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Jul 20, 2019

पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग क्या है | Power Of Compounding in Hindi

पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग ( Power Of Compounding ) जिसे दुनिया का आठवां अजूबा कहा जाता है | आज सब कोई ये नही जानते है कि हम पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग ( Power Of Compounding ) का प्रयोग करके कैसे अपने जीवन में सफलता की ओर आगे बढ़ सकते है?

Power Of Compounding in Hindi


Power Of Compounding

पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग ( Power Of Compounding ) के बारे में दुनिया के महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइन्स्टीन ने कहा: "Compound interest या चक्रवृधी व्याज दुनिया का आठवां अजूबा है, जो इसे समझता है, वो कमाता (Earn) है, और जो इसे नहीं समझता वह भरता (Pay) है"

कोई भी इन्सान चाहे वह कितना ही साधारण क्यों न हो पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग ( Power Of Compounding ) का प्रयोग करके सफल हो सकता है | आप भी इसे अपने जीवन में अप्लाई (प्रयोग ) करके निश्चित ही सफल हो सकते है |

उदहारण से समझे -

राम, श्याम और मोहन तीन दोस्त थे, तीनो ने एक साथ एक ही कम्पनी में काम की शुरुवात की थी | सभी 9 बजे ऑफिस काम पर जाते थे ?

राम को पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग के बारे में जानकारी थी इसलिए वह रोज सुबह जल्दी उठ कर योग व सेल्फ इम्प्रोविंग किताबें पढ़ता था, और ऑफिस में थोड़ी सी ज्यादा काम करता थे इसलिए कभी कभी उसे लेट भी हो जाता था |

श्याम वक्त का पाबंद था, वह रोज सुबह 7 बजे उठता था फिर तैयार होकर ऑफिस निकल जाता था | ऑफिस का काम 5 बजे समाप्त करके वह घर आ जाता था |

जबकि मोहन रोज सुबह 8 बजे उठता था और फिर जल्दी जल्दी तैयार होकर काम पर निकल जाता है लेकिन ऑफिस में भी उसका मन काम पर नही लगता और वह काम समाप्त होने से पहले ही ऑफिस से निकल जाता था |

एक साल बाद जब तीनों के काम को जांचा परखा गया तो निरीक्षक ने पाया की राम ने अपने ऑफिस में सबसे अच्छा काम किया है, उसे प्रमोट करके मैनेजर बना दिया और उसकी तनख्वाह भी बढ़ा दी गयी |

जबकि श्याम वक्त का पाबंद था इसलिए उसका काम भी ठीक था उसकीं तनख्वाह में थोड़ी सी वृद्धि हुई |

लेकिन जब मोहन के कामों की जांच परख की गई तो पाया की उसने सालभर में बहुत काम किया है और ऑफिस में सबसे कम काम करने वाले के लिस्ट में उसका नाम पहले स्थान पर है इसलिए उसे कंपनी से निकाल दिया गया |

इस तरह एक ही कंपनी में एक साथ काम करने वाले तीन दोस्तों को पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग का अलग अलग परिणाम मिला |

जिसने पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग को समझा उसने कमाया , जिसने इसे नही समझा उसने खोया |

आप भी अपने जीवन में पॉवर ऑफ़ कंपाउंडिंग सही तरीके से करे और राम की तरह बने |

क्योंकि "बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है "  चाहे वह सफलता का हो या फिर असफलता का |
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Jul 15, 2019

सबसे अच्छा इन्वेस्टमेंट ऑप्शन | Best Investment Options in Hindi

क्या आप जानते है? Best Investment Options/Plans कौन सा है ? आज इस पोस्ट में आपके सारे सवालो के मिलने वाले है तो इसे लास्ट तक जरुर पढ़े |

अलग- अलग लोग अलग- अलग चीजों में इन्वेस्ट करते है क्योंकि सभी लोगों का पसंद अलग अलग होता है | किसी को खाना अच्छा लगता है , किसी को गाना अच्छा लगता है | इसी प्रकार किसी सोना पसंद है तो किसी म्यूच्यूअल फण्ड या स्टॉक मार्किट इन्वेस्ट न करके रोना पसंद है | सबकी चॉइस अलग है | इश्वर ने सबको बनाया ही ऐसा है |

