शेयर क्या होता है | शेयर के सारे राज व लाभ | Share in Hindi

Share in Hindi: क्या आप जानते है ? शेयर क्या है ?( What is Share ?) और शेयर क्या काम आता है ? कोई कम्पनी Share Market में  शेयर क्यों बेचती है ?

share in hindi

Share क्या है ?

सरल भाषा में बिज़नस -जब भी कोई कंपनी कुछ समान या सर्विसेस बनाती है और उसे बेचती है तो उसे बिज़नस कहते है |

Share व बिज़नस का क्या कनेक्शन है ?

शेयर बिज़नस का एक हिस्सा होता है अर्थात किसी बिज़नेस का छोटा सा टुकड़ा है, लेकिन कोई कम्पनी शेयर को शेयर मार्केट में क्यों बेचती है, क्या ऐसा एक कम्पनी अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए करती है ?

जब किसी कम्पनी को अपने नये ब्रांच व व्यापार को बढ़ाने के लिए बहुत ज्यादा पैसे की जरुरत होती है तो ऐसे में कम्पनी आम जनता से पैसे लेकर अपना व्यापार करती है |

जिसके लिए Share market एक बाज़ार का काम करता है| जहाँ पर उन कंपनियों के शेयर उपलब्ध रहते है जो कम्पनी अपना शेयर लिस्ट कराती है ताकि आम पब्लिक कम्पनी के शेयर को खरीद सके|

जैसेः आइचर्स मोटर्स, पेज इंडस्ट्री आदि|

Share क्यों खरीदा जाता है

कोई व्यक्ति किसी कम्पनी का Share इसलिए खरीदता है ताकि उसे मुनाफा हो मतलब कि जब आप एक कम्पनी के Share खरीदते है तो आप उस कम्पनी के हिस्सेदार हो जाते है और जब कम्पनी ग्रोथ ( व्यापार बढ़ना ) करती है तो उसका लाभ शेयर धारक के बीच में बांटा जाता है |

जब भी आप Share खरीदते है तो आपको कम्पनी में हिस्सेदारी का डॉक्यूमेंट दिया जाता है जो आज कल डिजिटल रूप में आता है | जिस आपके डीमैट अकाउंट में रखा जाता है|

अगर आपने ने किसी कम्पनी का शेयर 500 रूपये के भाव में ख़रीदा है तो इसका मतलब है कि आपने उस कम्पनी का थोड़ा सा हिस्सा ख़रीदा है और जब कंपनी ग्रोथ करती है तो उसके साथ Share का भाव भी बढ़ता है (जैसेः 600, 750 , 900, 1000 आदि )

ऐसे में आपने कम्पनी के 50 शेयर 500 रूपये के दाम पर 25000 रूपये में खरीदा था जिसका भाव बढ़कर 900 हो गया है मतलब आपको प्रति शेयर 400 रूपये का मुनाफा होगा |

50 शेयर X 900 रूपये = 45000 रूपये 
45000 - 25000 = 20000 रूपये (लाभ हुआ ) 

यहाँ आप देख सकते है कि किस प्रकार 25000 रूपये का शेयर 45000 रूपये का हो जाता है जिसमे आपको 20000 रूपये का शुद्ध लाभ होता है |

इसे आप उन लोगों को भेजें जिन्हें आप share के बारे में सिखाना चाहते है :)

डिविडेंड क्या है | डिविडेंड कब मिलता है | Dividend in Hindi

क्या आपको कभी Dividend मिला है ? कोई कंपनी डिविडेंड कब देती है?  इन्तरिम और फाइनल डिविडेंड क्या होता है ?

Dividend क्या है ?

Dividend in hindi

डिविडेंड या लाभांश का मतलब है – कंपनी में लाभ का अंश !

