कंपाउंड इन्टरेस्ट क्या है | Compound Interest in Hindi

चक्रवृधि ब्याज (Compound Interest) एक अजूबा है , ये मैंने नही कह रहा दुनिया के महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइन्स्टीन ने कहा है |  आइये देखे कंपाउंड इन्टरेस्ट फार्मूला (Compound Interest formula) का प्रयोग कंपाउंड इन्टरेस्ट कैलकुलेट करने के लिए कैसे करते है |

Compound Interest Formula

What is Interest (ब्याज क्या है)

Interest: जो हमें पैसे जमा करने पर बैंक या साहूकार हमारे पैसे के उपर में देता है उसे ब्याज कहते है |

ब्याज दो प्रकार के होते है

Simple Interest ( साधारण ब्याज) : जब कोई व्यक्ति लोन लेता या देता है तो उस लोन पर एक निश्चित समय(Time) में मिलने वाला ब्याज (Interest ) और पैसा (Amount ) फिक्स्ड रहता है तो उसे साधारण ब्याज कहा जाता है |

आप इस फार्मूला का प्रयोग करके साधारण ब्याज कैलकुलेट कर सकते है |

साधारण ब्याज = (मूलधन x समय x दर) / 100

जैसेः 

Ram ने 5% की दर से 5000 रूपयें का लोन दिया |

5000 रूपयें मूलधन है जिसमे 5% की दर से ब्याज को जोड़ा जायेगा |

पहला साधारण ब्याज:  250 रूपयें
दूसरा साधारण ब्याज:  250 रूपयें
तीसरा साधारण ब्याज:  250 रूपयें

कुल(Total) : 5750 रूपये (तीन महीने बाद)

Compound Interest(चक्रवृधि ब्याज ) : चक्रवृधि ब्याज,  साधारण ब्याज से पूरी तरह अलग है,
Compound Interest(चक्रवृधि ब्याज ) में जब कोई व्यक्ति लोन लेता या देता है तो मूलधन(principal Amount)  समय के साथ बदलते रहता है क्योंकि इसमें पुराने मूलधन में उसके ब्याज को जोड़ दिया जाता है |
और ये लगातार चलते रहता है जबतक लोन चुकाया न जाये |

एक बात ध्यान रखे आपको सेविंग बैंक, फिक्स्ड डिपाजिट, आदि में साधारण ब्याज मिलता है, आपको कंपाउंड इन्टरेस्ट नही मिलता है और इसलिए आपका पैसा तेजी से नही बढ़ता है |

Compound Interest Formula

आप इस फार्मूला का प्रयोग कर सकते हैं -

कुल रकम = मूलधन (1+दर) x समय

मूलधन = (दिया या लिया गया लोन )
ब्याज दर = ( निर्धारित ब्याज का दर उदाहरण 5%)

समय = समय अवधि 

जैसेः 

श्याम ने 5% की दर से 5000 रूपयें का लोन कंपाउंड इंटरेस्ट पर दिया |

5000 रूपयें यहाँ पर मूलधन है जिसमे 5% की दर से ब्याज को जोड़ा जायेगा |

पहला चक्रवृधि ब्याज:  250 रूपयें
दूसरा चक्रवृधि ब्याज:  262.5 रूपयें (5000 + 250 = 5250 का ब्याज )
तीसरा चक्रवृधि ब्याज:  275.63 रूपयें (5250 + 262.5 = 5512.5 का ब्याज )

कुल(Total) : 5788.13 रूपये (तीन महीने बाद)

आपने देखा की कैसे चक्रवृधि ब्याज , साधारण ब्याज से अलग है, और किस तरह से आपको ज्यादा ब्याज मिला है | mutual funds और शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने से आपको कंपाउंड इन्टरेस्ट मिलता है,  इसलिए आप शेयर बाजार और mutual funds के बारे में सीखना शुरु करे ताकि आप भी अपनी पैसा तेज़ी से बढ़ा सकें | 

इनकम कैसे बढ़ाये | इनकम बढ़ाने के नये तरीक़े | Income Kaise Badhaye

Income Kaise Badhaye: क्या आप अपनी आमदनी या इनकम बढ़ाना चाहते है ? क्या आप भी अपनी मनपसंद चीजों को खरीदना और  यात्रायें करना चाहते है ? यंहा मैं आपको income बढ़ाने के कुछ सरल तरीकों के बारे में बताने वाला हूँ |

income kaise badhaye

इनकम कैसे बढ़ाये?