Best Investment Options in Hindi


मैं बेस्ट इन्वेस्टमेंट के बारे में बताने के बजाय खाना, गाना , सोना और रोना क्यों रो रहा हूँ | 

आपको ये बताना जरुरी था कि सब के पास अच्छे आप्शन होते है, लेकिन लोगों का पसंद ही ऐसा है कि वें रिस्क व ज्ञान लेते ही नही है |

चलो भी अब पकाना बंद करो और बताओ कि रिटर्न किसमें ज्यादा मिलता है | कुछ ऐसा ही तो नही सोच रहे न |
तो चलो फिर best investment plans के बारे में बता ही देता हूँ |

Best Investment Options/Plans in Hindi

इन्वेस्टमेन्ट आप्शन बहुत सारे है लेकिन मैंने जो जिक्र किया है (रिस्क, ज्ञान , व रिटर्न ) के आधार पर लोग अलग अलग आप्शन में इन्वेस्ट करते है |


फिक्स्ड डिपाजिट: सबसे आसन तरीका इन्वेस्ट करने का | बस बैंक में जाकर बोल दो "सर फिक्स्ड डिपाजिट " करना है | उसके बाद आपको 7 - 8 % का रिटर्न तो पक्का मिल जायेगा, लेकिन एक सीक्रेट बात बताता हूँ महंगाई दर 3% - 4% से बढ़ता है | महंगाई दर आपको दिखाई नही देगी लेकिन खा पूरा जाएगी | आपके पैसे की वैल्यू | और फिक्स्ड डिपाजिट के ब्याज दर में महंगाई दर घटा दो फिर जो बचेगा वो तुम्हारा |

रियल एस्टेट: जमींन जायदाद बोलते है शायद इसे | 8% - 9% तो रिटर्न दे देती है यह भी | लेकिन सोच समझ के खरीदना कमर्शियल एरिया व रेजिडेंशियल एरिया के हिसाब से मिलता है रिटर्न |

गोल्ड : आपको सोना है या आपको सोना चाहिए | लिखलो किसी कागज में वरना खो जाओगे सपने में | सोना 11% - 12% का रिटर्न देती है और सोना आभूषण तो है ही |

म्यूच्यूअल फंड:  फेसबुक में म्यूच्यूअल फ्रेंड और लाइफ में म्यूच्यूअल  फण्ड बहुत ही जरुरी  है | रिस्क जो कम हो जाता है | टेंशन ख़तम हो जाता है | कम रिटर्न व कम दोस्त होने का | म्यूच्यूअल फंड  15% - 16% का रिटर्न दे देता है | जो कि कम नही है | इससे आप स्टॉक मार्किट में भी पैसा लगा सकते हो | बिना किसी पढ़ाई व रिसेअर्च के | लेकिन थोड़े से रिस्की होते है ये म्यूच्यूअल फंड, पर आप फण्ड मैनेजर को बता कर रिस्क कम कर सकते  है | बहुत आप्शन है इसमें |

स्टॉक मार्केट: मैं न इसके बारे में बताने वाला ही नही था | क्योंकि बहुत से लोग सुनके ही डर जाते है | इसलिए मैंने इसको लास्ट में रखा है| इसमें रिटर्न ज्यादा मिलता है | 20% मिलता है | कई लोग तो रगड़ के बिज़नस का रिसर्च करने के बाद 35% तक ले आते है | रिटर्न | हैं न बहुत रिस्की | रिटर्न लाना | लेकिन 20% रिटर्न लाना भी बहुत संतोषजनक है | लम्बे समय में शेयर बाजार 100X (आपका पैसा 100 गुना  ) का रिटर्न भी दे सकती है