कोई भी कंपनी डिविडेंड या लाभांश कंपनी के द्वारा प्रोफिट्स किये जाने पर कंपनी के शेयर होल्डर्स को देती है |

कोई भी कंपनी प्रति वर्ष Dividend देगी या नही इसे कोई नही जानता है, क्योंकि यह निश्चित नही है कि कंपनी हर साल ग्रोथ करती रहेगी, लेकिन कई ऐसी भी कंपनिया होती है जो लगातार हर वर्ष डिविडेंड देती है इसलिए ऐसी कंपनिया इन्वेस्टर्स को ज्यादा लुभाती है |

Dividend प्रति शेयर के हिसाब से किसी कम्पनी के शेयर होल्डर्स को दिया जाता है |

उदहारण - मान लीजिये अगर आपके पास ABC कम्पनी के 500 शेयर है और कम्पनी ने 1 रुपयें प्रति शेयर डिविडेंड देने की है तो आपको 500 x 1 = 500 रूपये डिविडेंड के रूप में मिलेंगे |

Dividend की घोषणा (Dividend Announcement)

कंपनी के द्वारा डिविडेंड की घोषणा कम्पनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के द्वारा Annual General Meetings (AGM) में किया जाता है मतलब डिविडेंड देना है या नही पूरी तरह से कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स पर निर्भर करता है |

क्योंकि कई बार कम्पनी अपने मुनाफे को डिविडेंड न दे करके कम्पनी के नये ब्रांच खोलने या अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए खर्च करती है |

Dividend के प्रकार (Types of Dividend)

कोई भी कंपनी डिविडेंड फाइनेंसियल इयर के अंदर किसी भी समय दे सकती है इसलिए इसके दो प्रकार है -

Intrim Dividend : जब कोई कम्पनी फाइनेंसियल इयर के भीतर डिविडेंड देने की घोषणा करती है तो उसे Intrim Dividend कहते है |

Final Dividend : जब कम्पनी फाइनेंसियल इयर के अंत में डिविडेंड देने की घोषणा करती है तो उसे Final Dividend कहते है |

इसके साथ ही कई मौकों पर कम्पनी Special Dividend (स्पेशल डिविडेंड ) भी दे सकती है |

Dividend Calculations

डिविडेंड को फेस वैल्यू के परसेंटेज के रूप में भी व्यक्त किया जाता है - मान लीजिये कम्पनी ABC ने 5 रुपयें डिविडेंड की घोषणा की है और कंपनी का फेस वैल्यू 1 रूपये है तो paid किया गया डिविडेंड है -

5/1 = 500%

इस तरह कंपनी ने फेस वैल्यू का 500% डिविडेंड दिया है |

Dividend Dates

डिविडेंड की घोषणा कम्पनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स Annual General Meetings (AGM) में करती है लेकिन घोषणा के तुरंत बाद ही डिविडेंड नही दिया जाता है क्योकिं शेयर्स सालभर ट्रेड होते है इसलिए किसे डिविडेंड दिया जाये, यह पता करना कठिन होता है |

आप इसे डिविडेंड साइकिल (चक्र ) से समझ सकते है -

Dividend Declaration Date: इस दिन कंपनी अपने शेयर होल्डर को डिविडेंड देने की घोषणा करती है |

Record Date: इस दिन कंपनी अपने शेयर होल्डर्स रजिस्टर की समीक्षा करती है कि किन किन लोगो के पास शेयर्स है, जो डिविडेंड पाने के हक़दार है | आमतौर पर डिविडेंड डिक्लेरेशन्स डेट व रिकॉर्ड डेट के बीच का समय 30 दिन होता है |

Ex Date/Ex Dividend date: यह Last date होता है, अगर इस Date के बाद  किसी ने स्टॉक या शेयर ख़रीदा है, तो उसे डिविडेंड नहीं मिलेगा

Dividend Payout Date: इसी दिन कंपनी अपने हक़दार शेयर होल्डर्स को डिविडेंड देती है |

आप इसे सात लोंगो को भेजें ताकि उनको dividend के बारे में ज्यादा जानकारी मिल सकें :)

क्लोज़ एंडेड म्युचुअल फंड्स की जानने योग्य बातें क्या है | Close-Ended Mutual Funds in Hindi

आज हम चर्चा करेंगे क्लोज़ एंडेड म्युचुअल फंड्स क्या है व Close-Ended Mutual Funds के क्या लाभ है ?