आय या इनकम बढ़ाना बहुत ही आसान है, इनकम बढाकर आप अपनी आवश्यकताओं कों पूरा कर सकते है आप विदेश यात्रायें कर सकते है, अपनी लाइफ को जीने के तरीकें में बदलाव ला सकते है, अपने परिवार को बहुत सारी खुशियाँ दे सकते है |

अगर आप income बढ़ाना चाहते है तो आपको थोड़े से प्रयास करने की जरूरत है जिससे आपके इनकम में निश्चित तौर पर वृद्धि होगी |

ये भी पढ़े:
कैश फ्लो कैसे बढ़ाये ?

इन बातोँ को ध्यान रखें

1. अगर आपके पास नौकरी है या आप काम नही करते है लेकिन समय सभी के पास 24 घंटे ही होते है, तो आपके पास जितना समय बचता है उसमें आप नये स्किल्स को सीखें जैसे- ब्लॉग्गिंग , वेबसाइट डेवलपमेंट या नये भाषाओं को सीखें | या आप जो करते है उसमें एक्सपर्ट बने और लोगो को सिखाएं |

2. अपने इनकम या आय का 10 प्रतिशत बचत करके निवेश करें | चाहें आपको इनकम किसी भी तरह से आ रहे हो | म्युचुअल फण्ड में निवेश तो आप 500 रूपयें से भी शुरु कर सकते है | यानि कि एसेट (संपत्ति) खरीदें |

3. इन्टरनेट का इस्तेमाल नये चीजों को सीखने के लिए भी करें ..और अपने कौशल को यूट्यूब चैनल व् फेसबुक पेज से लोगों तक पहुचाएं और आमदनी कमायें | ये दूसरा स्त्रोत है Income ज्यादा करने का |

4. नये चीजों को सीखने के लिए Google में खोजे या सर्च करे जैसेः

"यूट्यूब से पैसे कैसे कमाए "
"म्युचुअल फण्ड क्या है "
"फेसबुक से पैसे कैसे कमाए"
"शेयर बाजार से अमीर कैसे बनते है"

उपर के चारों बातें सही है, बहुत से लोग आज यूट्यूब, म्यूच्यूअल फण्ड,फेसबुक, शेयर बाजार से अच्छी इनकम कमा रहे है |

5. नये चीजों को सीखने के लिए जिज्ञासा रखें और गूगल का प्रयोग अवश्य करें

6. अपने आपको एक ब्राण्ड बनाओं ..और सभी सोशल मीडिया में कंटेंट बनाकर शेयर करें


कैशफ़्लो कैसे बढ़ाये | Cash Flow in Hindi

Cash Flow in Hindi: क्या आपका Cashflow बढ़ रहा है? दुनिया में अमीरों की संख्या कम क्यों है और उनके पास इतना Cashflow कैसे आता है ? मैं आज Cashflow को बढ़ाने के तरीकें बताने वाला हूँ जिससे आप Cashflow को आसानी से बढ़ा सकते है |

Cash Flow in Hindi


कुछ समय पहले तक मैं इस बात से अनजान था कि अमीरों के पास इतना पैसा कहा आता से है | अमीरों लोग ऐसा क्या जानते है जो माध्यम वर्ग व निम्न वर्ग के लोगों को पता नही होता है | क्या अमीरों के पास पैसो का पेड़ होता है ?

एक ऐसा पेड़ जिसमें फल की जगह पर पैसे निकलते है और जब भी अमीरों को पैसा चाहिए तो वे उस पेड़ से तोड़ लेते है |

लेकिन अमीर लोगों के पास पैसों के पेड़ का बीज कहा से आया , क्या यह पैसो का पेड़ आम के पेड़ की तरह दिखते है जिसमे हरे आम की जगह हरे नोट फलते है |

Cashflow कैसे बढ़ाये?

Cashflow बढ़ाने के लिए आपको पैसों के पेड़ के बीजों को बोना होता है यह बीज हर किसी के पास होता है और यह आपके पास भी है | हर कोई इन बीजों को लगाकर उसें सींचकर बड़ा करके अपना cashflow बढाकर एक अमीर इंसान बन सकता है|

आप भी एक अमीर इंसान बन सकते है बशर्तें आपने पैसों के पेड़ का वह बीज लगायें हो | अगर आपने अभी तक पेड़ नही लगाया है तो आज ही लगाये क्योंकि बीज आपके पास है |

पैसों के पेड़ का बीज बचत (Saving ) करना है जिसे आप आसानी से कर सकतें है और बचत के बाद जो  भी पैसा आपके पास एकत्र होता है उससे आपको संपत्ति खरीदना है |

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संपत्ति क्या है ?