अब मेरा काम पूरा हो गया है, अब आपकी बारी है | ज्ञान बढ़ा के रिस्क कम | रिटर्न ज्यादा करने की| रुको एक बार और ज्ञान बढ़ा के रिस्क कम | रिटर्न ज्यादा करने की |
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Jul 10, 2019

शेयर बाजार और म्युचुअल फंड | Stock Market Vs Mutual Funds in Hindi

शेयर बाजार और म्युचुअल फंड में बेहतर कौन है ? क्या Stock Market में इनवेस्ट करने से Mutual Funds से ज्यादा रिटर्न मिलता है ? अगर आपके मन में भी यह सवाल आता है तो आज मैं आपको इन सारे सवालों के जवाब दे रहा हूँ |

Stock Market Vs Mutual Funds in Hindi


चाहे आप stocks में इन्वेस्ट करना चाहते हो या mutual funds में, इसके लिए आपको तीन फैक्टर्स को समझना होगा |

पहला, आप कितना रिटर्न चाहते है ? क्या आप हाई रिटर्न के लिए हाई रिस्क लेने के लिए तैयार है?

दूसरा, आप फाइनेंसियल रिसर्च और स्टडी करना कितना पसंद करते है और इसके लिए आप कितना समय दे सकते हैं ?

तीसरा, आप कितना फीस, टैक्स आदि देने को तैयार है ?

Stock Market Vs Mutual Funds

जब आप share खरीदते है, इसका मतलब आप एक कंपनी का कुछ पार्ट खरीदते है, जिससे आपको दो तरह से लाभ होता है | पहला, जब कम्पनी प्रॉफिट करती है तो वह आपको प्रॉफिट का कुछ भाग shareholders में बाँट देती है | दूसरा, जब आप किसी कम्पनी को कम दाम में खरीदते है और जब कम्पनी के शेयर का दाम बढ़ता हैं और जब आप उसे बेच देते है तो उससे भी आपको लाभ होता है |


mutual funds डाइवर्सिफाइड होता है, डाइवर्सिफाइड का मतलब है, जब आप अपना पैसा लगाते है तो यह स्टॉक्स, बांड, फिक्स्ड डिपाजिट, गोल्ड आदि में लगता है, इन सबमें एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के फंड मैनेजर रिसर्च करके आपके दिए गये पैसे को लगाता है, लेकिन रिसर्च करने में फंड मैनेजर को भी समय व एनर्जी दोनों लगता हैं | 

जब आप mutual funds में इन्वेस्ट करते है तो आपको mutual fund unit मिलता है जिसके दाम (NAV) नेट एसेट वैल्यू घटते बढ़ते है |

जब आप शेयर खरीदते है तो यह स्टॉक मार्केट में डायरेक्ट इन्वेस्टमेन्ट होता है इसलिए इससें ज्यादा रिटर्न मिलने के सम्भावना होती है, शेयर से आप 18% से 25% मिनिमम रिटर्न की उम्मीद कर सकते है, लेकिन इसके लिए आपको खुद से रिसर्च व स्टडी करनी पड़ती है, और आपका काफ़ी एनर्जी व समय लगता है |

स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने का इनडायरेक्ट तरीका mutual funds है अर्थात कि अगर आप स्टॉक में इन्वेस्ट करना चाहते है, लेकिन अपना टाइम व एफर्ट नही लगाना चाहते है, तो mutual funds आपको एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है, और इससे आप 15% से 18% का रिटर्न कमा सकतें है |

जब आप स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करना चाहते हो, तो आपको डीमैट अकाउंट ओपन पड़ता है, इस अकाउंट को ओपन करने व मेन्टेनेन्स के लिए आपको ओपनिंग चार्ज और एनुअल मेन्टेनेन्स चार्ज भी देना होता है |

जबकि mutual funds में invest करने के लिए डीमैट अकाउंट open करना जरुरी नही है, आप बैंक में या म्यूच्यूअल फंड डिस्ट्रिब्युटर के पास जाकर mutual funds की KYC करा सकते है |