Close-Ended Mutual Funds in hindi


Close-Ended Mutual Funds क्या है ?

हमने म्युचुअल फंड्स के प्रकार के बारे बताया है जिसमे हमने स्ट्रक्चर पर आधरित म्यूच्यूअल फंड्स के बारे में बताया है जो दो प्रकार के है -
अभी हम Close-Ended Mutual Funds के बारे में बात कर रहें है जिसके नाम से स्पस्ट होता है कि इस प्रकार के म्यूच्यूअल फंड्स में खरीदने व बेचने का एक निश्चित समय फिक्स(Fixed) होता है इन्वेस्टर जब चाहे तब Close-Ended Mutual Fund खरीद व बेच सकता नही है |

आसान भाषा में : वह म्यूच्यूअल फंड्स जिसका ऑफर खरीदने या बेचने के लिए  केवल एक निश्चित समय तक खुला रहता है  उसे ही Close-Ended Mutual Fund कहते है |

Close-Ended Mutual Funds काम कैसे करता है

 म्यूच्यूअल फंड्स UNIT System के आधार पर काम करता है एक क्लोज एंडेड म्युचुअल फंड्स में नये Mutual Fund Unit जारी नही कियें जाते है |

आइये समझते है कि क्लोज एंडेड म्यूच्यूअल फंड्स कैसे काम करता है |

क्लोज एंडेड म्यूच्यूअल फंड्स में कोई म्युचुअल फंड्स हाउस, Mutual funds Unit को पहले ही फिक्स करके रखती है और उन यूनिट्स को केवल New Fund Offer (NFO) के द्वारा ही निवेशको को उपलब्ध कराती है तथा जब सारे यूनिट्स निवेशकों द्वारा खरीद लिए जाते है तो फंड मैनेजर उस ऑफर या स्कीम  को डायरेक्ट निवेश के लिए बंद कर देते है |

Close-Ended Mutual Funds के लाभ

ट्रेडिंग संभव : इन फंड्स की Units फिक्स्ड होने के कारण स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड हो सकती है |

मार्केट प्राइस में सेलिंग : स्टॉक मार्केट में ट्रेड होने से आप इस स्टॉक मार्केट प्राइस में बेच सकते है |

Close-Ended Mutual Funds में ध्यान रखने वाली बातें

रिडीम प्रक्रिया (Redeem Process ) :  निवेश करने से पहले इसे रेडीम कैसे किया जाता है इसे जान ले |

लॉक इन पीरियड (Lock in Period): इसमें जब तक फंड्स का  Maturity टाइम नही हो जाता है आप रेडीम नही कर सकते है इसलिए निवेश करने से पहले नियम व शर्तों को जान लेना आवश्यक है |

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है | What is Mutual Funds in Hindi

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इक्विटी फण्ड क्या है | इक्विटी फण्ड के प्रकार | Equity Mutual Funds in Hindi
डेट फण्ड क्या है | डेट फण्ड के प्रकार | Debt Mutual Funds in Hindi
हाइब्रिड फण्ड क्या है | हाइब्रिड फण्ड के प्रकार | Hybrid Mutual Funds in Hindi

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इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम क्या है | Equity Linked Savings Scheme (ELSS) in Hindi

SIP या Lumpsum बेहतर रिटर्न किसमे मिलता है?

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ओपन एंडेड म्युचुअल फंड्स की खास बातें क्या है | Open-Ended Mutual Fund in Hindi

ओपन एंडेड म्युचुअल फंड्स (Open-Ended Mutual Fund) क्या है? Open-Ended Mutual Fund के क्या लाभ है ?
Open-Ended Mutual Fund hindi

Open-Ended Fund क्या है ?