हर एक चीज है जो आपके पॉकेट या जेब में कैश या पैसा डालती है उसे संपत्ति कहते है | जब आप संपत्ति खरीदते है संपत्ति आपके लिए काम करना शुरु कर देती है |

संपत्ति कई तरह के होते है कुछ संपत्ति तो आप पहले ही खरीद चुकें होंगे |
  • जमीन या रियल एस्टेट
  • सोना 
  • फिक्स्ड डिपोजिट
  • म्युचुअल फण्ड
  • शेयर बाजार
इन सम्पत्तियों के पास अदृश्य हाथ होते है जो हमें आपको भलें ही दिखाई न देते हो लेकिन वे हमारें लिए काम करते है | आप जितने ज्यादा संपत्ति खरीदेंगे आपके पास उतने ज्यादा अदृश्य हाथ होंगे जो केवल आपके लिए काम करेंगे |

संपत्ति ही वह साधन है जो आपके कैश flow को बढ़ाने में मदद करती है लेकिन संपत्ति खरीदने के लिए आपको बचत करना जरुरी है | आज से ही बचत शुरू करें और संपत्ति ख़रीदे |

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मल्तीबैगर स्टॉक क्या है | ऐसे खोजें Multibagger Stocks

Multibagger Stocks: क्या आप जानतें है? Multibagger stocks क्या है ? व Multibagger कैसे पता करते है?

शेयर बाजार में इन्वेस्ट करके आप पैसा कमाना चाहते है लेकिन इसके लिए आपको एक ऐसे स्टॉक की जरूरत होगी जो आपको कई गुना तक का रिटर्न दे सके, पर ऐसे स्टॉक या शेयर की पहचान क्या है जो आपको multibagger रिटर्न दे |
multibagger

Multibagger stocks क्या है?

स्टॉक जो अपनें खरीदें गयें दाम से कई गुना ज्यादा रिटर्न देते है उन stocks को multibagger stocks कहा जाता है | multibagger stocks के फंडामेंटल काफ़ी स्ट्रोंग होते है इसलिए ऐसे स्टॉक में निवेश करना इन्वेस्टर्स के लिए फायदेमंद होता है |

उदाहरण: अगर आपनें कोई स्टॉक 200 के भाव पर ख़रीदा है जो 5 साल के अंदर 2000 हो जाता है तो उसे 10 बैगर कहते है |

Multibagger stocks कैसे पता करें?

मैं अब 5 सीक्रेट्स के बारे में बताने वाला हूँ जिसको ध्यान में रखकर multibagger stocks का पता लगा सकतें है-

बिज़नेस ग्रोथ: आप अगर मल्तीबैगर स्टॉक की तलाश कर रहें है तो आपको उस कंपनी कि तलाश करनी चाहिए जिसकी फ्यूचर बिजनेस में बहुत ज्यादा ग्रोथ होने वाली है|

जब भी आप किसी स्टॉक में इन्वेस्ट करने का प्लान बना रहे है तो आपको सबसे उस स्टॉक के भविष्य के फ्यूचर बिजनेस को ध्यान में रखना चाहिए |

सेल्स & प्रोडक्ट्स: multibagger stocks को पहचानने का सबसे बेहतरीन तरीका है कि आप कम्पनी के सेल्स व प्रोडक्ट्स को चेक करें क्योकिं जब तक कम्पनी का प्रोडक्ट सही नही है तब तक सेल्स नही बढ़ेगा और अगर सेल्स नही बढ़ेगा तो कम्पनी का profit भी नहीं बढ़ेगा |

अतः सेल्स बढ़ रहा है कि नही यह पता करना आवश्यक हो जाता है |

अंदरवैल्यूड स्टॉक ख़रीदे: ऐसे स्टॉक जिनके फंडामेंटल काफ़ी अच्छे होते है पर कुछ वजहों से अपने वास्तविक मूल्य से कम दाम में ट्रैड होते है उन्हें undervalued stocks कहतें है | अगर आप ऐसें स्टॉक को खरीदते है तो आपके multibagger रिटर्न मिलने के चांसेस बढ़ जाते है |