स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने से पहले आपको कंपनियों के बिज़नेस मॉडल, प्रॉफिट, भविष्य में कंपनी के कारोबार आदि का एनालिसिस या विशलेषण करना होता है ताकि आपको लाभ हो, नुकसान न हो |

जिस प्रकार स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने के लिए हमें एक अच्छे शेयर को खरीदना होता है उसी प्रकार mutual funds में इन्वेस्ट करने के लिए आपको बेस्ट mutual funds, सक्षम फण्ड मैनेजर, एसेट मैनेजमेंट कंपनी का ट्रैक रिकार्ड आदि देखना होता है ?
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Jun 24, 2019

कंपाउंड इन्टरेस्ट क्या है | Compound Interest in Hindi

चक्रवृधि ब्याज (Compound Interest) एक अजूबा है , ये मैंने नही कह रहा दुनिया के महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइन्स्टीन ने कहा है |  आइये देखे कंपाउंड इन्टरेस्ट फार्मूला (Compound Interest formula) का प्रयोग कंपाउंड इन्टरेस्ट कैलकुलेट करने के लिए कैसे करते है |

Compound Interest Formula

What is Interest (ब्याज क्या है)

Interest: जो हमें पैसे जमा करने पर बैंक या साहूकार हमारे पैसे के उपर में देता है उसे ब्याज कहते है |

ब्याज दो प्रकार के होते है

Simple Interest ( साधारण ब्याज) : जब कोई व्यक्ति लोन लेता या देता है तो उस लोन पर एक निश्चित समय(Time) में मिलने वाला ब्याज (Interest ) और पैसा (Amount ) फिक्स्ड रहता है तो उसे साधारण ब्याज कहा जाता है |

आप इस फार्मूला का प्रयोग करके साधारण ब्याज कैलकुलेट कर सकते है |

साधारण ब्याज = (मूलधन x समय x दर) / 100

जैसेः 

Ram ने 5% की दर से 5000 रूपयें का लोन दिया |

5000 रूपयें मूलधन है जिसमे 5% की दर से ब्याज को जोड़ा जायेगा |

पहला साधारण ब्याज:  250 रूपयें
दूसरा साधारण ब्याज:  250 रूपयें
तीसरा साधारण ब्याज:  250 रूपयें

कुल(Total) : 5750 रूपये (तीन महीने बाद)

Compound Interest(चक्रवृधि ब्याज ) : चक्रवृधि ब्याज,  साधारण ब्याज से पूरी तरह अलग है,
Compound Interest(चक्रवृधि ब्याज ) में जब कोई व्यक्ति लोन लेता या देता है तो मूलधन(principal Amount)  समय के साथ बदलते रहता है क्योंकि इसमें पुराने मूलधन में उसके ब्याज को जोड़ दिया जाता है |
और ये लगातार चलते रहता है जबतक लोन चुकाया न जाये |

एक बात ध्यान रखे आपको सेविंग बैंक, फिक्स्ड डिपाजिट, आदि में साधारण ब्याज मिलता है, आपको कंपाउंड इन्टरेस्ट नही मिलता है और इसलिए आपका पैसा तेजी से नही बढ़ता है |

Compound Interest Formula

आप इस फार्मूला का प्रयोग कर सकते हैं -

कुल रकम = मूलधन (1+दर) x समय

मूलधन = (दिया या लिया गया लोन )
ब्याज दर = ( निर्धारित ब्याज का दर उदाहरण 5%)

समय = समय अवधि 

जैसेः 

श्याम ने 5% की दर से 5000 रूपयें का लोन कंपाउंड इंटरेस्ट पर दिया |

5000 रूपयें यहाँ पर मूलधन है जिसमे 5% की दर से ब्याज को जोड़ा जायेगा |

पहला चक्रवृधि ब्याज:  250 रूपयें
दूसरा चक्रवृधि ब्याज:  262.5 रूपयें (5000 + 250 = 5250 का ब्याज )
तीसरा चक्रवृधि ब्याज:  275.63 रूपयें (5250 + 262.5 = 5512.5 का ब्याज )

कुल(Total) : 5788.13 रूपये (तीन महीने बाद)