हमने म्युचुअल फंड्स के प्रकार के बारे बताया है जिसमे हमने स्ट्रक्चर पर आधरित म्यूच्यूअल फंड्स के बारे में बताया है जो दो प्रकार के है -
अभी हम Open-Ended Fund के बारे में बात कर रहें है जिसके नाम से स्पस्ट होता है कि इस प्रकार के म्यूच्यूअल फंड्स में खरीदने व बेचने का कोई निश्चित समय नही होता है आप जब चाहे तब Open-Ended Mutual Fund खरीद व बेच सकते है |

आसान भाषा में : वह म्यूच्यूअल फंड्स जिसका ऑफर हमेशा खरीदने या बेचने के लिए खुला रहता है उसे Open-Ended Mutual Fund कहते है |

Open-Ended Mutual Fund काम कैसे करता है

जैसा कि आप जानते होंगे म्यूच्यूअल फंड्स UNIT System के आधार पर काम करता है यानि कि इसमें mutual fund unit जारी किये जाते है इस प्रकार हम कह सकते है कि open ended म्युचुअल फंड्स लचीला (flexible) बनाया जाता है ताकि नये Mutual Fund Unit जारी कियें जा सकते है |

अगर ज्यादा लोग किसी Open-Ended Mutual Fund में इन्वेस्ट करते है तो उसे फंड्स मैनेजर क्लोज़ एंडेड फंड्स में बदल देते है ताकि कोई नया व्यक्ति निवेश न कर सके |

Open-Ended Fund के लाभ

Open-Ended Mutual Fund के कई फायदे है -
जैसे:

आसानी से बेचना (Liquidity) : इन फंड्स में Liquidity सरल होती है मतलब आप आसानी से NAV प्राइस पर बेचकर अपना पैसा प्राप्त कर सकते है |

समय सीमा (Time Limit) : इन फंड्स को खरीदने व बेचने पर समय की पाबन्दी नही होती है |

कम पैसे से निवेश : आप अपने बचत के आधार पर कम पैसे से निवेश कर सकते है |

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एस आई पी क्या है | सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के फायदे | SIP Full Form | SIP Meaning in Hindi

क्या आप जानते है ? SIP का meaning क्या है? Mutual Fund में SIP कैसे करें ?

SIP Full Form in Hindi

SIP Full Form क्या है?

 आसान शब्दों में: Systematic investment plan (SIP) यानि इन्वेस्टमेंट करने का एक नियमित तरीका है जो एक महीने, दो महीनें , चार महीने आदि के अंदर किया जाना चाहिए | सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में एक निश्चित समय में investment होता  है |

सिप या SIP, mutual fund में इन्वेस्ट का सबसे बेहतरीन विकल्प में से एक है |

SIP Investment करने के लिए आपको बहुत बड़ी पूंजी की आवश्यकता नही होती है आप 100 रूपये की बचत से अपना SIP investment शुरु कर सकते है लेकिन कई म्यूच्यूअल फंड्स में आपको 500 से शुरु करना होता है|

Clear Tax के अनुसार
सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान, जिसे आमतौर पर SIP के रूप में संदर्भित किया जाता है, आपको अपनी पसंदीदा म्यूचुअल फंड स्कीम में नियमित रूप से एक निश्चित राशि निवेश करने की अनुमति देता है। एसआईपी में, हर महीने आपके बचत खाते से एक निश्चित राशि काटी जाती है और आपके द्वारा निवेश करने के लिए चुने गए म्यूचुअल फंड की ओर निर्देशित किया जाता है।

SIP के लाभ

  • इसमें आप कम पैसो (100, 500) से शुरुआत कर सकते है
  • कम से कम रिस्क में बेहतर लाभ
  • इसमें आपको बैंक या फिक्स्ड डिपाजिट से ज्यादा रिटर्न मिलता है
  •  SIP Mutual Fund Investment करने से Compound Interest (चक्रवृधि ब्याज )का लाभ
  • इससे आप बचत व निवेश करना सीखते है
  • शेयर बाजार के उतार चढ़ाव को आसानी से सहन कर सकते है
  • Mutual funds कम समय में नेगेटिव रिटर्न व लम्बे समय (3-5 वर्ष ) में पॉजिटिव रिटर्न देता है 
  • जब आपके पास पैसे हो तब शुरु कर सकते है
  • Mutual Fund में SIP निवेश करना बहुत ही आसान है