कंपनी पर उधार: कंपनी का उधार कम से कम हो क्योंकि जब कोई जब कोई कम्पनी उधार लेकर काम करती है तो उसे अपने प्रोफिट से सबसे पहले लोन व ब्याज चुकाने पढ़ते है |

अगर आपने कभी उधार लिया होतो आप इसे अच्छे से समझ सकते है |

रिटर्न ओन इक्विटी: अगर कम्पनी का रिटर्न ओन इक्विटी 25% या इससे ज्यादा है तो यह एक अच्छे स्टॉक की निशानी होती है |

इस पोस्ट को उन लोगों को भेजें जिन्हें आप multibagger stocks पहचानने में मदद करना पसंद करेंगें :)

कैश फ्लो क्या है | Cash Flow in Hindi

क्या आप जानते है? Cash flow क्या है ? कैश फ्लो किस दिशा में होता है? आप अपनी तरफ कैश के flow को ज्यादा कैसे कर सकते हैं ?

cash flow

Cash या Money की आवश्यकता

आपके या मेरे जीवन की दैनिक जरूरत जैसेः रोटी, कपड़ा, व् मकान आदि के लिए money या cash कि आवश्यकता होती है |  प्राथमिक सुविधाए स्वास्थ, शिक्षा , परिवहन आदि के लिए भी पैसे लगते है |

आवश्यकतायें कभी भी कम नही होती है इसलिए हम सबको ज्यादा से ज्यादा cash बनाना चाहिए लेकिन अगर आप नही जानते है कि कैश flow किस दिशा में होती है तो आप ज्यादा cash flow अपने तरफ कैसे करेंगे |

Cash Flow क्या है?

Cash या पैसा आपके पास किस तरह आता है और किस तरह चला जाता है इस पूरी क्रिया को ही cash flow कहा जाता है |
cash flow से हमें यह भी पता चलता है कि इनकम , खर्च, संपत्ति , व् दायित्व क्या है, इन सबको हम नीचें चर्चा करेंगे |

Cash Flow की दिशा

कैश फ्लो दो दिशाओं में होती हैं -

Cash Outflow: कैश आउटफ्लो का मतलब है पैसा आपसे दूर जाता है | आपसे पैसा दूर इसलिए जाता है क्योंकि आप सम्पति न खरीद कर दायित्व खरीदते है जिसकी आपको जरुरत भी नही होती है |

Cash Inflow: कैश इनफ्लो का मतलब है पैसा आपकी तरफ आता है | कैश इनफ्लो के बहुत से तरीकें है जिससें आपके पास ज्यादा पैसे आतें है और जिसकी वजह से आप धनवान बनते जाते है | आपके पास इनकम आने के केवल चार रास्ते है -
  • बिजनेस से
  • इन्वेस्टिंग से
  • खुद का बिजनेस से (जैसे बढ़ाई, डॉक्टर, वकील, आदि )
  • नौकरी से
लेकिन अपने पास ज्यादा पैसा लाने के लिए आपको संम्पत्ति खरीदनी होती है |

संपत्ति और दायित्व क्या है?

दायित्व का अर्थ होता है जो आपके जेब या पॉकेट से पैसे खर्च कराता है- जैसेः अनावश्यक चीजों को खरीदना जिसकी जरुरत ही नही है | जैसे कपडें होने पर भी कपडें खरीदना या  एक स्मार्टफोन होने पर भी दूसरा स्मार्टफोन खरीदना आदि |

संम्पति का अर्थ होता है जो आपके जेब या पॉकेट में पैसा डालता या इनकम करता है क्योकिं संपत्ति आपके लिए काम करती है | संपत्ति कई प्रकार के होते है जिनसे आप अपने जेब में ज्यादा पैसे डाल सकते है |
  • बचत करना
  • फिक्स्ड डिपोजिट करना
  • रियल एस्टेट या जमीन खरीदना
  • म्युचुअल फण्ड में निवेश करना
  • स्टॉक मार्केट में निवेश करना
अगर आप भी ज्यादा कैश अपनी तरफ लाना चाहते है तो आप थोड़ा थोड़ा बचत करना शुरू करें और उन पैसों से सम्पति खरीदते रहे क्योंकि जब आप संपत्ति खरीदते है तो संपतिया आपको कमा कर देती है |

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फंडामेंटल एनालिसिस क्या है | फंडामेंटल एनालिसिस की महत्वपूर्ण बातें | Fundamental analysis in Hindi

फंडामेंटल एनालिसिस क्या है | फंडामेंटल एनालिसिस की महत्वपूर्ण बातें | Fundamental analysis in Hindi
क्या आप जानते है? fundamental Analysis एक निवेशक के लिए महत्वपूर्ण क्यों है ?