आपने देखा की कैसे चक्रवृधि ब्याज , साधारण ब्याज से अलग है, और किस तरह से आपको ज्यादा ब्याज मिला है | mutual funds और शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने से आपको कंपाउंड इन्टरेस्ट मिलता है,  इसलिए आप शेयर बाजार और mutual funds के बारे में सीखना शुरु करे ताकि आप भी अपनी पैसा तेज़ी से बढ़ा सकें | 
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Jan 26, 2019

6 Successful Tips To Help You Get Better Multibagger Stocks

Are you searching for Multibagger Stocks?

 Here I Will tell you the 6 secrets that you can use to identify multi-bagger stocks.

An investor is always searching for multi-bagger stock for the investment and most of the time they don't find it, I will tell you the secrets but first, let's understand Multibagger.

Multibagger Stocks image

Multibagger Meaning

Stocks that multiple times multiply are called Multibagger means these types of stocks return multiple times to their cost. that's why all Investor search for multi-bagger stocks so they can get a higher return.

for example, you purchased a stock at the cost 10$ and hold it for three months, after three months the stock price moved up to 20$, so it called double baggers stock. Similarly, the price went up to 100$ in just 24 months or 2 years then it called 10 - baggers.

According to the Economics Times
Stocks that give returns that are several times their costs are called multibaggers. These are essentially stocks that are undervalued and have strong fundamentals, thus presenting themselves as great investment options. Multibagger stock companies are strong on corporate governance and have businesses that are scalable within a short span of time. 

6 Tips To Get Better Multibagger Stocks

Now I am going to reveal that 6 secrets to help you get better Mutlibagger stocks.

Future business potential

the first thing you want to buy stocks for the future, so make sure the companies future business potential will grow.

understand the reality, you will make money when the company will make money.

Calculate the Future Cashflow of the company because money is seen by the mind.

Buy Undervalued Stocks

Undervalued stocks mean stock which has a good fundamental and value but due to some reason, that stock is trading at low.

So always try to buy Undervalued Stocks, it can give you multiple returns. 

EBITDA

EBITDA stands for Earnings Before Interest Tax Depreciation Amortization. it indicates management performance,  if management is not doing well then that company will not be Multibagger.

so make sure EBITDA percentage is growing quarter on quarter.
"When we own portions of outstanding businesses with outstanding managements, our favorite holding period is forever." - Warren Buffett

Sales & Products

The best way to check the multi-bagger stock is by checking its Sales & Products.
if Sales of the company is growing, it means the company's product quality is very good.
that's why Sales is increasing.

Company's Debt

Company's Debt should be limited means 1:1 Debt to Equity Ratio is Considered well, but the debt level should not be higher than the debt ratio.

Source: economic times

ROE

ROE stands for Return on Equity, it means how much return equity capital or shareholders' fund is generating.

the company which has 25% ROE is considered good stocks.

These all the factor will help you to identify Multibagger stocks.
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Jan 19, 2019

स्टॉक स्पिलिट क्या होता है | Stock Split in Hindi

क्या आपका Stock कभी स्प्लिट हुआ है? Stock Split कब, और क्यों होता है?

Stock Split क्या है?

Split या स्प्लिट का अर्थ = विभाजन (Partition), या टुकड़े करना |

स्टॉक का अर्थ = शेयर या कम्पनी का हिस्सा 

इस प्रकार स्टॉक स्प्लिट का अर्थ शेयर के टुकड़े करना है लेकिन ये स्टॉक स्प्लिट कब ,क्यों और कैसे किया जाता है इसके पीछे किसी कम्पनी का क्या उद्देश्य होता है ?

हर शेयर मे स्पिलिट हो, ऐसा जरुरी नही है लेकिन स्टॉक मार्केट में किसी न किसी कम्पनी का स्टॉक स्पिलिट होता रहता है |

Stock Split कब, क्यों होता है?

