तो नही बनाया मतलब क्या मार्केटिंग मटेरियल की तरह पेश किया है, मात्र इमेजेज तो नही रखे है |

अगर ऐसा है तो वो कंपनी आपका ध्यान भटकना चाहती है ताकि आपसे वह फैक्ट्स को छुपा सके तो ऐसे कंपनियों से सावधान रहना आपकी जिम्मेदारी है |

फाइनेंसियल हाइलाइट्स

इस सेक्शन में कंपनी पिछले कई वर्षों के डाटा को हाईलाइट करता है...जिसमे ग्राफ, टेबल आदि का use करती है...इस सेक्शन में कंपनी के कई सालो के ऑपरेशन व् business performance को compare करती है |

मैनेजमेंट स्टेटमेंट एंड Management Discussion and analysis

ये एनुअल रिपोर्ट के दो इम्पोर्टेन्ट सेक्शन है...इस सेक्शन से आपको पता लगता है कि कंपनी के मैनेजमेंट का business और इंडस्ट्री के प्रति क्या पर्सपेक्टिव है | यहाँ पर लिखे एक - एक शब्द को ध्यान से पढना इन्वेस्टर्स के लिए बहुत ही आवश्यक है |

मैनेजमेंट स्टेटमेंट से आपको पता चलता है कि जो व्यक्ति टॉप में बैठा है उसका business के प्रति क्या विचार है, क्या मैनेजमेंट ट्रांसपेरेंट है या नही..कुछ गलत या सही आपसे छुपाया तो नही रहा है...कही मैनेजमेंट हवा में तो बात नही कर रहा है...ये सब को आपको ध्यान देना है…

Management डिस्कशन एंड एनालिसिस पुरे Annual Report का सबसे महत्वपूर्ण सेक्शन है...क्योकि यहाँ कंपनी इकॉनमी के मैक्रो ट्रेंड, देश की आर्थिक गतिविधियों, विश्व की आर्थिक गतिविधियों और बिज़नस सेंटिमेंट के बारे में बात करती है |

कंपनी यहाँ पर इंडस्ट्री व् business के फ्यूचर में क्या उम्कमीद करती है उसे भी चर्चा करती है |

शेयर होल्डिंग पैटर्न

कंपनी का कितना शेयर किसके पास है... प्रोमोटर्स ग्रुप ने अपनी shareholoding कम कि है या ज्यादा, घरेलू व विदेशी म्यूच्यूअल फण्ड कंपनी ने कितने परसेंट शेयर होल्डिंग अपने पास रखी है| पब्लिक के पास कितना शेयर है |

इन सबका शेयर होल्डिंग पैटर्न चेक करे…. इसके लिए Ctrl + F बटन दबाये व shareholiding pattern लिखकर सर्च करने से कंपनी का शेयर होल्डिंग पैटर्न दिखाई देता है |

फाइनेंसियल स्टेटमेंट

यह सेक्शन किसी भी कंपनी का महत्वपूर्ण सेक्शन होता है जो कंपनी के फाइनेंसियल व बिज़नस की स्थिति को बताता है | इस सेक्शन में कंपनी के पुरे साल भर किये गये काम का हिसाब किताब रहता है -
  • Balance sheet statement
  • Profit loss statement
  • Cash flow statement
इन सब स्टेटमेंट को बहुत ही सावधानी से पढना होता है | इसके साथ स्टेटमेंट के notes को भी आवश्यक रूप से पढ़े ताकि सभी स्टेटमेंट को अच्छे से डिटेल में समझा जा सके |

IPO Allotment कैसे चेक करें | IPO Allotment Kaise Check Kare

अक्तूबर 12, 2021 Add Comment

IPO में अप्लाई किया है, IPO Allotment भी हो गया है लेकिन यह कैसे पता करें कि आपको अलॉटमेंट मिला है या नहीं | इस पोस्ट में मैं बताने वाला हूँ कि आप किसी भी आईपीओ का अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक कर सकते है |


आपने चाहे किसी भी कंपनी के आईपीओ में अप्लाई किया हो, कोई सा भी रजिस्ट्रार (kfintech, LinkIntime etc.) हो | इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको  IPO Allotment Status चेक करना आ जाएगा |