SIP से पहले ध्यान रखें

  • म्यूच्यूअल फंड्स कम्पनी के बहुत सारी म्यूच्यूअल फंड्स ऑफर या स्कीम है उन्हें अपने लक्ष्य के आधार पर चुने |
  • आप SIP के लिए एक धनराशि डिसाइड करे जैसे (1000, 2000 या आपके क्षमतानुसार )
  • म्यूच्यूअल फंड्स का चुनाव आपको खुद से करना होता है चाहे आप रेगुलर प्लान या डायरेक्ट प्लान ले|
  • KYC के लिए आपके पास पैन कार्ड (PAN Card ) व आधार कार्ड व बैंक डिटेल्स होना चाहिए |
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पेनी स्टॉक्स क्या होता है | पेनी स्टॉक्स में निवेश सही या गलत | Penny Stocks in Hindi

Penny Stocks in Hindi: क्या आप जानते है? पेनी स्टॉक्स (Penny Stocks ) क्या है?

Penny Stocks image

Penny Stocks क्या है?

Penny Stocks को जानने से पहले हम जान लेते है पेनी क्या होता है , आपने डायलॉग तो सुना ही होगा "मेरे पास एक रुपया नही है "  जिसका अंग्रेजी अर्थ " I Dont Have Any Penny" है |

आपने गौर किया मैंने रूपया और Penny दोनों शब्द का उपयोग किया है क्योंकी अंग्रेजी में सिक्के को Penny कहा जाता है |

अब आपको धीरे - धीरे समझ में आने लगा होगा कि Penny Stocks क्या हो सकते है | अगर आप सोच रहें है कि पेनी स्टॉक एक- दो रूपये में मिलते है तो आपका अनुमान एकदम सही है |

पेनी स्टॉक्स दरअसल वे स्टॉक्स होते है जिनकी दाम बहुत कम होता है इसलिए इन्हें Low Priced Stocks भी कहा जाता है |

लेकिन ध्यान रहें हर कम कीमत वाली स्टॉक्स पेनी स्टॉक्स नही होती है क्योंकि Share Market में उतार चढ़ाव आते रहते है इसलिए स्टॉक्स कई बार कम में मिलने लगते है इसलिए आपको एक पेनी स्टॉक्स को पहचान करना आना चाहिए |

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार
पेनी स्टॉक वे हैं जो बहुत कम कीमत पर व्यापार करते हैं, बहुत कम बाजार पूंजीकरण होता है, ज्यादातर अनूठे होते हैं, और आमतौर पर छोटे विनिमय पर सूचीबद्ध होते हैं। भारतीय शेयर बाजार में पेनी शेयरों की कीमत 10 रुपये से कम हो सकती है। ये स्टॉक प्रकृति में बहुत सट्टा हैं और तरलता की कमी, शेयरधारकों की कम संख्या, बड़ी बोली-पूछ फैलता है और जानकारी के सीमित प्रकटीकरण के कारण अत्यधिक जोखिम वाले माने जाते हैं। 

Penny Stocks का पता कैसे लगाये

भारतीय स्टॉक मार्केट में बहुत सारे पेनी स्टॉक्स है लेकिन पेनी स्टॉक्स को पहचान करने का बेहतर तरीका कौन सा है |
  • 1 रुपयें से लेकर 25-30 रूपये तक के स्टॉक्स को पेनी स्टॉक्स कहा जाता है |
  • इनकी मार्केट कैपिटलाइजेशन भी 100 करोड़ के आस पास होती है |