Fundamental Analysis क्या है?

Fundamental analysis किसी बिज़नस के intrinsic value को परखने का एक कला है | जब कोई इन्वेस्टर लॉन्ग टर्म के लिए किसी बिज़नस में इन्वेस्ट करना चाहता है ऐसे में उस इन्वेस्टर को बिज़नस के अलग अलग पर्सपेक्टिव को समझना बहुत ही आवश्यक होता है |

Fundamental Analysis महत्वपूर्ण क्यों है ?

अगर कोई निवेशक Fundamentally strong कंपनी को पहचान लेता है तो वह कंपनी उस निवेशक को लॉन्ग टर्म में निश्चित ही अच्छा वेल्थ बना के देती है |

भारतीय Share Market में आपको fundamentally strong कंपनी के कई उदाहरण देखने को मिल जायेंगे | इन कंपनियों ने पिछलें 10 वर्षो में 20% से 30% का वार्षिक compounded रिटर्न दिया है | जैसेः आइचेर्स मोटर्स , पेज इंडस्ट्री आदि |

लेकिन आने वाले वर्षो में ये कंपनिया रिटर्न देगी या नही इसके लिए fundamental analysis जरुरी है |

अब कोई निवेशक जो अपनें निवेश किये गये राशि को 3.5 वर्ष में बढ़ाना चाहता है वह निश्चित ही इस प्रकार के fundamentally strong कंपनी में इन्वेस्टमेंट करना पसंद करेगा इसलिए fundamental analysis करना एक निवेशक के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है |

Fundamental Analysis के लिए शिक्षा

Fundamental analysis करने के लिए आपको एक चार्टेड एकाउंटेंट होने कि आवश्यकता नही है और न ही आपको एक कॉमर्स प्रोफेशनल होने की जरुरत है | अगर आपमें नीचें दी गई कौशल है तो आप भी आसानी से fundamental analysis कर सकते है -
  • बेसिक finanacial स्टेटमेंट के समझते हों
  • बेसिक मैथ जैसेः जोड़ , घटाना , गुणा, भाग आदि समझते हों
  • बिज़नस व् इंडस्ट्री के कामकाज को समझते हों
अगर आप थोड़ा सा समय प्रतिदिन देते है तो इन fundamental analysis के कौशल को सीखना बहुत ही आसान है|

बोनस शेयर क्या है | बोनस शेयर किसे मिलता है | Bonus Share in Hindi

बोनस शेयर क्या है | बोनस शेयर किसे मिलता है | Bonus Share in Hindi
क्या आप जानते है? बोनस शेयर क्या है? (What is Bonus Share? ) कोई कंपनी बोनस शेयर क्यों और कब देती है?

Bonus Share क्या है?

Bonus Share कम्पनी के द्वारा issue किया जाने वाला शेयर है जिसे कम्पनी अपने शेयर होल्डर्स को रिवॉर्ड या इनाम के रूप में देती है | Bonus share को कंपनी के शेयरहोल्डर फंड्स से issue किया जाता है |

Bonus Share Issue कैसे होता है?

ये शेयर कंपनी के शेयर होल्डर्स को free में दिया जाता है इसलिए इसका अलोटमेंट फिक्स्ड रेश्यो में किया जाता है जैसेः 1:1, 2:1, 3:1, 5:1 आदि | आप को कितना बोनस शेयर मिलेगा यह आपके द्वारा होल्ड किये गयें शेयर के आधार पर तय किया जाता है |
बोनस इशूबोनस से पहले शेयर बोनस से पहले शेयर मूल्यइन्वेस्टमेंट राशिबोनस के बाद शेयरबोनस के बाद शेयर मूल्यइन्वेस्टमेंट राशि
1:1100757,50020037.57500
3:13055016,500120137.516,500
5:120001530,00012,0002.530,000


उपर उदाहरण में आप देख सकते है कि अगर issue रेश्यो 1:1 है तो आपको एक शेयर के साथ में केवल एक शेयर मिलेगा मतलब अगर आपने 100 शेयर होल्ड करके रखे है तो आपके पास 200 शेयर हो जायेंगे, पर आपका इन्वेस्ट किया गया राशि या अमाउंट उतना ही रहेगा|

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Bonus Share कब दिया जाता है?