IPO Allotment  कैसे चेक करें (How to Check IPO Allotment )

अगर आपने किसी कंपनी के आईपीओ में अप्लाई किया है तो उस कंपनी का एक रजिस्ट्रार होता है जो उस कंपनी के आईपीओ से संबंधित डाटा, इन्फोर्मेशन, इन्वेस्टर्स के आईपीओ एप्लीकेशन फॉर्म्स कलेक्ट करता है | invalid एप्लीकेशन को रिजेक्ट करता है, valid एप्लीकेशन का लिस्ट तैयार करता है, फिर आईपीओ अलॉटमेंट का प्रोसेस पूरा करता है और यह भी ध्यान रखता है कि जिनको आईपीओ अलॉटमेंट मिला है उनके डीमैट खाते में शेयर सही से पंहुचा है और जिनको आईपीओ अलॉटमेंट नहीं मिला है उनके खाते में पैसा वापस चला गया है | यह सारे काम रजिस्ट्रार करता है |

ये रजिस्ट्रार अलग - अलग कंपनी के आईपीओ के लिए अलग - अलग हो सकते है | अब अगर आपको आईपीओ अलॉटमेंट स्टेटस चेक करना है तो उन कंपनी के रजिस्ट्रार के वेबसाइट में जाना होगा, कुछ रजिस्ट्रार का वेबसाइट लिंक और चेक करने का पूरा प्रोसेस मैंने नीचें बता दिया है ताकि आपको ज्यादा खोजना न पड़े |

IPO Allotment स्टेटस के लिए क्या चाहिए ( IPO Allotment Status Ke Liye Requirement)

आईपीओ अलॉटमेंट स्टेटस चेक करने के लिए दो चीज बहुत जरुरी होता है - पहला पैन नंबर और दूसरा एप्लीकेशन नंबर | जब भी आप किसी आईपीओ में अप्लाई करते है तो प्रोसेस पूरा होने के बाद उसमें एक Application नंबर मिलता है | यही दोनों चीज आईपीओ अलॉटमेंट स्टेटस चेक करने के लिए चाहिए |

KFintech Private Limited

स्टेप 1 Select IPO में उस आईपीओ का नाम सेलेक्ट करना है जिसमें अप्लाई किया है 
स्टेप 2 Query by के विकल्प में से PAN चुन लेना है, आप DPID या एप्लीकेशन नंबर भी चुन सकते है 
स्टेप 3 PAN वाले बॉक्स में अपना PAN Numberडालना है 
स्टेप 4 Captcha वाले बॉक्स में उसके ऊपर दिया कोड डालना है 
स्टेप 5 Submit बटन पर क्लिक करके स्टेटस चेक कर लेना है 


 

Link Intime India Private Ltd

स्टेप 0 Linkintime का वेबसाइट खोलना है Investor Services में जाकर Public Issues पर क्लिक करना है 
स्टेप 1 Select IPO में उस आईपीओ का नाम सेलेक्ट करना है जिसमें अप्लाई किया है 
स्टेप 2 विकल्प में से PAN चुन लेना है, आप DPID या एप्लीकेशन नंबर भी चुन सकते है 
स्टेप 3 PAN वाले बॉक्स में अपना PAN Numberडालना है 
स्टेप 4 Submit बटन पर क्लिक करके स्टेटस चेक कर लेना है 


BSE India Website

स्टेप 0 BSE India का वेबसाइट खोलना है Investor Services में जाकर Status of Issue Application पर क्लिक करना है 
स्टेप 1 Issue type में equity चुनना है 
स्टेप 2 Select IPO में उस आईपीओ का नाम सेलेक्ट करना है जिसमें अप्लाई किया है 
स्टेप 3 एप्लीकेशन नंबर डालना अनिवार्य है  
स्टेप 4 PAN वाले बॉक्स में अपना PAN Number डालना अनिवार्य है 
स्टेप 5 I'm not a robot पर टिक लगाना है 
स्टेप 6 Search बटन पर क्लिक करके स्टेटस चेक कर लेना है 

BSE india Website



अब मैं उम्मीद करता हूँ कि आप यह जान गए होंगे कि आईपीओ अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक करना है |