Penny Stocks में निवेश सही या गलत

अगर हम एक निवेशक की नजर से देखे तो हमें पेनी स्टॉक्स में निवेश सोच समझकर करना चाहिए क्योंकि एक लॉन्ग टर्म निवेशक प्राइस को देख कर इन्वेस्ट नही करता है | एक अच्छा इन्वेस्टर वह होता है जो कम्पनी के मैनेजमेंट व फंडामेंटल को अच्छे से समझ कर निवेश करता है |

आप भी पेनी स्टॉक्स में इसलिए निवेश न करे क्योंकि वह 10 रूपये में मिल रहा है और 20 रूपये होने में ज्यादा समय नही लगेगा |

किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले क्वालिटी की जांच अवश्य करें ताकि आपका पैसा सुरक्षित रहे | Penny Stocks में नुकसान होने के सम्भावना बहुत ज्यादा होती है |

इसे उन लोगों को भेजें जिन्हें आप penny stocks से होने वाले loss को बताना चाहते है :)

ट्रेडिंग अकाउंट क्या है | Trading Account in Hindi


ट्रेडिंग अकाउंट क्या है ?(Trading Account ) व स्टॉक मार्केट में  ट्रेडिंग अकाउंट की जरुरत क्यों होती है ?Trading Account किसके पास खुलवाते है? Trading Account और stock broker में क्या सम्बन्ध है?

Trading Account in hindi

Trading Account क्या है?

Trading Account वह अकाउंट है जिसकी मदद से हम स्टॉक मार्केट में शेयर खरीदने व बेचने का आर्डर देते है |

अगर आप Share Market में शेयर खरीदना व बेचना चाहते है तो आप ट्रेडिंग अकाउंट के माध्यम से अपना आर्डर दे सकते है | 

इसका मतलब है कि हमें ट्रेडिंग अकाउंट की आवश्यकता स्टॉक मार्केट से  केवल शेयर खरीदने व बेचने के लिए ही  होती है |

Trading Account व Stock Broker

Trading Account और स्टॉक ब्रोकर में क्या सम्बन्ध है इसका सीधा सा जवाब है अगर ट्रेडिंग अकाउंट रथ है तो स्टॉक ब्रोकर सारथी है |

आप जब भी trading account की मदद से शेयर खरीदने या बेचने का आर्डर देते है तो वह आर्डर सबसे पहले स्टॉक ब्रोकर के पास पहुँचता है उसके बाद स्टॉक ब्रोकर स्टॉक एक्सचेंज में आपके आर्डर को कम्पलीट कराता है |

अगर आप शेयर खरीदना (Buy ) व बेचना (Sell ) करना चाहते है तो आपको एक Trading Account व डीमैट अकाउंट खोलना होता है जिसे आप स्टॉक ब्रोकर के माध्यम से खुलवा सकते है |

मैं पहले ही डीमैट अकाउंट से संबंधीत पोस्ट लिख चूका हूँ जहाँ मैंने अकाउंट खुलवाने के लिए कौन कौन सी डॉक्यूमेंट की जरुरत होंगी बताया है जिसे आप ज्यादा जानकारी के लिए पढ़ सकते  है |

Trading Account प्लेटफार्म

स्टॉक ब्रोकर आपके सुविधा के लिए कई तरह के trading platform प्रोवाइड करता है-
जैसेः
  • फ़ोन से ट्रेड करने की सुविधा |
  • स्टॉक ब्रोकर के ऑफिस में जाकर ट्रेड करना |
  • स्मार्टफोन एप्लीकेशन के जरिये |
  • स्टॉक ब्रोकर की वेबसाइट से |
आप इन सभी माध्यम से ट्रेड कर सकते है पर ध्यान रखे स्टॉक ब्रोकर की सर्विसेस व उनकें चार्ज इन सेवाओं पर ही लिए जाते है | क्यों की भारत में फुल सर्विस ब्रोकर व डिस्काउंट सर्विस ब्रोकर दोनों है |

  • शेयर बाजार में  ट्रेडिंग के लिए  ट्रेडिंग अकाउंट की जरुरत होती है।
  • ट्रेडिंग अकाउंट के जरिये ही शेयरों की खरीद - ब्रिकी की जाती है।
  • ट्रेडिंग अकाउंट ब्रोकर के पास खुलवाना होता है। 
  • यह बैंक अकाउंट की तरह होता है।
  • इसे बैंक और डीमैट अकांउट से लिंक किया जा सकता है |
Source: MoneyControl


6 Successful Tips To Help You Get Better Multibagger Stocks

Are you searching for Multibagger Stocks?