स्टॉक स्पिलिट एक कॉर्पोरेट एक्शन होता है और इसका महत्वपूर्ण प्रभाव स्टॉक मार्केट व निवेशक पर पड़ता है |

लेकिन स्टॉक स्पिलिट का सबसे ज्यादा फायदा कम्पनी को होता है | कोई भी कंपनी अपने स्टॉक या शेयर को स्पिलिट इसलिए करती है ताकि कम्पनी शेयर के मूल्य व फेस वैल्यू को कम कर सके |

जिससे नये निवेशक कंपनी के शेयर को आसानी से कम दाम में खरीद सके और कम्पनी को लाभ हो |

Stock Split कैसे होता है?

जब भी कोई कम्पनी स्टॉक स्पिलिट करती है तो उस कम्पनी के शेयरों की संख्या बढ़ जाती है लेकिन ध्यान रखने वाली बात ये है कि उस कम्पनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization ) नही बढ़ता है और न  ही शेयर धारकों की इन्वेस्मेंट वैल्यू बढती है

शेयर धारकों के शेयर कि संख्या बढ़ जाती है,  यह एक प्रकार से बोनस शेयर जारी करने की तरह होता है |

स्टॉक स्पिलिट, फेस वैल्यू को ध्यान में रख कर व निश्चित अनुपात में किया जाता है-

जैसे 1:2 या 1:5

आपके पास Xyz कम्पनी का एक शेयर है जिसका फेस वैल्यू 10 है और स्टॉक स्पिलिट 1:2 अनुपात में होता है 
जिससे उसका फेस वैल्यू बदलकर 5 हो जाता है

आपके पास जो पहले एक शेयर था तो इस प्रकार एक शेयर बढकर दो शेयर हो जायेगा |
स्पिलिट रेश्यो पुराना फेस वैल्यू आपके शेयर स्पिलिट से पहले शेयर के दाम स्प्लिट से पहले निवेशित पूंजी स्पिलिट से पहले नया फेस वैल्यूआपके शेयर स्पिलिट से बादशेयर के दाम स्प्लिट से बाद निवेशित पूंजी स्पिलिट से बाद
1:21010090090,000520045090,000
1:51010090090,000250018090,000
स्टॉक स्प्लिट होने के बाद फेस वैल्यू व शेयर की संख्या बदल गयी है लेकिन शेयर होल्डर्स के द्वारा इन्वेस्ट किया गया पूंजी या राशि में कोई वृद्धि नही हुई है|

ये भी पढ़े:

Face Value क्या है | Face value in Hindi
Bonus Share क्या है | Bonus Share in Hindi

उम्मीद करता हूँ आपको स्टॉक स्प्लिट (Stock Split )  क्या होता है समझ में आया होगा |
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Jan 6, 2019

बुक वैल्यू क्या है | Book Value in Hindi

BookValue per share की मदद से किसी भी कंपनी के कुल कीमत का कैसे पता लगाया जाता है ? किसी कंपनी का बुक वैल्यू ज्यादा या कम हो तो इसका कंपनी के सेहत से क्या लेना देना है ?
Book Value in hindi

BookValue क्या है?

बुक वैल्यू को जानने से पहले आप से एक सवाल हैं -

जब किसी कंपनी को एक निश्चित समय पर बेचा जायेगा तो आप उस कंपनी के कुल कीमत का पता कैसे लगायेंगे ?

इसका जवाब है बुक वैल्यू (Book Value per Share) , आपने एकदम सही पढ़ा |

Book Value (बुक वैल्यू) किसी भी कंपनी या वस्तु की वह कीमत होती है, जो एक निश्चित समय पर उसे बेचने पर प्राप्त होती है | 

आइये इसे एक उदहारण की मदद से समझने की कोशिश करते है -

मान लीजिये एक कंपनी ABC है जो बंद होने के कगार पर है अब ऐसे समय में जब कंपनी के एसेट्स (Assets) जैसे जमीन , प्लांट , मशीन आदि को बेचा गया(100 करोड़ ) जिसे रिज़र्व में जोड़ा तो 3500 करोड़ का हुआ |