जब कंपनी के शेयर का मूल्य बहुत ज्यादा हो जाता है तो कंपनी के शेयर को खरीदना एक नये इन्वेस्टर के लिए मुश्किल हो जाता है ऐसें में कंपनी रिटेल पार्टिसिपेशन को बढ़ाने के लिए Bonus Share issue करती है|

बोनस शेयर इशू करने से कंपनी के शेयर की संख्या बढ़ जाता है और उसके प्राइस या मूल्य में भी कमी आती है जिससे ज्यादा इन्वेस्टर कंपनी के शेयर को कम कीमत में खरीद सके|

इस पोस्ट को उन लोगों को भेजों जिन्हे आप Bonus share के बारे में बताना चाहतें है :)

शेयर क्या होता है | शेयर के सारे राज व लाभ | Share in Hindi

Share in Hindi: क्या आप जानते है ? शेयर क्या है ?( What is Share ?) और शेयर क्या काम आता है ? कोई कम्पनी Share Market में  शेयर क्यों बेचती है ?

share in hindi

Share क्या है ?

सरल भाषा में बिज़नस -जब भी कोई कंपनी कुछ समान या सर्विसेस बनाती है और उसे बेचती है तो उसे बिज़नस कहते है |

Share व बिज़नस का क्या कनेक्शन है ?

शेयर बिज़नस का एक हिस्सा होता है अर्थात किसी बिज़नेस का छोटा सा टुकड़ा है, लेकिन कोई कम्पनी शेयर को शेयर मार्केट में क्यों बेचती है, क्या ऐसा एक कम्पनी अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए करती है ?

जब किसी कम्पनी को अपने नये ब्रांच व व्यापार को बढ़ाने के लिए बहुत ज्यादा पैसे की जरुरत होती है तो ऐसे में कम्पनी आम जनता से पैसे लेकर अपना व्यापार करती है |

जिसके लिए Share market एक बाज़ार का काम करता है| जहाँ पर उन कंपनियों के शेयर उपलब्ध रहते है जो कम्पनी अपना शेयर लिस्ट कराती है ताकि आम पब्लिक कम्पनी के शेयर को खरीद सके|

जैसेः आइचर्स मोटर्स, पेज इंडस्ट्री आदि|

Share क्यों खरीदा जाता है

कोई व्यक्ति किसी कम्पनी का Share इसलिए खरीदता है ताकि उसे मुनाफा हो मतलब कि जब आप एक कम्पनी के Share खरीदते है तो आप उस कम्पनी के हिस्सेदार हो जाते है और जब कम्पनी ग्रोथ ( व्यापार बढ़ना ) करती है तो उसका लाभ शेयर धारक के बीच में बांटा जाता है |

जब भी आप Share खरीदते है तो आपको कम्पनी में हिस्सेदारी का डॉक्यूमेंट दिया जाता है जो आज कल डिजिटल रूप में आता है | जिस आपके डीमैट अकाउंट में रखा जाता है|

अगर आपने ने किसी कम्पनी का शेयर 500 रूपये के भाव में ख़रीदा है तो इसका मतलब है कि आपने उस कम्पनी का थोड़ा सा हिस्सा ख़रीदा है और जब कंपनी ग्रोथ करती है तो उसके साथ Share का भाव भी बढ़ता है (जैसेः 600, 750 , 900, 1000 आदि )

ऐसे में आपने कम्पनी के 50 शेयर 500 रूपये के दाम पर 25000 रूपये में खरीदा था जिसका भाव बढ़कर 900 हो गया है मतलब आपको प्रति शेयर 400 रूपये का मुनाफा होगा |

50 शेयर X 900 रूपये = 45000 रूपये 
45000 - 25000 = 20000 रूपये (लाभ हुआ ) 

यहाँ आप देख सकते है कि किस प्रकार 25000 रूपये का शेयर 45000 रूपये का हो जाता है जिसमे आपको 20000 रूपये का शुद्ध लाभ होता है |

इसे आप उन लोगों को भेजें जिन्हें आप share के बारे में सिखाना चाहते है :)

डिविडेंड क्या है | डिविडेंड कब मिलता है | Dividend in Hindi

क्या आपको कभी Dividend मिला है ? कोई कंपनी डिविडेंड कब देती है?  इन्तरिम और फाइनल डिविडेंड क्या होता है ?