 Here I Will tell you the 6 secrets that you can use to identify multi-bagger stocks.

An investor is always searching for multi-bagger stock for the investment and most of the time they don't find it, I will tell you the secrets but first, let's understand Multibagger.

Multibagger Stocks image

Multibagger Meaning

Stocks that multiple times multiply are called Multibagger means these types of stocks return multiple times to their cost. that's why all Investor search for multi-bagger stocks so they can get a higher return.

for example, you purchased a stock at the cost 10$ and hold it for three months, after three months the stock price moved up to 20$, so it called double baggers stock. Similarly, the price went up to 100$ in just 24 months or 2 years then it called 10 - baggers.

According to the Economics Times
Stocks that give returns that are several times their costs are called multibaggers. These are essentially stocks that are undervalued and have strong fundamentals, thus presenting themselves as great investment options. Multibagger stock companies are strong on corporate governance and have businesses that are scalable within a short span of time. 

6 Tips To Get Better Multibagger Stocks

Now I am going to reveal that 6 secrets to help you get better Mutlibagger stocks.

Future business potential

the first thing you want to buy stocks for the future, so make sure the companies future business potential will grow.

understand the reality, you will make money when the company will make money.

Calculate the Future Cashflow of the company because money is seen by the mind.

Buy Undervalued Stocks

Undervalued stocks mean stock which has a good fundamental and value but due to some reason, that stock is trading at low.

So always try to buy Undervalued Stocks, it can give you multiple returns. 

EBITDA

EBITDA stands for Earnings Before Interest Tax Depreciation Amortization. it indicates management performance,  if management is not doing well then that company will not be Multibagger.

so make sure EBITDA percentage is growing quarter on quarter.
"When we own portions of outstanding businesses with outstanding managements, our favorite holding period is forever." - Warren Buffett

Sales & Products

The best way to check the multi-bagger stock is by checking its Sales & Products.
if Sales of the company is growing, it means the company's product quality is very good.
that's why Sales is increasing.

Company's Debt

Company's Debt should be limited means 1:1 Debt to Equity Ratio is Considered well, but the debt level should not be higher than the debt ratio.

Source: economic times

ROE

ROE stands for Return on Equity, it means how much return equity capital or shareholders' fund is generating.

the company which has 25% ROE is considered good stocks.

These all the factor will help you to identify Multibagger stocks.

ब्लू चिप कंपनी क्या है | ब्लू चिप शेयर्स की खास बातें | Blue Chip Companies in Hindi

Blue Chip Companies in Hindi

Blue Chip Companies in Hindi

ब्लू चिप का इतिहास बहुत पुराना है, कहा जाता है कि ब्लू चिप नाम पोकर नाम के एक खेल से लिया गया है | पोकर खेल में ब्लू चिप सबसे मूल्यवान होता था और इसी की वजह से स्टॉक मार्केट में बड़ी कम्पनियों को भी ब्लू चिप नाम मिलने लगा |

भारत में वैसे तो कई Blue Chip Companies है | Blue Chip shares को ही ब्लू चिप स्टॉक बोला जाता है इनमे आपको कुछ विशेषताएं देखने को मिलती है |

ब्लू चिप कंपनियों में निवेशकों का ज्यादा भरोसा होता है क्योकिं ये कंपनिया कई दशकों से बिज़नस कर रही होती है और इन कंपनियों के शेयर के प्राइस में भी ज्यादा उतार चढाव नही होता है |