कंपनी का शेयर कैपिटल 25 करोड़ है मतलब शेयर कैपिटल और रिज़र्व 3525 करोड़ के है |

कम्पनी ने अपने उपर की सारे कर्ज (debts) को चुकाया जो लगभग 1025 करोड़ था |

तो कम्पनी ABC का कुल कीमत 3525 - 1025 = 2500 करोड़ हुआ, लेकिन इस 2500 करोड़ को कंपनी के टोटल शेयर होल्डर के बीच में बांटने पर जो वैल्यू आएगी वही इस कंपनी का बुक वैल्यू होगा |

Book Value Formula

बुक वैल्यू कैलकुलेशन करना बहुत ही आसन है -

Share Capital + Reserves / Total Number of shares = Book Value
शेयर कैपिटल + रिज़र्व / कंपनी के कुल शेयर = बुक वैल्यू

शेयर कैपिटल + रिज़र्व = 2500 करोड़
कुल शेयर की संख्या = 25 करोड़ 

2500 करोड़ / 25 करोड़ = 100 रुपये (बुक वैल्यू )

तो अब आप भी आसानी से इस फार्मूला की मदद से किसी कम्पनी की बुक वैल्यू कैलकुलेट कर के देख सकते हो |

ये भी पढ़े:

फेस वैल्यू क्या है 
नेट वर्थ क्या है
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Dec 26, 2018

How To Select Best Shares to Buy in Stock Market

People don't know Best shares to Buy, instead of buying a good stock they get into a bad one.

most people read the books that give us the idea to find the factor in a company.

Best Shares to Buy


people want to create wealth but don't want to learn about companies.

here are 10 factors by Philip A. Fisher's Books  "Common Stocks and Uncommon Profits" that you should check in any company that you want to Buy.

What To Buy ( Best Shares to Buy )

Point 1. Does the company have products or services with sufficient market potential to make possible a sizable increase in sales for at least several years?

Point 2. Does the management have a determination to continue to develop products or processes that will still further increase total sales potentials when the growth potentials of currently attractive product lines have largely been exploited?

Point 3. How effective are the company’s research and development efforts in relation to its size?
Point 4. Does the company have an above-average sales organization?

Point 5. Does the company have a worthwhile profit margin?

Point 6. What is the company doing to maintain or improve profit margins?
Point 7. Does the company have outstanding labor and personnel relations?
  
Point 8. Does the company have outstanding executive relations?
Point 9. Does the company have the depth to its management?
Point 10. How good are the company’s cost analysis and accounting controls?

all these points will help you to buy whether you are selecting best share to buy or not.

start reading books to gain more knowledge 

because "A journey of a thousand miles begins with a baby step".

common stocks uncommon profits



Start learning about the Stock market to create wealth.

Learn more, Earn More :)
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Nov 21, 2018

What is SIP Mutual Fund or SIP Investment ?

SIP Mutual Fund,SIP Investment

SIP Mutual Fund

SIP Mutual fund or SIP Investment Plan is the best way to invest your money in the mutual funds.

Mutual funds are a way to grow your funds in the long-time but it requires action to take.

you need to save money regularly (weekly, monthly).

you need to invest to grow your money.

the best way is SIP Mutual fund or Systematic Investment Plan.

Why SIP Mutual Fund?

SIP Mutual fund has many advantages such as-

  • you can make a better plan with it.
  • you can manage your budget & expenses with SIP Mutual Fund.
  • you can invest a small amount(500 rs.) regularly and get higher returns.
  • you will get the advantage of Power of compounding.
  • you can invest every month via bank account.
  • the market will go up and down but you no need to worry about it.
  • it makes you disciplined to manage your finance.

How To Start SIP Mutual Fund

you need to do KYC to start SIP Investment.

you need to contact your bank or fund house to start investing through SIP.

before starting SIP set your investment goals or purpose, according to your goals need to choose one.

SIP Calculator will make you easy to set your goals.

SIP Mutual fund will give you higher returns only in the long duration. it also reduces risk and taxes.
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What is Reverse Repo Rate?