Dividend क्या है ?

Dividend in hindi

डिविडेंड या लाभांश का मतलब है – कंपनी में लाभ का अंश !

कोई भी कंपनी डिविडेंड या लाभांश कंपनी के द्वारा प्रोफिट्स किये जाने पर कंपनी के शेयर होल्डर्स को देती है |

कोई भी कंपनी प्रति वर्ष Dividend देगी या नही इसे कोई नही जानता है, क्योंकि यह निश्चित नही है कि कंपनी हर साल ग्रोथ करती रहेगी, लेकिन कई ऐसी भी कंपनिया होती है जो लगातार हर वर्ष डिविडेंड देती है इसलिए ऐसी कंपनिया इन्वेस्टर्स को ज्यादा लुभाती है |

Dividend प्रति शेयर के हिसाब से किसी कम्पनी के शेयर होल्डर्स को दिया जाता है |

उदहारण - मान लीजिये अगर आपके पास ABC कम्पनी के 500 शेयर है और कम्पनी ने 1 रुपयें प्रति शेयर डिविडेंड देने की है तो आपको 500 x 1 = 500 रूपये डिविडेंड के रूप में मिलेंगे |

Dividend की घोषणा (Dividend Announcement)

कंपनी के द्वारा डिविडेंड की घोषणा कम्पनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स के द्वारा Annual General Meetings (AGM) में किया जाता है मतलब डिविडेंड देना है या नही पूरी तरह से कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स पर निर्भर करता है |

क्योंकि कई बार कम्पनी अपने मुनाफे को डिविडेंड न दे करके कम्पनी के नये ब्रांच खोलने या अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए खर्च करती है |

Dividend के प्रकार (Types of Dividend)

कोई भी कंपनी डिविडेंड फाइनेंसियल इयर के अंदर किसी भी समय दे सकती है इसलिए इसके दो प्रकार है -

Intrim Dividend : जब कोई कम्पनी फाइनेंसियल इयर के भीतर डिविडेंड देने की घोषणा करती है तो उसे Intrim Dividend कहते है |

Final Dividend : जब कम्पनी फाइनेंसियल इयर के अंत में डिविडेंड देने की घोषणा करती है तो उसे Final Dividend कहते है |

इसके साथ ही कई मौकों पर कम्पनी Special Dividend (स्पेशल डिविडेंड ) भी दे सकती है |

Dividend Calculations

डिविडेंड को फेस वैल्यू के परसेंटेज के रूप में भी व्यक्त किया जाता है - मान लीजिये कम्पनी ABC ने 5 रुपयें डिविडेंड की घोषणा की है और कंपनी का फेस वैल्यू 1 रूपये है तो paid किया गया डिविडेंड है -

5/1 = 500%

इस तरह कंपनी ने फेस वैल्यू का 500% डिविडेंड दिया है |

Dividend Dates

डिविडेंड की घोषणा कम्पनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स Annual General Meetings (AGM) में करती है लेकिन घोषणा के तुरंत बाद ही डिविडेंड नही दिया जाता है क्योकिं शेयर्स सालभर ट्रेड होते है इसलिए किसे डिविडेंड दिया जाये, यह पता करना कठिन होता है |

आप इसे डिविडेंड साइकिल (चक्र ) से समझ सकते है -

Dividend Declaration Date: इस दिन कंपनी अपने शेयर होल्डर को डिविडेंड देने की घोषणा करती है |

Record Date: इस दिन कंपनी अपने शेयर होल्डर्स रजिस्टर की समीक्षा करती है कि किन किन लोगो के पास शेयर्स है, जो डिविडेंड पाने के हक़दार है | आमतौर पर डिविडेंड डिक्लेरेशन्स डेट व रिकॉर्ड डेट के बीच का समय 30 दिन होता है |

Ex Date/Ex Dividend date: यह Last date होता है, अगर इस Date के बाद  किसी ने स्टॉक या शेयर ख़रीदा है, तो उसे डिविडेंड नहीं मिलेगा

Dividend Payout Date: इसी दिन कंपनी अपने हक़दार शेयर होल्डर्स को डिविडेंड देती है |

आप इसे सात लोंगो को भेजें ताकि उनको dividend के बारे में ज्यादा जानकारी मिल सकें :)