ब्लू चिप कंपनियों प्रॉफिट होने पर डिविडेंड देने के लिए भी बहुत फेमस होती है और इसलिए ये कंपनिया निवेशको के लिए बहुत ही आकर्षक हो जाती है |

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Bull Market और Bear Market क्या है ? Bull Market vs Bear market in Hindi

आपने कई बार समाचार चैनल्स में Bull Market और Bear market के बारे में जरुर सुना होगा लेकिन आखिर ये Bull and Bear market होता क्या है | Bear market में लोग डरते क्यों है वही Bull market में लोग बहुत ज्यादा खुश होते है |

Bull Market vs Bear market

Stock Market में उतार चढ़ाव

Bull Market और Bear market के बारे में जानने से पहले आपको शेयर बाज़ार के उतार चढ़ाव को समझ लेना चाहिए |
शेयर बाजार में हर दिन स्टॉक मार्केट खुलने के बाद Bull व Bear के बीच लड़ाई होती है | जिनकी संख्या ज्यादा होती है उस दिन वे जीत जाते है | इन्ही के कारण शेयर बाज़ार में उतार चढ़ाव आते है |

शेयर बाज़ार में स्टॉक के प्राइस कम या ज्यादा होते रहते है कोई शेयर के दाम कभी कभी बहुत तेजी से बढ़ जाते है तो वही कही स्टॉक्स के दाम बहुत तेजी से कम होते है |

बैल व भालू (Bull and Bear)

जैसा की आप जानते है हिन्दी में Bull का अर्थ है – बैल, वही Bear का अर्थ – भालू होता है |

लेकिन बैल और भालू का शेयर मार्केट में क्या काम है, आइये समझने का प्रयास करे बुल व बियर का स्टॉक मार्केट में क्या अर्थ होता है |

Bull का अर्थ है – तेजी, वही Bear का अर्थ – मंदी

अब आइये जानते है एक Bull व Bear स्टॉक मार्केट में कैसे आते है और बुल मार्केट व बियर मार्केट का क्या मतलब होता है -

Bear Market क्या है 

स्टॉक बाज़ार में दो तरह के निवेशक होते है 

पहले वाले आनुमान लगाते है कि आज बाज़ार उपर जायेगा |

दुसरे वाले अनुमान लगाते है कि बाज़ार नीचें जायेगा |

लेकिन जीत उसकी होती है जिसकी मार्केट में संख्या ज्यादा होती है | 

Bear Market की स्थिति तब आती है जब बहुत से लोग शेयर को खरीदने के बजाय बेचने लगते है |

ऐसा किसी खराब खबर के आने पर होता है 

जैसेः

  • कच्चे तेल व डॉलर की कीमत एक साथ बढ़ना |
  • विश्व में आर्थिक मंदी के संकेत |
  • देश विदेश की आंतरिक व बाहरी घटनाएँ आदि |

जब बड़ा Bear Market आता है तो 10 में से लगभग 9 स्टॉक का दाम गिर जाता है या कम्पनी के शेयर के दाम 25% तक या उससे ज्यादा गिर जाता है |

Bull Market क्या है

जैसा की आपने जाना किसी भी स्टॉक मार्केट में दो तरह के निवेशक होते है उनमे जीत उसी की होती है जिनकी संख्या ज्यादा होती है |

Bull Market की स्थिति तब आती है जब बहुत से लोग शेयर को खरीदने लगते है |

ऐसा किसी अच्छी खबर के आने पर होता है |

जैसेः
  • कम्पनियों का प्रॉफिट बढ़ना |
  • देश में चुनाव की अच्छे परिणाम |
  • कच्चे तेल व डॉलर की कीमत एक साथ कम होना |

जब बड़ा Bull Market आता है तो 10 में से लगभग 9 स्टॉक का दाम बढ़ने लगता है या कम्पनी के शेयर के दाम 25% तक या उससे भी ज्यादा बढ़ जाता है |

उम्मीद करता हूँ कि आपको स्टॉक मार्केट में Bull Market vs Bear market का मतलब समझ आ गया होगा |