What is Reverse Repo Rate

What is the Reverse Repo Rate?

Reverse Repo rate is the rate at which the commercial banks of a country Deposits their money to the central bank(Reserve Bank of India) in India(or your country.

Reverse Repo rate is used to control the money supply in the country.

while Repo rate is used to control the inflation.

in general, when we deposit our money to the banks then the bank will give us interest on our money.

in a similar way when a bank deposits money to the RBI, then RBI will give interest on their money is called Reverse Repo.
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Mutual Funds: What is Mutual Fund & Types of Mutual Funds In India?

What are Mutual Funds

What are Mutual Funds?

Mutual Funds are very popular or the best investment idea for those who don't want to learn about Investing in the Stock market.

the option is to invest your money is in "Mutual Funds".

Mutual funds are managed by the professionals' fund manager.

mutual funds are managed collectively to gain the highest possible returns.

Why Mutual funds?

if you want financial freedom

if you want to earn higher returns than bank deposits

if you want to be wealthy

if you want to earn huge money

if you want to be prosperous

if you don't want to learn about the stock market

Professional fund manager manages funds.

Flexibility to invest and withdraw.

Types of mutual funds

mutual funds are categorized into three types based on the risk-taking capability of investors.

  • Debt funds
  • Equity funds
  • Balanced funds
for possible higher returns in mutual funds, you should be a long-term investor.

Debt Funds:


Debt fund is less risky than equity funds. the fund manager invests the money in bonds or government securities.

it is suitable for people who don't want to take the risk.

Equity Funds:

Fund manager invest collected funds of investors into the companies share so when the share price goes up investors make a profit 

or if the price goes down investor losses money.

Balanced Funds:


A balanced fund is the combination of the Debt fund and Equity fund.

to maintain the risk and profitability a fund manager invests fund on both Equity and Debt fund.
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Demat Account Meaning - How to Open Demat Account in India

What is Demat Account?

Demat Account Meaning

A Demat or "Dematerialized" account holds shares in an electronic form.

or we can say that when you buy shares of a company from the stock market you can put them on a Demat account until you don't want to sell them.

in general, Demat Account is similar to your bank account but the difference is you hold shares on it.

when you will open your Demat account with a stockbroker, stockbroker will associate your Demat account with Depository Participant(DPs).

National Securities Depository Ltd.(NSDL)
Central Depository Services Ltd.(CDSL)

How to Open Demat Account?

  • Approach a Trusted Broker registered with NSE or BSE.
  • open zero brokerage or minimum brokerage Demat account.
  • don't forget to attach address proof or PAN card
  • open full KYC account
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Nov 19, 2018

Stock Market Meaning- What is Stock Market?

What is Stock Market


What is Stock Market?

Stock Market is a place where you can buy or sell the share of a company.

Generally, we buy or sell a share of a company from the Stock Exchanges.

in India, there are only two big Stock Exchanges.


  • Bombay Stock Exchange (BSE)
  • National Stock Exchange (NSE)

BSE is located at Dalal Street, Mumbai.
BSE is Asia’s first stock exchange Established in 1875.

NSE is located in Mumbai and it is the leading stock exchange of India.

BSE and NSE are two big stock Exchanges in India where you can buy or sell the share.

5000 companies are listed on the BSE while 1600 companies are listed on the NSE and the number is increasing year by year.

How To buy or sell Stock

if you want to buy or sell share or stock, you need three things.

Bank Account: one saving or current Bank Account is required to receive/send the money to your trading account.

Demat Account: A Demat Account is required to hold the shares of the company in dematerialized form.

Trading Account: it is required to buy or sell the share and it should be linked with your bank account.

Things to Remember for Demat account

  • Approach a Trusted Broker (NSE or BSE).
  • open with zero brokerage or minimum brokerage.
  • don't forget to attach address proof or PAN card
  • open full KYC account

Note:

  • buying a stock or share is subjected to market risk that's why you need to learn to invest in the stock market.
  • do well Research, don't depends on other opinion make your own decision to buy a good company.
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